विकास की रफ्तार या जाम का जाल? तिलपता चौक पर रोज क्यों थम जाती है ट्रैफिक की सांस, जानिए बड़ी वजह

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ग्रेटर नोएडा के तिलपता चौक पर रोजाना जाम की समस्या लोगों की दिनचर्या और परिवार के समय पर असर डाल रही है. अधूरे पुल और अंडरपास, बढ़ती वाहनों की संख्या और भविष्य की जरूरतों को न देखते हुए बनाई गई योजनाओं के कारण स्थानीय लोग लगातार परेशान हैं.

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ग्रेटर नोएडा. ग्रेटर नोएडा के तिलपता चौक क्षेत्र में विकास के दावों के बीच ट्रैफिक की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि अधूरे पड़े पुल और अंडरपास, बढ़ती वाहनों की संख्या और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में न रखते हुए योजना बनाने की वजह से रोजाना जाम की स्थिति बन रही है. इसका सीधा असर लोगों की दिनचर्या, कामकाज और परिवार के समय पर पड़ रहा है.

अधूरा पुल और अंडरपास बढ़ा रहे परेशानी
स्थानीय निवासी प्रोफेसर आरबी सिंह ने बताया कि तिलपता चौक के पास आने-जाने में अक्सर 30 से 35 मिनट लग जाते हैं. उन्होंने कहा कि पैरामाउंट सोसायटी के पास अंडरपास 5 साल से बन रहा है, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हुआ. उनका कहना है कि ओवरब्रिज का निर्माण भी भविष्य को देखते हुए तिलक गोल चक्कर तक बढ़ाया जाना चाहिए था. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते बुनियादी ढांचा पूरा नहीं हुआ तो जाम की स्थिति 1-2 घंटे तक बढ़ सकती है.

स्थानीय लोगों का दैनिक संघर्ष
मनोज कुमार, जो इस क्षेत्र से गुजरते हैं, बताते हैं कि स्कूटी से 20-25 मिनट लगते हैं, जबकि गाड़ी वालों के लिए समय और अधिक बढ़ जाता है. उन्होंने कहा कि अक्सर रास्ते में ब्रेक लगा दिया जाता है और यू-टर्न करने पड़ते हैं. कई बार ट्रेन पकड़ने वाले लोग भी देर हो जाते हैं. ट्रैफिक की वजह से क्षेत्र में पॉल्यूशन भी काफी बढ़ गया है.

वाहनों की बढ़ती संख्या और बुनियादी ढांचे की कमी
संजय जायसवाल ने बताया कि तिलपता चौक पर वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. यह सड़क गाजियाबाद और दिल्ली को जोड़ती है, लेकिन चौड़ीकरण का काम धीमा और पुल अधूरा है. उन्होंने कहा कि भविष्य में जेवर की तरफ जाने वाली सड़क के लिए भी दोहरीकरण और नया ब्रिज आवश्यक है.

130 मीटर रोड और आसपास की समस्या
तिलपता चौक और 130 मीटर रोड क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का काम वर्षों से अधूरा है, जबकि आसपास की आबादी और यातायात तेजी से बढ़ रहे हैं. स्थानीय लोग उम्मीद करते हैं कि संबंधित प्राधिकरण समय रहते सड़क चौड़ीकरण, पुल और अंडरपास के निर्माण को प्राथमिकता देगा.

नतीजा: रोजमर्रा की परेशानी और पॉल्यूशन
अधूरे निर्माण और बढ़ते ट्रैफिक की वजह से यहां रहने वाले लोग रोजाना देर और परेशानी का सामना कर रहे हैं. ट्रैफिक जाम के कारण पॉल्यूशन स्तर भी बढ़ा है और आने-जाने का समय बढ़ गया है. नागरिकों की मांग है कि संबंधित अधिकारियों द्वारा शीघ्र समाधान किया जाए.

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Madhuri Chaudhary

पिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ें



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