Success Story: पिता का कारोबार ज्वॉइन करते ही लाखों का बिजनेस पहुंचा करोड़ों तक, 23 साल के धीरज का ‘मिडास टच!’

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जमशेदपुर. जमशेदपुर में फर्नीचर कारोबार का नाम आते ही कभी महेश शर्मा की पहचान अपने आप सामने आ जाती थी. पिछले करीब 20 वर्षों से उन्होंने इस व्यवसाय में ऐसी साख बनाई कि लोग उन्हें फर्नीचर कारोबार का “बादशाह” कहने लगे. लेकिन असली बदलाव तब आया, जब दो साल पहले उनके 23 वर्षीय बेटे धीरज शर्मा ने पढ़ाई पूरी कर बिजनेस की कमान संभालने में हाथ बंटाना शुरू किया. यहीं से पारंपरिक कारोबार ने आधुनिक उड़ान भरनी शुरू की.

रिटेल पर किया फोकस
धीरज शर्मा, जिन्होंने BBA की पढ़ाई की है, बताते हैं कि पहले उनका पूरा कारोबार होलसेल पर आधारित था. बड़े ऑर्डर, सीमित ग्राहक और तय दायरे में काम – यही पुराना मॉडल था. लेकिन धीरज ने बाजार की बदलती जरूरत को समझा और बिजनेस पैटर्न में बड़ा बदलाव किया. उन्होंने रिटेल सेक्टर पर फोकस बढ़ाया, ताकि सीधे ग्राहकों तक पहुंच बनाई जा सके.

डिजिटल मार्केटिंग से मिली पहचान
फर्नीचर जैसे भारी और फिजिकल प्रोडक्ट को लोगों के घर तक पहुंचाना आसान नहीं होता, लेकिन धीरज ने इसका हल डिजिटल दुनिया में ढूंढ लिया. वे कहते हैं, “आज हर हाथ में मोबाइल है, फर्क सिर्फ इतना है कि आप उसका इस्तेमाल कैसे करते हैं.” सोशल मीडिया और डिजिटल मार्केटिंग को उन्होंने अपने बिजनेस का सबसे बड़ा हथियार बना लिया. रेगुलर पोस्ट, आकर्षक वीडियो, लाइव सेशन और ऑफर्स के जरिए उन्होंने ब्रांड “Woods Fashion” को ऑनलाइन पहचान दिलाई.

कस्टमर खुद बनेगा ब्रांड एंबेसडर
नतीजा यह हुआ कि जो कारोबार पहले लाखों में सिमटा था, वह अब करोड़ों तक पहुंच चुका है. पहले जहां नेटवर्क सिर्फ जमशेदपुर और झारखंड तक सीमित था, वहीं अब ओडिशा, बंगाल, छत्तीसगढ़, बिहार और उत्तर प्रदेश तक उनके फर्नीचर की सप्लाई हो रही है. खासकर बंगाल से प्रीमियम प्रोडक्ट की अच्छी मांग आ रही है. धीरज का फोकस साफ है – “कस्टमर को क्वालिटी दो, वह खुद आपका ब्रांड एंबेसडर बन जाएगा.”

कम बजट में सजेगा घर
ग्राहकों को जोड़कर रखने के लिए वे लगातार नए ऑफर्स भी लाते रहते हैं. इनमें सबसे ज्यादा चर्चा में है उनका ₹26,501 का “शादी ऑफर”. इस खास पैकेज में एक पलंग, वार्डरोब, अलमीरा, डाइनिंग टेबल और ड्रेसिंग मिरर शामिल है. धीरज का कहना है कि इस ऑफर का मकसद सिर्फ बिक्री नहीं, बल्कि उन परिवारों की मदद भी है जो कम बजट में अपने घर को सजा नहीं पाते.

धीरज युवा उद्यमियों को भी खास संदेश देते हैं. उनका मानना है कि अगर परिवार का पहले से कोई बिजनेस है, तो उसे छोड़कर नया शुरू करने के बजाय उसी को आधुनिक सोच, टेक्नोलॉजी और मार्केटिंग के जरिए आगे बढ़ाना चाहिए. “आपकी जड़ें पहले से मजबूत होती हैं, लोग आपको जानते हैं. बस उसे नया टच दीजिए, मुनाफा कई गुना बढ़ सकता है.”

महेश शर्मा का अनुभव और धीरज की डिजिटल सोच – यही कॉम्बिनेशन आज “Woods Fashion” को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है.



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