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Cancer fighting foods: आज की बदलती लाइफस्टाइल और प्रदूषण के बीच कैंसर आज भी लाइलाज बीमारी है, जिसका नाम सुनते ही रूह कांप जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और हमारा खान-पान इस जानलेवा बीमारी के खिलाफ सबसे बड़ी ढाल बन सकते हैं? डॉक्टरोंऔर शोधकर्ताओं का मानना है कि प्रकृति ने हमें ऐसे कई ‘सुपरफूड्स’ दिए हैं, जिनमें कैंसर कोशिकाओं (Cancer Cells) को पनपने से रोकने की अद्भुत शक्ति होती है. ऐसे में हम उन टॉप 5 खाने की चीजों के बारे में बताएंगे, जो न केवल एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर हैं, बल्कि शरीर के अंदरूनी घावों को भरने और सेल्स को सुरक्षित रखने में भी कारगर हैं.
बदलती लाइफस्टाइल की वजह से कैंसर से प्रभावित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है. खासकर युवाओं में कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं. भले ही कोई खुद को पूरी तरह कैंसर से बचा नहीं सकता, लेकिन कुछ खाने की चीजों और आदतों से कैंसर का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है.
कैंसर स्पेशलिस्ट बताते हैं कि जिन चीजों में एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा ज्यादा होती है. उन चीजों को खाने से कैंसर का जोखिम बहुत कम हो जाता है. इसे इस तरह समझिए कि हमारे शरीर में अरबों कोशिकाएं होती है. कोशिकाओं में रासायनिक चक्र चलता रहता है. इन कोशिकाओं में जब ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है तो फ्री रेडिकल्स की संख्या बढ़ने लगती है. यह फ्री रेडिकल्स कोशिकाओं की संरचना को बिगाड़ने लगता है जिससे कोशिकाएं कैंसर सेल में बदलने लगती है. लेकिन अगर हमारे भोजन से पर्याप्त एंटीऑक्सीडेंट्स बनते हैं तो ये फ्री रेडिकल्स कम होने लगते हैं. मुख्य रूप से कुदरती चीजें जैसे कि हरी सब्जियां, फल और साबुत अनाज में एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा ज्यादा होती है. आइए जानते हैं कि वे कौन-कौन सी चीजें होती हैं जो हमारे शरीर में कैंसर से लड़ने की ताकत बढ़ाती हैं.
पोषक तत्वों से भरपूर कंदों में शकरकंद का खास स्थान है. इसमें पानी, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइबर, मिनरल्स और जरूरी विटामिन्स जैसे A, B6, C, पोटैशियम, मैंगनीज के साथ-साथ बीटा कैरोटीन, क्लोरोजेनिक एसिड, एंथोसाइनिन और क्यूमरिन जैसे फायदेमंद तत्व भी पाए जाते हैं. शकरकंद में कैंसर से लड़ने की खूबियां ज्यादा होती हैं. खासकर इसमें मौजूद कैरोटिनॉइड्स पेट, किडनी और ब्रेस्ट कैंसर को कम करने में काफी मदद करते हैं. खास बात ये है कि पर्पल शकरकंद में ब्लूबेरी से तीन गुना ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं.
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अंकुरित ब्रोकली या स्प्राउट: पकी हुई ब्रोकली से 10 से 100 गुना ज्यादा पोषक तत्व अंकुरित ब्रोकली में होते हैं. इसमें सल्फोराफेन नाम का केमिकल बहुत ज्यादा मात्रा में होता है. यह कैंसर सेल्स की ग्रोथ को रोकने के साथ-साथ ट्यूमर तक जाने वाले ब्लड फ्लो को भी कम करता है. रिसर्च के मुताबिक, यह ब्रेस्ट कैंसर, कोलन कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को कम करने में मदद करता है.
कीवी फल: इसमें विटामिन सी, फाइबर और पॉलीफेनोल्स भरपूर होते हैं. इससे शरीर में शुरुआती स्तर पर टिशूज को नुकसान होने से रोका जा सकता है. साथ ही कीवी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन्स, सेल्स में होने वाले ‘डीएनए’ डैमेज को ठीक करने में मदद करते हैं. डीएनए डैमेज ही कैंसर सेल्स के बढ़ने का बड़ा कारण है, इसलिए कैंसर रोकने में यह बहुत फायदेमंद है.
ग्रीन टी: ग्रीन टी में एपिगैलोकैटेचिन-3-गैलेट नाम का ताकतवर एंटीऑक्सीडेंट होता है. इसमें मौजूद ये एंटीऑक्सीडेंट कैंसर सेल्स बनने से रोकता है और उन्हें दूसरे अंगों में फैलने से भी कंट्रोल करता है. इसके अलावा ये शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स को खत्म करता है और हेल्दी सेल्स के डीएनए को नुकसान से बचाता है.
बीन्स: बीन्स में प्रोटीन और फाइबर बहुत ज्यादा होता है. रिसर्च के मुताबिक, जो लोग ज्यादा बीन्स खाते हैं, उनमें ब्रेस्ट कैंसर का खतरा 28% तक कम हो सकता है. क्योंकि ज्यादा फाइबर खाने से कोलन कैंसर का रिस्क भी कम होता है.
स्पष्टीकरण: ये जानकारी सिर्फ सामान्य सूचना के लिए दी गई है. हर व्यक्ति का शरीर अलग-अलग तरह का होता है इसलिए जरूरी नहीं कि सब पर एक ही चीज लागू हो. ऐसे में अपनी डाइट या रोजमर्रा की आदतों में कोई बदलाव करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें. News18 इन जानकारियों के लिए जिम्मेदार नहीं है.


