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Ghazipur latest news : ग़ाज़ीपुर के पीजी कॉलेज में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत IAS, PCS और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है. स्मार्ट क्लास और विषय विशेषज्ञों की मदद से मेधावी छात्रों को घर बैठे उच्चस्तरीय तैयारी का मौका मिल रहा है. इससे कोटा या दिल्ली जाने की मजबूरी खत्म हो गई है और युवाओं के सपनों को नई दिशा मिली है.
ग़ाज़ीपुर : IAS, PCS या NEET जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अब महंगी कोचिंग पर निर्भर नहीं रही. मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत ग़ाज़ीपुर के पीजी कॉलेज में आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण कोचिंग दी जा रही है. इससे छात्रों को घर छोड़कर बाहर जाने की मजबूरी से राहत मिली है.
आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए वरदान
पीजी कॉलेज के चीफ प्रॉक्टर डॉ. परिहार सिंह ने बताया कि अभ्युदय योजना खास तौर पर उन छात्रों के लिए शुरू की गई है जो आर्थिक कारणों से कोचिंग नहीं ले पाते. इस योजना के तहत मेडिकल (CPMT/NEET), IAS, PCS और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है. जिन छात्रों में प्रतिभा है लेकिन संसाधनों की कमी है, उनके लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है.
पीजी कॉलेज में हाई-क्वालिटी कोचिंग की सुविधा
ग़ाज़ीपुर के पीजी कॉलेज के कक्ष संख्या 28 में अभ्युदय योजना की कक्षाएं संचालित हो रही हैं. यहां स्मार्ट क्लास और डिजिटल बोर्ड की पूरी व्यवस्था है. आधुनिक तकनीक के जरिए पढ़ाई कराई जाती है. विषय विशेषज्ञ नियमित रूप से छात्रों को मार्गदर्शन देते हैं. पिछले दो वर्षों से यह कार्यक्रम लगातार चल रहा है और सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं.
दो शिफ्ट में चलती हैं कक्षाएं
इस योजना के तहत सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक कक्षाएं संचालित होती हैं. पहली शिफ्ट में मेडिकल (NEET) की तैयारी कराई जाती है. दोपहर 12 बजे के बाद दूसरी शिफ्ट में IAS और PCS की तैयारी के लिए विशेष बैच संचालित होता है. छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप पाठ्यक्रम और रणनीति के साथ तैयार किया जाता है.
पात्रता और चयन प्रक्रिया
अभ्युदय योजना में वही छात्र प्रवेश ले सकते हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर हों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हों. IAS और PCS के लिए स्नातक या अंतिम वर्ष के छात्र पात्र हैं. मेडिकल की तैयारी के लिए PCB विषय के साथ 12वीं पास छात्र आवेदन कर सकते हैं. चयन प्रवेश परीक्षा और मेरिट के आधार पर किया जाता है.
बाहर जाने की मजबूरी हुई खत्म
पहले ग़ाज़ीपुर के छात्रों को कोटा या दिल्ली जाकर कोचिंग लेनी पड़ती थी. वहां किराया, मेस का खर्च और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता था. अब अभ्युदय योजना के कारण वही सुविधाएं जिले में ही उपलब्ध हैं. इससे छात्रों को परिवार के बीच रहकर पढ़ाई करने का अवसर मिल रहा है और आर्थिक बोझ भी कम हुआ है.
लगातार मिल रहे सकारात्मक परिणाम
डॉ. परिहार सिंह के अनुसार पिछले दो वर्षों से यह केंद्र लगातार बेहतर परिणाम दे रहा है. छात्र यहां की व्यवस्था और मार्गदर्शन से संतुष्ट हैं. अभ्युदय योजना ग़ाज़ीपुर के युवाओं के सपनों को नई दिशा दे रही है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की राह दिखा रही है.


