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Saving Money Tips: सैलरी का जल्दी खत्म होना किस्मत नहीं, बल्कि आदतों का नतीजा है. अगर आप अपनी छोटी गलतियों को पहचान लें और धीरे धीरे सुधार करें, तो महीने के अंत में भी बैलेंस देख कर मुस्कुरा सकते हैं. फाइनेंशियल आजादी बड़े फैसलों से नहीं, छोटी सही आदतों से मिलती है.
Saving Money Tips: महीने की पहली तारीख आते ही मोबाइल पर सैलरी का मैसेज आता है और मन खुश हो जाता है. लगता है अब सब सेट है, इस महीने थोड़ी बचत भी करेंगे और कुछ अपने लिए भी खरीदेंगे. लेकिन जैसे जैसे दिन बीतते हैं, अकाउंट का बैलेंस तेजी से नीचे जाने लगता है. बिजली का बिल, किराया, EMI, ऑनलाइन शॉपिंग, बाहर खाना, दोस्तों के साथ घूमना और छोटे छोटे खर्च. देखते ही देखते महीने के तीसरे हफ्ते तक जेब हल्की होने लगती है.
फिर आखिरी दिनों में कार्ड स्वाइप या उधार का सहारा लेना पड़ता है. अगर आपके साथ भी ऐसा हर महीने हो रहा है, तो समस्या सैलरी कम होने की नहीं, बल्कि आपकी Money Habits की हो सकती है. कई बार हम अनजाने में ऐसी छोटी गलतियां करते रहते हैं जो धीरे धीरे हमारी फाइनेंशियल हालत को कमजोर बना देती हैं. अच्छी बात यह है कि इन गलतियों को समझकर सुधारा जा सकता है.
1. बजट न बनाना या उसे फॉलो न करना: सबसे बड़ी गलती है बिना प्लान के खर्च करना. सैलरी आते ही अगर आप यह तय नहीं करते कि कितना पैसा किस चीज में जाएगा, तो पैसा खुद ही रास्ता ढूंढ लेता है और खर्च हो जाता है. किराया, राशन, बिल और बचत के लिए पहले से रकम अलग रखना जरूरी है. बजट बनाना मुश्किल काम नहीं है. बस एक कॉपी या मोबाइल नोट्स में लिख लें कि महीने का फिक्स खर्च कितना है और बाकी पैसा कहां जाएगा.
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2. छोटी छोटी ऑनलाइन शॉपिंग: आजकल एक क्लिक में सब कुछ घर पर आ जाता है. सेल, कैशबैक और ऑफर देखकर हम सोचते हैं कि सस्ता मिल रहा है, तो खरीद लो. लेकिन यही छोटी छोटी खरीदारी मिलकर बड़ा खर्च बन जाती है. पांच सौ, हजार या दो हजार के ऑर्डर महीने के अंत तक बड़ी रकम बन जाते हैं. जरूरत और चाहत में फर्क समझना बहुत जरूरी है.
3. इमरजेंसी फंड न बनाना: अगर आपके पास इमरजेंसी के लिए अलग पैसा नहीं है, तो अचानक खर्च आने पर पूरा बजट बिगड़ जाता है. मेडिकल खर्च, अचानक ट्रैवल या घर की कोई मरम्मत. ऐसी स्थिति में लोग क्रेडिट कार्ड का सहारा लेते हैं और फिर अगले महीने की सैलरी का बड़ा हिस्सा बकाया चुकाने में चला जाता है. कम से कम तीन महीने के खर्च जितनी रकम धीरे धीरे अलग रखना समझदारी है.
4. बचत को आखिरी में रखना: अक्सर लोग सोचते हैं कि जो बचेगा उसे सेव करेंगे. लेकिन सच यह है कि महीने के अंत में कुछ बचता ही नहीं. सही तरीका यह है कि सैलरी आते ही पहले बचत अलग करें और फिर खर्च प्लान करें. इसे Pay Yourself First नियम भी कहा जाता है. इससे बचत आदत बन जाती है.
5. लाइफस्टाइल दिखावे में पैसा उड़ाना: सोशल मीडिया पर दूसरों की लाइफ देखकर हमें भी वही करना अच्छा लगता है. नया फोन, महंगे कपड़े, हर वीकेंड बाहर खाना. लेकिन हर चमकती चीज जरूरी नहीं होती. अगर खर्च आपकी आमदनी से ज्यादा हो रहा है, तो तनाव बढ़ना तय है. अपनी जरूरत और कमाई के हिसाब से लाइफस्टाइल रखना ज्यादा समझदारी है.
कैसे सुधारें अपनी Money Habits: सबसे पहले अपने पिछले तीन महीने के खर्च को देखें. कहां कितना पैसा गया, यह समझना जरूरी है. उसके बाद एक सरल बजट बनाएं. खर्च, बचत और निवेश तीन हिस्सों में पैसा बांटें. अगर संभव हो तो SIP या Recurring Deposit जैसे विकल्प अपनाएं ताकि बचत अपने आप होती रहे. छोटे कदम भी बड़े बदलाव ला सकते हैं.


