Success Story| Success Story Anthropic| Anthropic Success Story| Anthropic Founder | Success Story: न अरबपति परिवार, न बड़ी कंपनी का सहारा…भाई-बहन ने बना डाली AI कंपनी, Oracle-एडोब के होश गुम!

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जब पूरी दुनिया एआई से खुद को मजबूत और ताकतवर बनाने की होड़ में लगी हुई थी, तब भाई-बहन के मन में एक सवाल आया- ‘अगर ये तकनीक हमारे हाथ से निकल गई तो? अगर ये इतनी शक्तिशाली हो गई कि इंसान इसे समझ न पाए या काबू न कर पाए तो फिर क्या होगा?’ यही डर और यही सवाल उनके दिल में बस गया. डारियो अमोदेई और उनकी बहन डैनिएला अमोदेई ने सोचा कि एआई बनाना आसान है, लेकिन इसे सुरक्षित और इंसानों के मूल्यों के साथ जोड़ना असली चुनौती है. इसी सोच से 2021 में उन्होंने ओपनएआई छोड़कर बिना किसी बड़ी कंपनी की मदद के अपनी खुद की कंपनी Anthropic की नींव रखी.

कंपनी का नाम ही बता देता है ‘एंथ्रोपिक’ यानी इंसान-केंद्रित(Human Centered). ये कंपनी मुनाफा पहले नहीं, इंसानियत और सुरक्षा पहले रखने की राह पर निकल पड़ी. इसी कंपनी का Claude नाम का एआई मॉडल आज चैटजीपीटी (ChatGPT) को कड़ी टक्कर दे रहा है, लेकिन सबसे खास बात ये है कि Claude में पहले से ही ईमानदारी और इंसानी कंट्रोल की वैल्यूज डाली गई हैं. डारियो का कहना है कि एआई अगर सही रास्ते पर चला तो दुनिया बदल सकती है, लेकिन गलत रास्ते पर तो सब तबाह हो सकता है. यही वजह है कि कंपनी ने कांस्टीट्यूशनल एआई नाम का तरीका अपनाया, जिसमें मॉडल को पहले से ही नैतिक नियम सिखाए जाते हैं, ताकि वो कभी गलत जवाब न दे या नुकसान न पहुंचाए.

पिता की मौत के बाद विज्ञान से लगाव हुआ

डारियो और डैनिएला की कहानी सिर्फ बिजनेस की नहीं, बल्कि एक बड़े सपने और जिम्मेदारी की है. डारियो अमोदेई का जन्म 1983 में और उनकी बहन डैनिएला का जन्म 1987 में सैन फ्रांसिस्को में हुआ. बचपन से ही डारियो को मैथ्स और साइंस से गहरा लगाव था. उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से फिजिक्स की पढ़ाई की और फिर प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से बायोफिजिक्स में पीएचडी की. उनकी ज़िंदगी में एक बड़ा मोड़ तब आया जब उनके पिता रिकार्डो की गंभीर बीमारी के बाद मौत हो गई. इस घटना ने डारियो को अंदर तक झकझोर दिया और यहीं से उन्हें इंसानी शरीर, बीमारियों और विज्ञान के जरिए समाधान खोजने की प्रेरणा मिली.

AI मॉडल Claude को किया लॉन्च

वहीं, डैनिएला अमोदेई की रुचि शुरुआत में टेक से ज़्यादा आर्ट्स की तरफ थी. उन्होंने लिबरल आर्ट्स और म्यूजिक की पढ़ाई की और क्लासिकल फ्लूट में स्कॉलरशिप भी हासिल की. बाद में उन्होंने Stripe जैसी बड़ी फिनटेक कंपनी में काम किया. यहीं से उनका रुझान टेक पॉलिसी और मैनेजमेंट की ओर बढ़ा. इसके बाद वे OpenAI पहुंचीं, जहां वे AI सेफ्टी और पॉलिसी की वाइस प्रेसिडेंट बनीं. कुछ समय बाद दोनों भाई-बहन OpenAI में साथ काम करने लगे. डारियो वहां रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट थे और GPT-3 जैसे बड़े AI मॉडल बनाने में उनकी अहम भूमिका थी. लेकिन 2020 के आखिर तक दोनों को लगने लगा कि AI बहुत तेज़ी से ताकतवर हो रहा है, जबकि उसकी सेफ्टी और कंट्रोल पर उतना फोकस नहीं हो रहा. उन्हें डर था कि अगर AI को बिना मजबूत नियमों के आगे बढ़ाया गया, तो यह इंसानियत के लिए खतरा बन सकता है.

यही डर Anthropic की शुरुआत की वजह बना. 2021 में डारियो, डैनिएला और कुछ अन्य रिसर्चर्स ने OpenAI छोड़ दिया और Anthropic नाम की नई कंपनी बनाई. इसे एक Public Benefit Corporation के तौर पर रजिस्टर किया गया, यानी मुनाफा जरूरी है, लेकिन उससे पहले समाज और इंसानों का फायदा. Anthropic ने अपना AI मॉडल Claude लॉन्च किया, जिसे ChatGPT का बड़ा कॉम्पिटिटर माना जाता है. Claude की सबसे बड़ी खासियत है इसका Constitutional AI तरीका. इसमें AI को पहले से ही कुछ मानवीय मूल्यों और नियमों के साथ ट्रेन किया जाता है, ताकि वह खतरनाक या नुकसानदेह फैसले न ले सके. यही वजह है कि Claude को कोडिंग, क्रिएटिव राइटिंग और बिजनेस कामों के लिए काफी सुरक्षित माना जाता है. जहां दूसरी AI कंपनियां आम यूजर्स पर फोकस कर रही थीं, Anthropic ने शुरू से ही एंटरप्राइज और बिजनेस क्लाइंट्स को टारगेट किया.

Amazon से लेकर गूगल का है निवेश

इसका नतीजा यह हुआ कि कंपनी की कमाई बहुत तेज़ी से बढ़ी. 2025 तक Anthropic का रन-रेट रेवेन्यू करीब 1 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया. Amazon और गूगल जैसी दिग्गज कंपनियों ने इसमें अरबों डॉलर का निवेश किया. जनवरी 2026 में 350 बिलियन डॉलर वैल्यूएशन पर 10 बिलियन डॉलर की फंडिंग की चर्चाएं भी सामने आईं.

काम की जिम्मेदारियों की बात करें तो दोनों भाई-बहन ने साफ तौर पर बांटी हुई हैं. डारियो रिसर्च, AI सेफ्टी, स्ट्रैटेजी और पॉलिसी पर ध्यान देते हैं, जबकि डैनिएला कंपनी की डेली ऑपरेशंस, बिजनेस डील्स और कमर्शियल स्ट्रैटेजी संभालती हैं. आज Anthropic सिर्फ एक AI कंपनी नहीं, बल्कि एक सोच बन चुकी है.

सॉफ्टवेयर कंपनियों के उड़े छक्के

आज Anthropic इतनी तेज़ी से आगे बढ़ चुकी है कि वह Oracle, Salesforce, एडोब और दूसरी बड़ी टेक कंपनियों को सीधी टक्कर देती नजर आ रही है. Claude AI का इस्तेमाल अब कोडिंग, कंटेंट क्रिएशन, डेटा एनालिसिस और एंटरप्राइज सॉल्यूशंस में बढ़ता जा रहा है, जहां पहले इन दिग्गज कंपनियों के टूल्स का दबदबा था. खास बात यह है कि Anthropic सिर्फ फीचर्स की रेस में नहीं है, बल्कि सुरक्षित और भरोसेमंद AI देने पर फोकस कर रही है, जिससे बड़े कॉर्पोरेट और बिजनेस क्लाइंट्स तेजी से इसकी ओर आकर्षित हो रहे हैं. यही वजह है कि कम समय में ही यह कंपनी टेक इंडस्ट्री के बड़े खिलाड़ियों के लिए एक मजबूत चुनौती बनकर उभरी है. यह दिखाता है कि अगर विज़न साफ हो, डर को ताकत बनाया जाए और टीम मजबूत हो, तो दो भाई-बहन मिलकर भी दुनिया की सबसे ताकतवर टेक कंपनियों को चुनौती दे सकते हैं.



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