अधिकतर परेशानियों में डॉक्टर MRI कराने की देते हैं सलाह, क्या CT Scan और X-Ray हो गए आउटडेटेड?

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MRI vs CT Scan vs X-Ray: एमआरआई, सीटी स्कैन और एक्स-रे तीनों का अपना अलग महत्व है. रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर अभिषेक बंसल ने बताया कि MRI सॉफ्ट टिश्यूज और नसों की जांच में बेहतर है, जबकि CT स्कैन इमरजेंसी में तेज और प्रभावी होता है. X-Ray आज भी हड्डियों और फेफड़ों की जांच के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. कोई भी इमेजिंग आउटडेटेड नहीं है.

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डॉ. अभिषेक बंसल के मुताबिक एमआरआई में रेडिएशन नहीं होता है, जिससे इसे ज्यादा सेफ माना जाता है.

Are CT Scans and X-Rays Outdated: एक जमाने में किसी भी तरह की परेशानी होने पर लोगों को एक्स-रे और सीटी स्कैन कराने की सलाह दी जाती थी. अब समय काफी बदल गया है और डॉक्टर्स अधिकतर मामलों में एमआरआई कराने की सलाह देते हैं. MRI के जरिए सेहत से जुड़ी तमाम समस्याओं का आसानी से पता लगाया जा सकता है. सीटी स्कैन और एक्स-रे के मुकाबले MRI की कीमत भी ज्यादा होता है. ऐसे में कई मरीजों के मन में सवाल उठता है कि क्या अब CT स्कैन और X-Ray जैसे पुरानी इमेजिंग तकनीक आउटडेटेड हो चुकी हैं? क्या अब हर बीमारी के लिए MRI ही जरूरी है? इस बारे में डॉक्टर से जानते हैं.

दिल्ली के आकाश हेल्थकेयर सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. अभिषेक बंसल ने News18 को बताया कि एक्स-रे, सीटी स्कैन और एमआरआई तीनों का अपना अलग महत्व है. किसी भी इमेजिंग तकनीक को आउटडेटेड नहीं कहा जा सकता है. X-Ray की बात करें तो यह सबसे पुरानी और तेज इमेजिंग तकनीक में से एक है. हड्डियों में फ्रैक्चर, फेफड़ों के इंफेक्शन जैसे निमोनिया या टीबी और दांतों की जांच में एक्स-रे आज भी बेहद उपयोगी है. एक्स-रे करने में 1 मिनट से कम वक्त लगता है और इसकी कीमत कम होती है. हालांकि इस इमेजिंग में सिर्फ 2D इमेज दिखती है.

डॉक्टर बंसल ने बताया कि कंप्यूटेड टोमोग्राफी यानी CT Scan की बात करें, तो यह स्कैन एक्स-रे का एडवांस वर्जन माना जा सकता है. यह शरीर की क्रॉस-सेक्शनल इमेज देता है. यह सिर की चोट, ब्रेन हेमरेज, फेफड़ों की गंभीर समस्या, पेट के आंतरिक अंगों और कैंसर की जांच में उपयोगी माना जाता है. इस स्कैन से लिवर और किडनी की समस्याओं का भी पता लगाया जा सकता है. इमरजेंसी कंडीशंस में CT स्कैन बहुत तेजी से रिजल्ट देता है, इसलिए एक्सीडेंट या स्ट्रोक के मामलों में इसे प्रायोरिटी दी जाती है. सीटी स्कैन 2 मिनट में हो जाता है. इस स्कैन में 3D इमेज दिखती है, लेकिन इसमें एक्स-रे रेडिएशन होता है.

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एक्सपर्ट के मुताबिक मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग यानी MRI सबसे एडवांस तकनीक है और इसमें रेडिएशन नहीं होता है. एमआरआई में पावरफुल मैग्नेटिक फील्ड और रेडियो वेव्स की मदद से शरीर के अंदर की 3D इमेज ली जाती हैं. MRI हमारी रीढ़ की हड्डी, नसों, मांसपेशियों और सॉफ्ट टिश्यू की समस्याओं में ज्यादा सटीक जानकारी देता है. ट्यूमर, लिगामेंट इंजरी, स्लिप डिस्क या न्यूरोलॉजिकल डिजीज में MRI सबसे सटीक इमेज बनाता है. शरीर के जिन अंगों की इमेज एक्स-रे और सीटी स्कैन में नहीं बन पाती है, उन मामलों में एमआरआई कराने की सलाह दी जाती है. MRI करने में करीब 30 मिनट वक्त लगता है और इसकी कीमत ज्यादा होती है.

रेडियोलॉजिस्ट की मानें तो प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए भी MRI को सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि इसमें रेडिएशन नहीं होता है. हालांकि CT स्कैन और X-Ray को आउटडेटेड नहीं माना जा सकता है. मरीज की कंडीशन के अनुसार डॉक्टर एक्स-रे, सीटी स्कैन या एमआरआई कराने की सलाह देते हैं. मरीजों को खुद से जांच की मांग करने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह पर भरोसा करना चाहिए. MRI, CT स्कैन और X-Ray तीनों आधुनिक चिकित्सा के महत्वपूर्ण उपकरण हैं, जो डायग्नोसिस के अलावा ट्रीटमेंट में भी इस्तेमाल किए जा रहे हैं.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें



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