Last Updated:
Success Story: 55 साल की अलका ने पति की मौत और बच्चों की बेरुखी के बावजूद दिल्ली के कनॉट प्लेस ग्रैंड एक्सपो में अपनी आर्टिफिशियल ज्वेलरी का स्टॉल लगाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है. आइये जानते हैं उनके बारे में.
नई दिल्ली : दिल्ली की गलियों में एक छोटे से कमरे से शुरू हुआ एक सपना आज बड़े एक्सपो के मंच तक पहुंच चुका है, लेकिन यह सिर्फ कारोबार की कहानी नहीं, हिम्मत और आत्मसम्मान की भी दास्तान है. पति के अचानक निधन के बाद जब जिंदगी जैसे ठहर सी गई थी. तब अलका ने टूटने के बजाय खुद को संभाला और आंसुओं को ताकत बनाया. सबसे मुश्किल था अकेले खड़े होकर हर जिम्मेदारी निभाना. क्योंकि पति की मौत के बाद बच्चों से भी उन्हें वह सहारा नहीं मिला, जिसकी एक मां उम्मीद करती है. सहयोग के बजाय दूरी और खामोशी ने उनके संघर्ष को और गहरा कर दिया, लेकिन अलका ने शिकायतों में वक्त गंवाने के बजाय खुद को मजबूत बनाने का रास्ता चुना. उन्होंने आर्टिफिशियल ज्वेलरी को सिर्फ रोजगार नहीं, अपनी पहचान बना लिया. छोटे-छोटे ऑर्डर से शुरू हुआ सफर आज बड़े एक्सपो तक पहुंच चुका है.
रातों में जाग कर बनाई ज्वेलरी
दिल्ली के कनॉट प्लेस पर इन दिनों ग्रैंड एक्सपो चल रहा है. जो कि 5 मार्च तक चलेगा. इसे दिल्ली की रहने वाली अलका ने अपना एक स्टॉल लगाया है. सबसे खास बातचीत में उन्होंने बताया कि वह अपने दम पर कुछ करना चाहती हैं और अपनी पहचान बनाना चाहती है. इसीलिए उन्होंने हार नहीं मानी. अपने हाथों से बारीक काम करके गले का हार, कानों के झुमके, हाथों में पहनने वाले ब्रेसलेट और अंगूठी से लेकर तमाम आर्टिफिशियल ज्वेलरी बना रही हैं. जो लोगों को खूब पसंद आ रही है.
उन्होंने बताया कि कई रात जाकर उन्होंने हाथों से आर्टिफिशियल ज्वेलरी बनाने का काम सीखा है. यहां तक की डिजाइन उनकी अपनी है. कहीं से भी उन्होंने कॉपी नहीं की. पैकेजिंग से लेकर मटेरियल लाने तक का काम वह खुद करती हैं. जबकि उनकी उम्र 55 साल से ज्यादा है.
बच्चे मारते हैं ताने
अलका ने बताया कि उनके पति की मौत 2017 में हो गई थी. वह चीफ फाइनेंस ऑफिसर थे. पति की मौत के बाद वह अकेली पड़ गई और कोविड-19 में ही उन्होंने इस व्यापार को शुरू किया था. उनके 2 बेटे हैं. एक शादीशुदा है. जबकि एक की शादी अभी नहीं हुई है, लेकिन बच्चों की ओर से कोई सहयोग नहीं मिलता है. बल्कि बच्चे ताने मारते हैं कि यह सब क्या फैला कर बैठी हो.
वह कहती हैं कि 55 साल की उम्र में अपने पूरे बिजनेस को स्थापित करने का काम उन्होंने अपने दम पर अकेले ही किया है. किसी का कोई सहयोग नहीं लिया है. सबसे बड़ी चुनौती उन्हें घर के अंदर ही देखनी पड़ी. क्योंकि परिवार का सहयोग एक प्रतिशत नहीं मिला. अब उन्होंने अपने इस बिजनेस को स्थापित करने का फैसला कर लिया है. इसीलिए जगह-जगह होने वाले एक्सपो में वह जाती हैं.
About the Author
बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में लगभग 4 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटेंट राइटर…और पढ़ें


