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ब्रज में चल रहे रंग उत्सव के चलते कई राज्यों के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं. बरसाना की लठमार होली में यह कलाकार अपनी प्रस्तुति देने के साथ-साथ नंद गांव की धरती पर भी अपनी प्रस्तुति दी. कलाकार अपने-अपने राज्य की झलक यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से दिख रही है. ब्रज में 40 दिवसीय होली का उल्लास इस उत्सव के अलग-अलग स्थान पर अलग-अलग मान्यताओं के साथ जुड़ा हुआ है.
मथुरा: ब्रज में चल रहे रंग उत्सव के चलते कई राज्यों के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं. बरसाना की लठमार होली में यह कलाकार अपनी प्रस्तुति देने के साथ-साथ नंद गांव की धरती पर भी अपनी प्रस्तुति दी. कलाकार अपने-अपने राज्य की झलक यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से दिख रही है.
40 दिन चलता है होली का उत्सव
ब्रज के लिए रंगोंउत्सव एक उमंग और उल्लास का पर्व होता है. ब्रज में 40 दिवसीय होली का उल्लास इस उत्सव के अलग-अलग स्थान पर अलग-अलग मान्यताओं के साथ जुड़ा हुआ है. ब्रज में बसंत पंचमी के दिन से ही इस उत्सव की शुरुआत हो जाती है. 40 दिन तक चलने वाले इस उत्सव में देश-विदेश के भक्त आकर होली का आनंद लेते हैं. प्रदेश सरकार के द्वारा ब्रज में रंगोंउत्सव को खास बनाने के लिए लोकल कलाकारों को जोड़ा गया.
लोकल कलाकार अपने-अपने राज्यों की कला का प्रदर्शन करने के लिए ब्रज में आए हुए हैं. उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और बुंदेलखंड के कलाकार इस होली के उत्सव में अपनी अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं. होली के मौके पर आने वाले श्रद्धालु भी इन कलाकारों के कल के मुरीद बन गए हैं.
जमकर थिरकते हैं श्रद्धालु
होली के रसिया और भजनों पर कलाकार अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं, तो दूसरी ओर बृज में आने वाले लोग भी अपने आप को नाचने से रोक नहीं पाते हैं. नंदगांव में लट्ठमार होली के दौरान अपनी टीम के साथ हरियाणा की उस कला को लोगों के बीच दिखा रहे रोशन नाथ ने बताया कि जब से ब्रज में रंगोंउत्सव की शुरुआत हुई है, तब से हम लोग यहां अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं. सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से हम हरियाणा की कला को आगे बढ़ने का कार्य कर रहे हैं. रोशन नाथ ने बताया कि हम हर प्रोग्राम में मथुरा, वृंदावन, गोकुल, गोवर्धन, बरसाना करने के लिए बुलाया जाता है. बहुत ही आनंद की प्राप्ति हमें ब्रज में आकर होती है. हमारी इस परंपरा को आगे बढ़ने का कार्य हम कर रहे हैं. साथ ही अपनी पीढ़ी को भी अपनी इस परंपरा को बचाए रखने के लिए प्रेरित करते हैं. आने वाले समय में हमारे बच्चे इस कला को आगे बढ़ाएंगे.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें


