Last Updated:
बाजार नियामक सेबी ने शेयरों में पैसे लगाने वालें को सावधान किया है कि उसके नाम पर फर्जी लेटरहेड के जरिये पैसों की वसूली की जा रही है. ऐसे किसी भी नोटिस को लेकर निवेशक सावधान रहें और उसका भुगतान करने से पहले नोटिस की सत्यता की जांच करें.
शेयर बाजार नियामक ने एसटीटी नोटिस से फर्जीवाड़े की चेतावनी दी है.
नई दिल्ली. शेयर बाजार में निवेश करने वालों को सेबी ने आगाह किया है कि उसके नाम पर आने वाले नोटिस को लेकर सावधान रहें. बाजार नियामक ने कहा कि धोखाधड़ी करने वाले आजकल सेबी के लेटरहेड पर फर्जी नोटिस जारी करते हैं ओर निवेशकों के साथ फर्जीवाड़ा कर रहे हैं. बाजार नियामक ने निवेशकों को अपने नाम से जारी किये जा रहे फर्जी नोटिस को लेकर सावधान किया और कहा है कि नोटिस में प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) के भुगतान की मांग की जा रही है. ऐसा कोई भुगतान करने से पहले निवेशक नोटिस की सत्यता को जरूर परख लें.
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा कि धोखेबाज नियामक के ‘लेटरहेड’ की जालसाजी करके फर्जी नोटिस भेज रहे हैं और बकाया एसटीटी राशि के भुगतान का अनुरोध कर रहे हैं. नियामक के संज्ञान में आया है कि कुछ जालसाजों ने वित्त अधिनियम, 2004 के तहत प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) के अनुपालन की मांग करते हुए नोटिस जारी किये हैं. नियामक ने कहा कि निवेशकों को सूचित किया जा रहा है कि ये नोटिस सेबी ने जारी नहीं किये हैं और इस नोटिस पर कोई भुगतान न किया जाए.
क्या है सेबी की चेतावनी में
सेबी के अनुसार, निवेशकों को यह सूचित किया जाता है कि शेयर बाजारों पर निष्पादित प्रतिभूतियों के प्रत्येक खरीद और बिक्री लेनदेन पर एसटीटी लगाया जाता है और ब्रोकर द्वारा कर एकत्र किया जाता है. सेबी ने स्पष्ट किया कि वह एसटीटी राशि जमा करने के लिए नोटिस जारी नहीं करता है और न ही इस संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के साथ समन्वय करता है.
कैसे हो रहा फर्जीवाड़ा
नियामक ने सेबी अधिकारियों की पहचान की नकल करने वाले धोखेबाजों या निवेशकों को धोखा देने के लिए बाजार नियामक के प्रतीक चिन्ह, मुहर या लेटरहेड का दुरुपयोग करने के मामलों के खिलाफ भी चेतावनी दी. सेबी ने कहा कि ऐसे व्यक्ति सेबी के नाम पर जाली पत्र, ईमेल या नोटिस भेजकर भोले-भाले निवेशकों को इन फर्जी खातों में पैसे अंतरित करने के लिए कह रहे हैं, जिससे निवेशकों को वित्तीय नुकसान हो रहा है. लिहाजा लोगों से आग्रह है कि वे सावधानी बरतें और सेबी की ओर से सूचना या भुगतान की मांग करने वाले पत्रों/नोटिस की प्रामाणिकता की जांच करें.
वादा करने वालों से सावधान
सेबी ने निवेशकों को उन धोखेबाजों से सावधान किया जो खाता संचालक या कोष प्रबंधक बनकर शेयर बाजार में जोखिम-मुक्त लाभ का वादा करते हैं. नियामक ने कहा कि ये संस्थाएं पोर्टफोलियो या खाता प्रबंधन सेवाएं प्रदान करने का दावा करती हैं और अक्सर निवेशकों के ट्रेडिंग खाते की जानकारी मांगती हैं. साथ ही मुनाफे का एक हिस्सा भी वसूलती हैं. हालांकि, नियामक ने कहा कि नुकसान पूरी तरह से निवेशकों को ही उठाना पड़ता है. लिहाजा ऐसे वादे और दावे करने वालों से सावधान रहें.
About the Author
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें


