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Iran-China Defence Deal: अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर 30 ठिकानों पर हमला किया है. सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के घर निशाने पर रहे. इस बीच ईरान चीन से सीएम-302 मिसाइलों की डील के करीब है.
ईरान ने चीन के साथ ‘ब्रह्मोस’ मिसाइलों की डील की है.
Iran-China Defence Deal: अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला बोल दिया है. शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक ईरान में कम से कम 30 ठिकानों पर एक साथ हमले किए गए हैं. इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के घरों और ऑफिस को निशाना बनाया गया है. लेकिन, नुकसान को लेकर अभी तक कोई पुख्ता रिपोर्ट नहीं आई है. दरअसल, इस हमले की आशंका पिछले कई दिनों से बनी हुई थी. अमेरिका और इजरायल ने ईरान की घेराबंदी कर रखी थी. अमेरिका ने अपने करीब 50 सबसे एडवांस एफ-35 फाइटर जेट्स की तैनाती कर रखी थी.
इस बीच रिपोर्ट आई है कि ईरान भी अपनी तैयारी में लगा हुआ है. वह अमेरिका और ईरान की तरफ से संभावित हमलों को पहले से समझता था और इसी कारण वह रूस से एस-300 डिफेंस सिस्टम और चीन से सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ‘ब्रह्मोस’ की खरीद में लगा हुआ था. लेकिन, डील फाइनल होने के बावजूद उसकी डिलिवरी में समय लग सकता है. इस बीच अमेरिका और इजरायल ने उस पर हमला कर दिया.
क्या है पूरी डील
न्यूज एजेंसी रायटर की एक रिपोर्ट के मुताबिक ईरान, चीन के साथ सुपरसोनिक एंटी-शिप क्रूज मिसाइलों का एक बड़ा सौदा करीब-करीब कर चुका है. यह डील पर बीते करीब दो सालों से बातचीत चल रही थी. जून 2025 में इजरायल-ईरान के बीच जंग के बाद यह डील में तेजी आई और पिछले दिनों इसे करीब-करीब क्लोज कर दिया गया.
डील के मुताबिक ईरान चीन से सीएम-302 मिसाइलें खरीद रहा है. ये मिसाइलें चीनी वाईजे-12 की एक्सपोर्ट वर्जन हैं. ये बेहद खतरनाक किस्म की मिसाइलें है. चीन का यह स्वदेशी क्रूज मिसाइल है लेकिन, एक्सपर्ट बताते हैं कि यह सिस्टम काफी हद तक रूस के केएच-31 एयर टू सरफेस मिसाइल सिस्टम पर आधारित है. चीन ने रूस से बड़ी संख्या में ये मिसाइलें खरीदी थी फिर उसी टेक्नोलॉजी पर अपना क्रूज मिसाइल बना लिया. तकनीकी रूप से चीनी मिसाइल भारत की ब्रह्मोस मिसाइल की शौतन है. ये दोनों दुनिया के सबसे खतरनाक सुपरसोनिक एंटी शिप मिसाइलें मानी जाती हैं. इन दोनों में एक जैसा रैमजेट पावर है. दोनों में मामूली अंतर हैं. चीनी मिसाइल ब्रह्मोस की तुलना में थोड़ी तेज है और वह ज्यादा पेलोड ले जा सकती है. वहीं ब्रह्मोस अपनी अचूक मारक क्षमता के लिए विख्यात है. यह मिसाइल की मारक क्षमता दुनिया देख चुकी है.
दुनिया की सबसे घातक मिसाइलें
ये सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें समंदर के ऊपर बहुत कम ऊंचाई पर ट्रेवल करती हैं. इस कारण इनको डिटेक्ट करना दुनिया के किसी भी डिफेंस सिस्टम के लिए बहुत कठिन काम है. इसमें 250 से 500 किलो का वारहेड होता है. इस तरह ये किसी भी लक्ष्य को तबाह करने में समक्ष हैं. रायटर के मुताबिक इजरायली इंटेलिजेंस के एक पूर्व अधिकारी ने डैनी सिट्रिनोविच ने कहा कि अगर ईरान को ये मिसाइलें मिल जाती हैं पूरा गेम बदल जाएगा. इन मिसाइलों को इंटरसेप्ट करना बहुत मुश्किल है.
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीस्टूय के सीनियर रिसर्चर पीटर वेजमैन ने कहा कि ईरान का हथियार स्टॉक कमजोर हुआ है और अगर उसके सीएम-302 मिसाइलें मिल जाती हैं तो उसकी ताकत काफी बढ़ जाएगी. रिपोर्ट के मुताबिक सीएम-302 मिसाइलों के अलावा ईरान चीन से सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम, एंटी बैलिस्टिक हथियार और एंटी सैटेलाइट हथियार भी खरीदने को लेकर बाचतीच कर रहा है.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें

