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Bawasir Ka Ayurvedic Ilaj: बवासीर होने पर कई बार सर्जरी की भी जरूरत पड़ती है. लेकिन कुछ आयुर्वेदिक उपाय इतने कारगर हैं कि इसकी मदद से बवासीर को बिना ऑपरेशन ठीक किया जा सकता है. यहां हम आपको ऐसे ही उपायों के बारे में बता रहे हैं.
Bawasir Ka Ayurvedic Ilaj: बवासीर मल द्वार में होने वाली दर्दनाक समस्या है. ये बीमारी कॉमन है, और लाइफस्टाइल की आदतों से भी ट्रिगर होती है. इसमें खासतौर पर गुदा में सूजन, दर्द, खून आना और कभी-कभी गुदा का बाहर आना जैसी समस्याएं होती हैं. यह समस्या आमतौर पर गलत खानपान, तनाव, कब्ज, या लम्बे समय तक बैठे रहने से होती है.मेडिकल में इसके लिए मेडिसिन और सर्जरी जैसे विकल्प मौजूद है.
अच्छी बात ये है कि आयुर्वेद में इसके प्रभावी और नेचुरल उपाय मौजूद हैं. आयुर्वेद के अनुसार, बवासीर का इलाज त्रिदोष (वात, पित्त और कफ) के संतुलन को बनाए रखने में है. वात, पित्त और कफ में असंतुलन के कारण ही बवासीर जैसी समस्या उत्पन्न होती है. इसलिए उपचार के दौरान इन दोषों को संतुलित करने पर ध्यान दिया जाता है.
सही फूड्स चुनें
बवासीर के इलाज के लिए सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम है सही आहार का सेवन. यदि आप बवासीर से परेशान हैं, तो तैलीय और मसालेदार खाना न खाएं. इस प्रकार के खाद्य पदार्थ पाचन क्रिया को बिगाड़ सकते हैं, जिससे कब्ज की समस्या बढ़ सकती है. इसके बजाय हरे चने, साबुत अनाज और दया जैसे हल्के और सुपाच्य आहार को अपनी डाइट में शामिल करें. इसके अलावा दिनभर में पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ (पानी, जूस आदि) पीना चाहिए ताकि पाचन क्रिया सही रहे और कब्ज की समस्या न हो.
त्रिफला का सेवन
त्रिफला को पाचन और आंतों की सफाई के लिए बहुत प्रभावी माना जाता है. इसके लिए आप त्रिफला पाउडर को आमला के छिलके के साथ 3 से 5 ग्राम की मात्रा में गर्म पानी के साथ लें. यह उपाय पेट की सफाई करेगा और बवासीर की समस्या को ठीक करने में मदद करेगा.
गुलकंद खाएं
गुलकंद का सेवन बवासीर के इलाज में भी फायदेमंद होता है. यह पाचन को बेहतर बनाता है और आंतों की सूजन को कम करता है. आप गुलकंद को रोज 1 से 2 चम्मच की मात्रा में ले सकते हैं. गुलाब की पंखुड़ियों का पेस्ट भी दर्द और सूजन में राहत दिलाता है.
खून आ रहा है तो करें ये उपाय
यदि बवासीर में खून आ रहा है या प्रोलाप्स हो रहा है, तो लाजवंती के पौधे का जूस बहुत फायदेमंद हो सकता है. यह जूस ब्लीडिंग को रोकता है और सूजन को कम करता है. इसे ताजे पौधे से निकाला जाता है और इसे दिन में एक या दो बार लिया जा सकता है.
इलाज का आसान तरीका
बवासीर के इलाज के लिए सिट्ज बाथ एक बहुत प्रभावी और सरल तरीका है. इसके लिए एक बर्तन में गर्म पानी भरें और उसमें त्रिफला, पीपल और गूलर की छाल का उबाला हुआ पानी डालें. फिर इस पानी में बैठकर कुछ समय आराम से बैठें. इससे गुदा में राहत मिलेगी, सूजन कम होगी और खून आना भी कम हो सकता है. इसके बाद, आप कोई भी तेल (जैसे नारियल तेल) लगा सकते हैं, जो सूजन और दर्द में राहत देता है.
नोट- किसी आयुर्वेदिक उपाय को अपनाने से पहले योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह लेना बेहद जरूरी है.
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शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें
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