नौकरी, व्यापार, कोर्ट-कचहरी से हैं परेशान, तो शनिदेव करेंगे सारे समाधान..यहां जानिए गोंडा के चमत्कारी मंदिर की मान्यताएं

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गोंडा: उत्तर प्रदेश गोंडा नगर में स्थित एक प्राचीन शनिदेव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा केंद्र बना हुआ है. मान्यता है कि यहां लगातार 40 शनिवार तक दीप जलाने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं.

लोकल 18 से बातचीत के दौरान शनिदेव मंदिर के महंत स्वरूप गिरी का कहना है कि जो भी सच्चे मन से यहां आकर पूजा करता है और 40 शनिवार तक सरसों के तेल का दीपक जलाता है, उसकी परेशानियां धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं. खासकर नौकरी, व्यापार, कोर्ट-कचहरी और शनि दोष से जुड़ी समस्याओं के लिए लोग यहां आते हैं.

इस मंदिर की किसने की थी स्थापना: स्वरूप गिरी बताते हैं कि इस शनिदेव मंदिर की स्थापना गणपत गिरी द्वारा कराया गया है. उन्होंने बताया कि शनिवार को भक्तों की काफी भीड़ रहती है. बहुत विशाल मंदिर है. जिस भी व्यक्ति को साढ़ेसाती या शनि रुष्ट हो वो इस मंदिर में शनिवार को शनिदेव के सामने सरसों या तिल के तेल का दीपक जलाएं और काले वस्त्र दान करे तो उसके सभी कष्ट दूर हो जाएंगे.

गोंडा का सबसे बड़ा शनिदेव मंदिर: स्वरूप गिरी कि शनिदेव का इतना विशाल मंदिर गोंडा जिले में कहीं और नहीं है. इसकी सबसे बड़ी खासियत मंदिर के गेट के ऊपर है विशाल रथ पर सवार शनिदेव महाराज की प्रतिमा, जो इस मंदिर का आकर्षण का केंद्र है. शनिदेव को न्याय के देवता माना जाता है, उन्हें प्रसन्न करने के लिए भक्त शनिवार का दिन चुनते हैं. ऐसा विश्वास है कि शनिदेव की पूजा और दान से व्यक्ति के सभी कष्ट, दुःख-दर्द और आर्थिक परेशानियां दूर हो जाती हैं.गोंडा का यह शनिदेव मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्त्वपूर्ण है बल्कि यह आस्था का एक प्रमुख केंद्र भी है, जहां पर भक्त अपनी समस्याओं का समाधान खोजने आते हैं.

शनि देव को क्या-क्या है प्रिय

स्वरूप गिरी बताते हैं कि शनिदेव को सोना, लोहा, तेल, काला कपड़ा चढ़ाने से आपके सारे दुख दर्द दूर हो जाएंगे और शनिदेव की कृपा बनी रहेगी.

कब-कब लगता है मेला

स्वरूप गिरी बताते हैं कि शनि देव मंदिर पर प्रत्येक शनिवार और मंगलवार को भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और शनि चालीसा और हनुमान चालीसा पढ़ते हैं और दीपक जलते हैं.

मंदिर की क्या है विशेषता

स्वरूप गिरी बताते हैं कि इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस मंदिर पर यह आप 40 शनिवार को दीपक जलाते हैं और शनि चालीसा और हनुमान चालीसा पढ़ते हैं तो आप पर जैसे ढैया, साढ़ेसाती, और यह कोई भी ग्रह दशा खराब चल रहा है तो उससे आपको राहत मिलेगा. स्वरूप गिरी बताते हैं कि शनिदेव मंदिर पर गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, बाराबंकी और अयोध्या से श्रद्धालु आते हैं.

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