आर्मी से रिटायर होकर जवान ने थामा देसी व्यापार का साथ, शुद्ध गुड़ बनाकर देश-विदेश में कमा रहे नाम

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Lakhimpur Kheri News: लखीमपुर खीरी के रहने वाले आर्मी रिटायर जवान अब खुद का शुद्ध देसी गुड़ तैयार कर रहे हैं. हरप्रीत सिंह ने गन्ने की ऑर्गेनिक खेती के साथ सहफसली खेती भी शुरू कर दी. फिर उन्होंने गुड़ बनाने की एक यूनिट भी लगाई और अब वह अच्छी कमाई कर रहे हैं.

लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के निघासन के रहने वाले सेना से रिटायर हरप्रीत सिंह इस समय शुद्ध देसी गुड़ तैयार कर रहे हैं, जिससे उन्हें अच्छा खासा मुनाफा भी होता है. सर्दी हो या गर्मी, हर मौसम में गुड़ की डिमांड अधिक रहती है. ऐसे में गुड़ हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद रहती है. इस कारण बाजारों में गुड़ की हमेशा डिमांड बनी रहती है. भोजन के बाद गुड़ का सेवन करने से पाचन क्रिया सुगम होती है और गैस कब्ज जैसी समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है. गुड़ की तासीर गर्म होती है.

निघासन के रहने वाले किसान हरप्रीत सिंह ने लोकल 18 से बातचीत करते हुए बताया कि 2020 में आर्मी से रिटायर हुए थे. उसके बाद हरप्रीत सिंह ने गन्ने की ऑर्गेनिक खेती के साथ सहफसली खेती भी शुरू कर दी. फिर उन्होंने गुड़ बनाने की एक यूनिट भी लगाई. हरप्रीत सिंह खुद प्रोसेसिंग मार्केटिंग और प्रोडक्शन करते हैं. किसान हरप्रीत सिंह का मानना है कि क्वालिटी अच्छी होनी चाहिए. हरप्रीत सिंह का अच्छा 10 से 12 देश में जाता है. खेती से वह अच्छा खासा मुनाफा कमा रहे हैं और दूसरों को प्रेरणा भी दे रहे हैं. उनके गुड़ आसानी से बिक जाते हैं.

रसायन मुक्त गुड़ करते हैं तैयार

हरप्रीत सिंह ने बताया कि 2022 में हमने गुड़ बनाने की एक यूनिट तैयार की, जिसके बाद लगातार अब हम रसायन मुक्त गुड़ तैयार करते हैं. इस गुड़ को बनाने के लिए वनस्पति रस साफ करने वाले पदार्थ का इस्तेमाल किया जाता है. गुड़ बनाने में किसी तरह का कोई केमिकल नहीं मिलाया जाता है. रस को साफ करने के लिए देवला का उपयोग किया जाता है. गुड़ को छोटे-छोटे टुकड़ों के रूप में बनाया गया है. यह गुड़ औषधीय गुणों से भरपूर है, जिसका स्वाद केमिकल वाले गुड़ के मुकाबले ज्यादा अच्छा होता है.

जब तक गन्ना, तब तक यूनिट तैयार

खीरी जनपद में किसान गन्ने की खेती बड़े पैमाने पर करते हैं, जिस कारण गुड़ की डिमांड अधिक रहती है. ऐसे में किसान हरप्रीत सिंह ने बताया कि हम गन्ने की खेती बड़े पैमाने पर करते हैं. जो गन्ना हम अपने खेतों में तैयार करते हैं, उसी गन्ने से हम गुड़ और शक्कर तैयार करते हैं. हमारी यूनिट तब तक चलती है, जब तक हमारे पास गन्ना रहता है. उसके बाद हम यूनिट को बंद कर देते हैं. मार्केट से गन्ना खरीदकर हम गुड़ तैयार नहीं करते हैं.

किसान हरप्रीत सिंह तीन प्रकार का गुड़ तैयार करते हैं, जिसका रेट अलग रहता है. सोंठ अजवाइन गुड़, स्पेशल गुड़, सादा गुड़ हम तैयार करते हैं, जिसके बाद मार्केटिंग की जाती है. इस कारण वो अच्छा खासा मुनाफा कमा लेते हैं.

About the Author

आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

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