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होली का त्योहार रंगों और खुशियों से भरा होता है, लेकिन केमिकल युक्त रंग त्वचा के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं. ऐसे में जरूरी है कि थोड़ी सी सावधानी और कुछ घरेलू उपाय अपनाकर अपनी स्किन को सुरक्षित रखा जाए. आयुर्वेद विशेषज्ञों ने होली से पहले और बाद में त्वचा की देखभाल के आसान और असरदार तरीके बताए हैं.
सहारनपुर. होली रंगों का त्योहार है, लेकिन आजकल बाजार में मिलने वाले केमिकल युक्त रंग त्वचा के लिए नुकसानदायक साबित हो रहे हैं. इन रंगों से स्किन रफ हो सकती है, खुजली, लाल चकत्ते, दाने और इंफेक्शन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. ऐसे में जरूरी है कि त्योहार की खुशी के साथ अपनी त्वचा की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाए.
रंग खेलने से पहले बरतें ये सावधानियां
बीएएमएस, एमडी आयुर्वेद डॉक्टर हर्ष ने बताया कि होली खेलने से पहले शरीर पर नारियल या सरसों के तेल की अच्छी तरह मालिश करनी चाहिए. इसके अलावा मॉइश्चराइजिंग क्रीम का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. इससे त्वचा पर एक परत बन जाती है और रंग सीधे स्किन पर असर नहीं कर पाते. उन्होंने सलाह दी कि होली हमेशा हर्बल रंगों और अच्छे गुलाल के साथ ही खेलें.
केमिकल रंग लग जाए तो क्या करें?
अगर गलती से केमिकल वाला रंग त्वचा पर लग जाए और खुजली, जलन या लाल चकत्ते दिखने लगें, तो सबसे पहले साफ पानी से स्नान करें. इसके बाद त्वचा पर एलोवेरा जेल लगाएं. एलोवेरा त्वचा को ठंडक देता है और इरिटेशन कम करता है. नारियल तेल भी त्वचा को मुलायम बनाने और सूजन कम करने में मददगार है.
कब लें डॉक्टर की सलाह?
डॉ. हर्ष का कहना है कि यदि घरेलू उपायों से राहत न मिले या त्वचा की समस्या बढ़ती नजर आए, तो तुरंत किसी त्वचा रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए. लापरवाही करने से छोटी समस्या बड़ी परेशानी में बदल सकती है.
हर्बल रंगों को दें प्राथमिकता
होली प्रेम, भाईचारे और खुशियों का त्योहार है. इसलिए ऐसे रंगों का उपयोग करें जो त्वचा के लिए सुरक्षित हों. हर्बल गुलाल और प्राकृतिक रंग न सिर्फ सुरक्षित हैं, बल्कि त्योहार की मिठास भी बरकरार रखते हैं.
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पिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ें
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