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अयोध्या में होली अत्यंत उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है. मठ-मंदिरों में भगवान को अबीर-गुलाल लगाया जा रहा है. फगुआ गीतों से प्रभु को रिझाया जा रहा है. पूरा वातावरण भक्तिरस में डूबा हुआ है. रामलला की नगरी एकता, सौहार्द और आस्था से सराबोर दिख रही है. राम मंदिर से सटे श्रृंगार भवन में आज सौहार्द की विशेष होली खेली गई. यहां संत-महंत, श्रद्धालु और स्थानीय लोग रंगों में रंगे नजर आए. अयोध्या की सड़कों पर भी अबीर और गुलाल फैले दिख रहे हैं.
अयोध्या. पावन नगरी अयोध्या से इस वक्त रंगों और आस्था से सराबोर तस्वीरें सामने आ रही हैं. रामनगरी में होली का उत्साह अपने चरम पर है. राम मंदिर में विराजमान रामलला के आंगन से लेकर मठ-मंदिरों तक हर ओर रंगोत्सव की छटा बिखरी हुई है. राम मंदिर से सटे श्रृंगार भवन में होली के अवसर पर सौहार्द की विशेष होली खेली गई. फाग और फगुआ गीतों की मधुर धुनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा. संत-महंत, श्रद्धालु और स्थानीय लोग रंगों में सराबोर नजर आए.
अयोध्या की सड़कों पर भगवा अबीर और गुलाल की खुशबू फैली हुई है. मंदिर-मंदिर और मठ-मठ फाग के गीत गूंज रहे हैं. भगवान को होली के पारंपरिक गीत सुनाए जा रहे हैं और विधि-विधान से अबीर-गुलाल अर्पित किया जा रहा है. राम मंदिर के पूर्ण होने के बाद यह पहली होली है, जिसे लेकर संत समाज में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है. रामलला के दरबार में फाग गाया गया, भगवान को रंग अर्पित किए गए और पूरे विधि-विधान के साथ रंगोत्सव मनाया गया. यह होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि आस्था, श्रद्धा और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक बनकर सामने आई है.
सबसे खास तस्वीर तब देखने को मिली जब हिंदू और मुस्लिम समाज के लोग एक साथ रंग खेलते नजर आए. बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने संतों को गले लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं. संत समाज ने भी उन्हें अबीर-गुलाल लगाकर आपसी भाईचारे का संदेश दिया. इकबाल अंसारी ने कहा कि अयोध्या हमेशा से सौहार्द और भाईचारे की मिसाल रही है. आज राम मंदिर के बगल श्रृंगार भवन में बैठकर फूलों की होली खेलना और फगुआ गीत सुनना इस बात का प्रमाण है कि यह नगरी दिलों को जोड़ने का काम करती है.
केवल उत्सव नहीं
संतों ने भी बताया कि अयोध्या में यह पर्व अत्यंत उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है. मठ-मंदिरों में भगवान को अबीर-गुलाल लगाया जा रहा है. फगुआ गीतों से प्रभु को रिझाया जा रहा है. रामलला की नगरी से यह संदेश साफ है कि रंगों का यह त्योहार केवल उत्सव नहीं, बल्कि एकता, सौहार्द और आस्था का प्रतीक भी है. यहां की होली दिलों को जोड़ने और समाज को एक सूत्र में पिरोने का संदेश देती नजर आ रही है.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें
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