पूर्व AAP विधायक के पति पर FIR, निगम अफसर के काम में डाल रहे थे अड़ंगा, BJP ने खोचा मोर्चा

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नई दिल्ली: राजधानी के शालीमार बाग इलाके में अतिक्रमण और टेंट हटाने गए नगर निगम (MCD) के कर्मचारियों के साथ मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है. आरोप है कि आम आदमी पार्टी की पूर्व विधायक वंदना कुमारी के पति सज्जन कुमार और उनके समर्थकों ने हॉर्टिकल्चर विभाग के कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की और उन पर जानलेवा हमला किया. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

क्या है पूरा विवाद?
घटना 2 मार्च 2026 की है. शालीमार बाग के CA ब्लॉक स्थित एक सार्वजनिक पार्क में अवैध रूप से टेंट लगाया गया था. जब निगम के हॉर्टिकल्चर विभाग के कर्मचारी रजनीश कुमार अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे और टेंट लगाने की अनुमति मांगी तो विवाद शुरू हो गया. शिकायतकर्ता रजनीश कुमार के अनुसार पार्क में बिना अनुमति के कार्यक्रम की तैयारी चल रही थी. जब निगम की टीम ने नियम के अनुसार टेंट हटाने की कोशिश की तो वहां मौजूद भीड़ हिंसक हो गई.

मारपीट और जान से मारने की धमकी
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पूर्व विधायक के पति सज्जन कुमार ने न केवल कर्मचारियों को काम करने से रोका बल्कि भीड़ को उकसाया. आरोप है कि उन्होंने कर्मचारियों को ‘चोर-चोर’ कहकर संबोधित किया जिसके बाद समर्थकों ने कर्मचारियों के साथ मारपीट शुरू कर दी. रजनीश कुमार ने अपनी शिकायत में कहा, “हमने सिर्फ परमिशन के बारे में पूछा था लेकिन हमारे साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई.”

पार्षद ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
स्थानीय पार्षद अनिता जैन ने इस घटना पर कड़ा रोष व्यक्त किया है. उन्होंने इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बताते हुए कहा, “ड्यूटी कर रहे सरकारी कर्मचारियों पर हमला बेहद गंभीर मामला है. कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है. इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लग सके.”

विश्लेषण
यह घटना दिल्ली में प्रशासनिक अधिकारियों और राजनीतिक समर्थकों के बीच बढ़ते टकराव को दर्शाती है:

1. सार्वजनिक संपत्ति पर अतिक्रमण: दिल्ली के पार्कों का व्यावसायिक या निजी कार्यक्रमों के लिए उपयोग बिना अनुमति के अवैध है. निगम का दस्ता जब अपनी ड्यूटी निभाने पहुंचता है, तो अक्सर उन्हें स्थानीय दबाव का सामना करना पड़ता है.

2. भीड़ की मानसिकता का दुरुपयोग: कर्मचारियों को ‘चोर’ कहकर भीड़ को उकसाना एक खतरनाक प्रवृत्ति है. इससे न केवल कर्मचारियों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है, बल्कि सरकारी विभागों का मनोबल भी गिरता है.

3. कानूनी निहितार्थ: सरकारी कर्मचारियों पर हमला (BNS की संबंधित धाराएं) एक गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है. यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह पूर्व विधायक और उनके परिवार के लिए बड़ी कानूनी मुश्किल खड़ी कर सकता है.

सवाल-जवाब
मारपीट की घटना कब और कहाँ हुई?

यह घटना 2 मार्च 2026 को उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के शालीमार बाग स्थित CA ब्लॉक के एक सार्वजनिक पार्क में हुई.

एफआईआर में मुख्य रूप से किसका नाम शामिल है?

एफआईआर में मुख्य रूप से पूर्व विधायक वंदना कुमारी के पति सज्जन कुमार और उनके समर्थकों के नाम शामिल हैं.

एमसीडी कर्मचारियों ने टेंट हटाने की कोशिश क्यों की थी?

निगम के अनुसार, पार्क में टेंट बिना किसी आधिकारिक अनुमति के लगाया गया था, जो नियमों के खिलाफ है.

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