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Pumpkin Peel Benefits: गर्मियों की तेज धूप में टैनिंग, सनबर्न और त्वचा की जलन जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. ऐसे में लौकी के छिलकों को एक आसान घरेलू उपाय के रूप में अपनाया जा सकता है. इनमें 90 प्रतिशत से अधिक पानी, विटामिन C और जिंक जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो त्वचा को ठंडक और नमी देने में मदद करते हैं. धूप से आने के बाद चेहरे या हाथों पर हल्के से रगड़ने पर यह त्वचा को राहत दे सकते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार नियमित उपयोग से टैनिंग हल्की पड़ सकती है. हालांकि किसी भी घरेलू उपाय से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी माना जाता है.
गर्मियों की तेज धूप में बाहर निकलते ही टैनिंग, सनबर्न और स्किन जलने जैसी समस्याएं आम हो जाती है. ऐसे में बाजार के महंगे प्रोडक्ट्स के बजाय अब एक देसी नुस्खा लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है वह लौकी का छिलका है. जिस छिलके को आमतौर पर लोग कचरा समझकर फेंक देते हैं, वही अब स्किन के लिए “नेचुरल कूलिंग थेरेपी” के रूप में देखा जा रहा है. ब्यूटी एक्सपर्ट्स और आयुर्वेद जानकार इसे धूप के कालापन को कम करने में सहायक मानते हैं.
लौकी के छिलकों में 90 प्रतिशत से अधिक पानी की मात्रा होती है, जो त्वचा को प्राकृतिक रूप से ठंडक और नमी प्रदान करने में मदद करती है. इसमें विटामिन C और जिंक जैसे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं, जिन्हें स्किन के लिए फायदेमंद माना जाता है. तेज धूप से आने के बाद ताजे लौकी के छिलकों को चेहरे या हाथों पर हल्के हाथ से रगड़ने से त्वचा को तुरंत ठंडक और हाइड्रेशन मिल सकता है. इससे सनबर्न से प्रभावित त्वचा को राहत मिलती है और जलन या लालिमा कम होने में मदद मिल सकती है. नियमित उपयोग से त्वचा तरोताजा महसूस कर सकती है.
स्किन एक्सपर्ट्स के अनुसार लौकी के छिलकों में हल्का प्राकृतिक ब्लीचिंग प्रभाव पाया जाता है, जो त्वचा में मेलेनिन की अधिकता को संतुलित करने में मदद कर सकता है. इसी कारण नियमित उपयोग से धूप की वजह से हुई टैनिंग धीरे-धीरे हल्की पड़ सकती है. लौकी के छिलके त्वचा को ठंडक देने के साथ उसे तरोताजा महसूस कराने में भी सहायक माने जाते हैं. हालांकि यह कोई जादुई इलाज नहीं है, लेकिन घरेलू देखभाल के रूप में इसे सुरक्षित, आसान और किफायती उपाय माना जाता है, जिसे प्राकृतिक स्किन केयर के तौर पर अपनाया जा सकता है.
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आयुर्वेद के अनुसार लौकी को ‘परम शीतल’ और ‘पित्त-नाशक’ माना जाता है. आयुर्वेदाचार्यों के मुताबिक तेज धूप और गर्मी के कारण त्वचा का ‘भ्राजक पित्त’ बढ़ जाता है, जिससे स्किन काली पड़ने लगती है या जलन और रूखापन महसूस हो सकता है. ऐसे में लौकी के छिलकों की प्राकृतिक ठंडक इस बढ़े हुए पित्त को शांत करने में सहायक मानी जाती है. इससे त्वचा को ठंडक मिलती है और जलन में राहत महसूस हो सकती है. साथ ही लौकी के छिलकों का उपयोग त्वचा को स्निग्धता यानी मुलायमपन और नमी प्रदान करने में भी मदद कर सकता है.
लौकी के छिलकों का यह घरेलू नुस्खा त्वचा के लिए कई तरह से फायदेमंद माना जाता है. माना जाता है कि यह टैनिंग कम करने, सनबर्न से होने वाली जलन को शांत करने और त्वचा को ताजगी देने में मदद कर सकता है. धूप से लौटने के बाद इसका उपयोग करने से त्वचा को ठंडक और आराम महसूस हो सकता है. कुछ लोगों के अनुभव के अनुसार इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण हल्के पिंपल्स को कम करने में भी सहायक हो सकते हैं. नियमित और सही तरीके से उपयोग करने पर त्वचा अधिक फ्रेश, साफ और तरोताजा दिखाई दे सकती है.
लौकी के छिलकों का उपयोग करना बेहद आसान है. सबसे पहले ताजी लौकी के मोटे छिलके उतार लें. धूप या बाहर से आने के बाद इन छिलकों को चेहरे और हाथों पर हल्के हाथ से 5 से 7 मिनट तक रगड़ें. इसके बाद छिलकों का रस त्वचा पर लगभग 10 मिनट तक लगा रहने दें, ताकि त्वचा इसे अच्छी तरह सोख सके. फिर चेहरे और हाथों को ठंडे पानी से धो लें. इस आसान घरेलू उपाय को हफ्ते में दो से तीन बार अपनाया जा सकता है. नियमित उपयोग से त्वचा को ठंडक और ताजगी महसूस हो सकती है.
लौकी के छिलकों का इस्तेमाल करने से पहले कुछ सावधानियां रखना जरूरी है. यदि लौकी कड़वी हो तो उसके छिलकों को त्वचा पर बिल्कुल न लगाएं, क्योंकि इससे स्किन पर एलर्जी या जलन जैसी प्रतिक्रिया हो सकती है. छिलकों को चेहरे या हाथों पर रगड़ते समय बहुत ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहिए, वरना त्वचा में लालिमा या हल्की सूजन आ सकती है. किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर माना जाता है. इसके लिए छिलके का थोड़ा रस हाथ की कलाई पर लगाकर कुछ समय तक देखें, ताकि त्वचा की प्रतिक्रिया का पता चल सके
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