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ग्रेटर नोएडा. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते प्रभाव ने उद्योग और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में बड़े बदलाव की शुरुआत कर दी है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में केवल सामान्य जानकारी रखने वाले पेशेवरों की बजाय उन लोगों की ज्यादा मांग होगी, जो किसी खास क्षेत्र में विशेषज्ञता रखते हों. ऐसे में छात्रों के लिए जरूरी है कि वे केवल बाजार की मांग देखकर करियर न चुनें, बल्कि अपनी रुचि और क्षमता के आधार पर अपनी विशेषज्ञता विकसित करें.
AI के कारण बदल रहा है काम करने का तरीका
ओपस्ट्री के सह-संस्थापक और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (CTO) संदीप रावत का कहना है कि तकनीक के विकास के साथ कई नए अवसर सामने आ रहे हैं. मार्केटिंग और सेल्स जैसे क्षेत्र पहले से मौजूद हैं, लेकिन AI के आने से लगभग हर क्षेत्र में काम करने का तरीका बदल गया है. AI के इस्तेमाल से काम की दक्षता (एफिशिएंसी) काफी बढ़ गई है और कंपनियां नई तकनीकों में तेजी से निवेश कर रही हैं. इसका असर रोजगार के नए अवसरों के रूप में भी सामने आ रहा है.
इन नए क्षेत्रों में बढ़ रही विशेषज्ञों की मांग
संदीप रावत के अनुसार, आज कई नए तकनीकी क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहे हैं. इनमें AI गवर्नेंस, डाटा सोवेरनिटी और डाटा कंप्लायंस जैसे क्षेत्र प्रमुख हैं. डाटा की सुरक्षा और उसके सही उपयोग को लेकर नियम और नीतियां लगातार सख्त हो रही हैं. ऐसे में इन क्षेत्रों में विशेषज्ञों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है. यही वजह है कि टेक्नोलॉजी सेक्टर में नए-नए डिवीजन बन रहे हैं और युवाओं के लिए करियर के नए रास्ते खुल रहे हैं.
छात्रों की बुनियादी समझ मजबूत होना जरूरी
संदीप रावत का मानना है कि कॉलेज और विश्वविद्यालयों को छात्रों की शिक्षा में दो महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए. सबसे पहले छात्रों की बुनियादी और कॉन्सेप्चुअल समझ मजबूत होनी चाहिए. शुरुआती स्तर पर छात्रों को कुछ प्रमुख तकनीकी अवधारणाओं पर गहराई से ध्यान देना चाहिए. इसके बाद वे अपनी रुचि के अनुसार स्पेशलाइजेशन चुन सकते हैं, जैसे क्वालिटी एश्योरेंस (QA), प्रोडक्ट डेवलपमेंट या इंजीनियरिंग से जुड़े अन्य क्षेत्र.
केवल ट्रेंड देखकर करियर न चुनें छात्र
संदीप रावत ने छात्रों को सलाह दी कि वे केवल यह न सोचें कि वर्तमान में बाजार में किस क्षेत्र की मांग ज्यादा है. इसके बजाय उन्हें यह समझना चाहिए कि उनकी रुचि और क्षमता किस क्षेत्र में है. आज के समय में सामान्य कौशल रखने वालों की तुलना में विशेषज्ञों की मांग अधिक है. इसलिए छात्रों को अपनी क्षमताओं को पहचानकर उसी दिशा में आगे बढ़ना चाहिए.
छोटे AI प्रोजेक्ट्स से करें सीखने की शुरुआत
बार्कलेज़ में कैश इक्विटी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रियंक जैन का कहना है कि AI का महत्व लगातार बढ़ रहा है, हालांकि यह तकनीक पिछले दो से तीन दशकों से विकसित हो रही है. उनके अनुसार, जो छात्र तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं, उन्हें AI की बुनियादी समझ विकसित करनी चाहिए. शुरुआत में छोटे-छोटे AI मॉडल बनाकर सीखना चाहिए और धीरे-धीरे बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करना चाहिए. इससे उनकी समझ और अनुभव दोनों मजबूत होंगे.
प्लेसमेंट में प्रोजेक्ट्स की होती है अहम भूमिका
प्रियंक जैन के अनुसार, जब छात्र प्लेसमेंट के लिए जाते हैं तो उनके प्रोजेक्ट्स और प्रैक्टिकल अनुभव काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इसलिए छात्रों को ऐसे प्रोजेक्ट्स पर काम करना चाहिए जिनमें नवाचार और व्यावहारिक उपयोग हो.
इंडस्ट्री और शिक्षा के बीच की दूरी कम करने की पहल
वहीं, शारदा विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर अंकित खरे ने बताया कि हाल ही में विश्वविद्यालय में इंडस्ट्री एडवाइजरी कमिटी की बैठक आयोजित की गई थी. इसका उद्देश्य इंडस्ट्री और अकादमिक जगत के बीच मौजूद अंतर को कम करना है. इस बैठक में विभिन्न उद्योगों के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया और छात्रों को भविष्य की तकनीकों, इंटरव्यू की तैयारी और उद्योग की जरूरतों के बारे में महत्वपूर्ण सुझाव दिए.
विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से मिलती है सही दिशा
अंकित खरे के अनुसार, उद्योग विशेषज्ञों के अनुभव और मार्गदर्शन से छात्रों को यह समझने में मदद मिलती है कि आने वाले समय में किन कौशलों की सबसे ज्यादा जरूरत होगी. अगर छात्र इन सुझावों पर अमल करें तो वे भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकते हैं.
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