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आजमगढ़ में किसान पारंपरिक खेती से हटकर अब व्यावसायिक तौर पर फूलों की खेती कर रहे हैं. भंवरनाथ क्षेत्र की महिला किसान रंजन मौर्य डेढ़ बीघा जमीन में गुलाब और सदाबहार की खेती कर अच्छी कमाई कर रही हैं. कम लागत और बाजार में अधिक मांग के कारण यह खेती किसानों के लिए लाभदायक साबित हो रही है.
पारंपरिक खेती से हटकर किसानों के द्वारा अब व्यावसायिक तौर पर बड़े पैमाने पर फसलों की पैदावार की जा रही है. जिससे वह मार्केट से अच्छा मुनाफा कमा सके किसान अब अनाजों के उत्पादन के अलावा व्यावसायिक रूप से सब्जी एवं फूलों की खेती कर रहे हैं, जिसकी मार्केट में डिमांड काफी अधिक है.
आजमगढ़ में भी कई किसानों के द्वारा बड़े पैमाने पर सब्जियां एवं कई तरह के फूलों का उत्पादन किया जाता है. जो उनके आय का एक मुख्य साधन बन रहा है, आजमगढ़ में किसानों के द्वारा कई तरह के फूलों की खेती की जा रही है. मसलन किसान गुलाब, गेंदे एवं सदाबहार के फूलों की खेती कर रहे हैं.
इस क्षेत्र में पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहीं हैं. आजमगढ़ में कई महिला किसान है जो व्यावसायिक रूप से फूलों की खेती कर रहे हैं और इससे अच्छा मुनाफा कमा रही हैं. आजमगढ़ के भंवरनाथ क्षेत्र में रहने वाली रंजन मौर्य इन्हीं किसानों में से एक है.
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रंजन मौर्य ने बताया कि वह डेढ़ बीघा में गुलाब एवं सदाबहार के फूलों की पैदावार करती हैं. मार्केट में इन फूलों की डिमांड काफी अधिक होने से यह व्यावसायिक रूप से उनके लिए बेहद फायदेमंद खेती बन रही है, ऐसे में वह किसान जो पारंपरिक खेती से हटकर व्यावसायिक खेती का मन बना रहे हैं, उनके लिए इन फूलों की खेती बेहद लाभदायक हो सकती है.
रंजन मौर्य ने बताया कि सदाबहार के फूलों की डिमांड आजमगढ़ में कई फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों के द्वारा भी की जाती है. आजमगढ़ में ऑर्गेनिक इंडिया नामक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के द्वारा सदाबहार के फूलों की डिमांड की जाती है, उनके द्वारा खेतों में लगाने के लिए बी भी उपलब्ध कराया जाता है.
सदाबहार का उत्पादन करने के लिए किसानों को बेहद कम लागत और कम मेहनत की आवश्यकता होती है. इसके लिए खेत की सही तरह से जुताई करने के बाद बीच की बुवाई की जा सकती है. वही बेहतर उत्पादन के लिए घर में बनी हुई गोबर वह कंपोस्ट खाद का उपयोग कर सकते हैं.
घर में तैयार हुई गोबर और कंपोस्ट की खाद जहां एक तरफ बेहद कम लागत में तैयार होती है. वहीं इससे फसलों का उत्पादन भी बेहतर होता है और उनकी गुणवत्ता सही होने के कारण मार्केट से इसकी अच्छी कीमत मिलती है. ऐसे में इन फूलों की खेती से किस व्यावसायिक रूप से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
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