दो अटेम्प्ट में मिली असफलता, नहीं मानी हार…झांसी की आयुषी ने कैसे क्रैक की UPSC, जानें

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झांसी की बेटी आयुषी सिजेरिया ने कड़ी मेहनत और हिम्मत के दम पर यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा पास कर ली. दो बार असफलता मिलने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी. उनकी इस उपलब्धि से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरा झांसी शहर गर्व महसूस कर रहा है. यूपीएससी की तैयारी आसान नहीं होती. आयुषी ने भी इस रास्ते में कई मुश्किलें देखीं. आयुषी ने इंटर तक की पढ़ाई झांसी के शेरवुड स्कूल से की. आगे की पढ़ाई के लिए प्रयागराज का रुख किया.

झांसी. कहते हैं कि हिम्मत और मेहनत व्यक्ति को हर कठिन से कठिन मुकाम को हासिल करने की प्रेरणा देती है. पढ़ने का जज्बा जानने की जिज्ञासा और लक्ष्य को फतह करने का हौसला व्यक्ति को सफल बना देता है. झांसी की बेटी आयुषी सिजेरिया ने बड़ा सपना सच कर दिखाया. कई साल की मेहनत और हिम्मत के बाद आयुषी ने यूपीएससी परीक्षा पास कर ली. दो बार हार मिलने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और तीसरे प्रयास में जीत हासिल कर ली. अब झांसी की यह होनहार बेटी देश की सेवा करने के लिए तैयार है. झांसी की रहने वाली आयुषी सिजेरिया शुरू से ही पढ़ाई में तेज रही हैं. उनका बचपन शहर के शांत माहौल में बीता. परिवार ने हमेशा उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया. आयुषी ने इंटर तक की पढ़ाई झांसी के शेरवुड स्कूल से की. स्कूल के समय से ही आयुषी पढ़ाई में आगे रहती थीं. शिक्षक भी उनकी लगन और मेहनत की सराहना करते थे. आयुषी का सपना था कि वह आगे चलकर बड़ा काम करें और अपने शहर और देश का नाम रोशन करें.

स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद आयुषी ने आगे की पढ़ाई के लिए प्रयागराज का रुख किया. उन्होंने प्रयागराज के एनआईटी कॉलेज से ग्रेजुएशन किया. कॉलेज के समय में भी आयुषी का ध्यान पढ़ाई पर ही रहा. इसी दौरान उन्होंने सिविल सेवा में जाने का सपना देखा. आयुषी को लगा कि इस रास्ते से वह लोगों की मदद कर सकती हैं. देश के लिए काम कर सकती हैं. यूपीएससी की तैयारी आसान नहीं होती. आयुषी ने भी इस रास्ते में कई मुश्किलें देखीं. पहले प्रयास में उन्हें सफलता नहीं मिली. दूसरा प्रयास भी उम्मीद के अनुसार नहीं रहा. लेकिन आयुषी ने हिम्मत नहीं हारी उन्होंने अपनी गलतियों को समझा और फिर से तैयारी शुरू की. परिवार ने भी हर समय उनका साथ दिया. माता-पिता ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए हौसला दिया.

शांत स्वभाव
आयुषी ने तीसरे प्रयास के लिए दिन रात मेहनत की. उन्होंने पढ़ाई का सही तरीका अपनाया. रोज कई घंटे पढ़ाई की और अपने लक्ष्य पर पूरा ध्यान रखा. धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाने लगी. आखिरकार तीसरे प्रयास में उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास कर ली. जैसे ही यह खबर परिवार और शहर के लोगों को मिली वैसे ही खुशी की लहर दौड़ गई. आयुषी के माता पिता दोनों ही नौकरी पेशा वाले है. माता पिता ने हमेशा अपनी बेटी को आगे बढ़ने की सीख दी. परिवार का कहना है कि आयुषी बचपन से ही मेहनती और शांत स्वभाव की रही हैं वह अपने काम को पूरी लगन से करती हैं और कभी जल्दी हार नहीं मानती. आयुषी का कहना है कि अगर मन में सच्ची लगन हो तो कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है.

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