7 मार्च को जन्मे बच्चों का कैसा रहेगा भविष्य, ग्रह-नक्षत्रों का क्या पड़ेगा प्रभाव, ज्योतिषी से जानिए सबकुछ

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7 मार्च को जन्मे बच्चों का कैसा रहेगा भविष्य, ज्योतिषी से जानिए सबकुछ

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7 मार्च 2026 को फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि रहेगी, जिसे ज्योतिष में शुभ माना जाता है. इस दिन पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र रात 11:43 तक रहेगा, इसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र शुरू होगा. चंद्रमा सिंह राशि में रहेगा, जिससे इस दिन जन्मे बच्चों को साहसी, आत्मविश्वासी और नेतृत्व क्षमता वाला माना जाता है. ज्योतिष मान्यता के अनुसार पूर्वाफाल्गुनी में जन्मे बच्चे रचनात्मक और मिलनसार होते हैं, जबकि उत्तराफाल्गुनी में जन्मे बच्चों को मेहनती और जिम्मेदार स्वभाव का माना जाता है.

अयोध्या: सनातन परंपरा में जन्म के समय ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किसी भी दिन जन्म लेने वाले बच्चे के स्वभाव, व्यक्तित्व और भविष्य पर उस समय की ग्रह स्थिति का प्रभाव माना जाता है. ऐसे में 7 मार्च 2026 को जन्म लेने वाले बच्चों की ग्रह-नक्षत्र स्थिति भी ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष मानी जा रही है. इस दिन फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि रहेगी, जिसे धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत शुभ माना जाता है. पूर्णिमा के दिन जन्म लेने वाले बच्चों को सौभाग्यशाली और तेजस्वी माना जाता है.

7 मार्च के ग्रह-नक्षत्रों का प्रभाव
ज्योतिषीय गणना के अनुसार 7 मार्च 2026 को पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र रात्रि 11 बजकर 43 मिनट तक रहेगा. इसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का आरंभ हो जाएगा. इस दिन चंद्रमा सिंह राशि में स्थित रहेगा. वहीं वृद्धि योग शाम 7 बजकर 22 मिनट तक प्रभावी रहेगा. इसके अलावा बावा करण शाम 7 बजकर 05 मिनट तक और उसके बाद बालवा करण का प्रभाव रहेगा. इन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति का प्रभाव इस दिन जन्म लेने वाले बच्चों के स्वभाव और जीवन पर भी देखने को मिल सकता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पूर्वाफाल्गुनी और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र दोनों ही शुभ नक्षत्रों में माने जाते हैं. पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में जन्म लेने वाले बच्चे सामान्यतः रचनात्मक, आकर्षक व्यक्तित्व वाले और कलात्मक प्रवृत्ति के होते हैं. ऐसे बच्चे सामाजिक जीवन में सक्रिय रहते हैं और लोगों के बीच लोकप्रिय होते हैं.

उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में जन्मे बच्चों का स्वभाव
वहीं उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में जन्म लेने वाले बच्चों को मेहनती, जिम्मेदार और कर्तव्यनिष्ठ माना जाता है ऐसे लोग अपने कार्य के प्रति गंभीर रहते हैं और समाज में सम्मान प्राप्त करते हैं.चंद्रमा के सिंह राशि में होने का भी विशेष महत्व है ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार सिंह राशि में जन्म लेने वाले बच्चे साहसी, आत्मविश्वासी और नेतृत्व क्षमता से भरपूर होते हैं.ऐसे बच्चे अक्सर अपने जीवन में आगे बढ़ने की मजबूत इच्छा रखते हैं और चुनौतियों का सामना करने से नहीं घबराते इनमें स्वाभिमान की भावना भी प्रबल होती है और ये अपने परिवार व प्रियजनों के प्रति बेहद समर्पित रहते हैं.

नक्षत्र के अनुसार नामकरण के शुभ अक्षर
नामकरण संस्कार के लिए भी नक्षत्रों के आधार पर कुछ विशेष अक्षर बताए जाते हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में जन्म लेने वाले बच्चों के नाम “मो, टा, टी और टू” अक्षरों से रखना शुभ माना जाता है वहीं उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में जन्म लेने वाले बच्चों के लिए “टे, टो, पा और पी” अक्षरों से नाम रखना उत्तम बताया गया है इन अक्षरों से शुरू होने वाले नाम बच्चे के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य लाने वाले माने जाते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूर्णिमा तिथि पर जन्म लेने वाले बच्चों में तेज, बुद्धि और संवेदनशीलता का विशेष गुण देखा जाता है ऐसे बच्चे अक्सर धार्मिक और आध्यात्मिक प्रवृत्ति के भी हो सकते हैं परिवार और समाज में इनका व्यवहार संतुलित रहता है और ये अपने विचारों से दूसरों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं.

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों का प्रभाव व्यक्ति के स्वभाव और जीवन की दिशा पर पड़ता है, हालांकि व्यक्ति के कर्म और संस्कार भी उतने ही महत्वपूर्ण माने जाते हैं सही मार्गदर्शन और अच्छे संस्कारों के साथ बच्चे अपने जीवन में सफलता और सम्मान प्राप्त कर सकते हैं.

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Lalit Bhatt

पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें

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