हथियार, जिहाद और देश तोड़ने का प्लान: 3 साल की लुका-छिपी के बाद PFI कोऑर्डिनेटर अरेस्‍ट, डायरी से खुलेंगे काले राज

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हथियार, जिहाद, देश तोड़ने का प्लान: PFI कोऑर्डिनेटर अरेस्ट, खुलेंगे काले राज

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एनआईए (NIA) ने यूएई से लौटते ही कोच्चि एयरपोर्ट पर PFI के फरार आरोपी मोईदीनकुट्टी पी को दबोच लिया है. वह पिछले तीन वर्षों से फरार चल रहा था और संगठन में फिजिकल ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर के रूप में सक्रिय था. आरोपी पर युवाओं को हथियार चलाने का प्रशिक्षण देने और 2047 तक भारत में हिंसक जिहाद के जरिए इस्लामी शासन स्थापित करने की साजिश का गंभीर आरोप है.

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एनआईए मामले की जांच कर रही है. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

हिंदुस्तान की सरजमीं पर नफरत के बीज बोने और देश की अखंडता को चुनौती देने वाला एक और मोहरा कानून के हत्थे चढ़ गया है. पिछले तीन सालों से जांच एजेंसियों की आंखों में धूल झोंककर खाड़ी देशों में छिपा बैठा PFI का फिजिकल ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर मोईदीनकुट्टी पी जैसे ही वतन लौटा कोच्चि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एनआईए (NIA) के जांबाजों ने उसे दबोच लिया. यह केवल एक गिरफ्तारी नहीं है बल्कि उस जहरीली विचारधारा पर कड़ा प्रहार है जो साल 2047 तक भारत में हिंसक जिहाद के जरिए इस्लामी शासन स्थापित करने का ख्वाब देख रही थी. मोईदीनकुट्टी वही शख्स है जो युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर उन्हें हथियार चलाने और देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने का प्रशिक्षण देता था.

NIA की रडार पर था मलप्पुरम का मास्टरमाइंड
केंद्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मोईदीनकुट्टी पी केरल के मलप्पुरम जिले का रहने वाला है. वह प्रतिबंधित संगठन Popular Front of India (PFI) के उस विंग का अहम हिस्सा था जो युवाओं को शारीरिक और हथियारों का प्रशिक्षण देने का काम करता था. सितंबर 2022 में जब सरकार ने PFI पर बैन लगाया और धरपकड़ शुरू की तो यह शातिर आरोपी मौका पाकर यूएई (UAE) फरार हो गया था.

छापेमारी में मिले थे खौफनाक दस्तावेज
जांच एजेंसी ने खुलासा किया है कि फरार होने के बाद जब मोईदीनकुट्टी के घर पर छापेमारी की गई तो वहां से कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए थे. इन दस्तावेजों में देश के खिलाफ साजिश रचने, समुदायों के बीच नफरत फैलाने और कट्टरपंथ को बढ़ावा देने की पूरी ब्लूप्रिंट मौजूद थी. आरोप है कि उसने सर्विस टीम्स और रिपोर्टर्स विंग जैसे यूनिट्स बनाकर देश की शांति व्यवस्था को अस्थिर करने का काम किया.

2047: देश को तोड़ने का खतरनाक मिशन
NIA की जांच में एक चौंकाने वाला सच सामने आया है. PFI का अंतिम लक्ष्य साल 2047 तक भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था को उखाड़ फेंकना और हिंसक जिहाद के जरिए सत्ता हथियाना था. इसके लिए वे अपने कैंपसों और गुप्त ठिकानों का इस्तेमाल हथियारों की ट्रेनिंग और फंड जुटाने के लिए कर रहे थे. मोईदीनकुट्टी इस पूरे मिशन में युवाओं को शारीरिक रूप से तैयार करने का मुख्य जिम्मा संभाल रहा था.

एयरपोर्ट पर बिछाया गया था जाल
खुफिया जानकारी मिली थी कि आरोपी यूएई से भारत वापस लौट रहा है. NIA की टीम ने कोच्चि एयरपोर्ट पर पहले से ही मोर्चा संभाल लिया था. जैसे ही उसने एयरपोर्ट पर कदम रखा, उसे हिरासत में ले लिया गया. इस गिरफ्तारी से PFI के स्लीपर सेल्स और विदेशों में बैठे मददगारों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है.

About the Author

Sandeep Gupta

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्‍त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्‍कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें



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