31 मार्च से पहले बचाना है इनकम टैक्स? बेस्ट ELSS फंड्स में निवेश कर टैक्स छूट के साथ पाएं तगड़ा रिटर्न

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31 मार्च से पहले बचाना है इनकम टैक्स? बेस्ट ELSS फंड्स में निवेश कर लें छूट

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वित्त वर्ष खत्म होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है और कई लोग टैक्स बचाने के विकल्प तलाश रहे हैं. ऐसे में ELSS यानी इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम एक लोकप्रिय निवेश विकल्प माना जाता है. इसमें निवेश करने पर आयकर की धारा 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है. साथ ही लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न मिलने की भी संभावना रहती है.

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ELSS फंड्स में निवेश कर टैक्स छूट के साथ तगड़ा रिटर्न पाएं. (Image:AI)

नई दिल्ली. वित्त वर्ष के आखिरी महीनों में अक्सर लोग टैक्स बचाने के लिए निवेश के विकल्प खोजते हैं. ऐसे में Equity Linked Savings Scheme (ELSS) म्यूचुअल फंड एक ऐसा विकल्प है, जो टैक्स बचाने के साथ-साथ निवेश पर अच्छा रिटर्न भी दे सकता है. ELSS फंड्स में निवेश करने पर आयकर की धारा 80C के तहत सालाना 1.5 लाख रुपये तक की रकम पर टैक्स छूट मिलती है. यही वजह है कि मार्च के आसपास इन फंड्स में निवेश करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है.

ELSS फंड क्या है और कैसे करता है काम
ELSS फंड दरअसल इक्विटी आधारित म्यूचुअल फंड होते हैं, जो शेयर बाजार में निवेश करते हैं. चूंकि ये इक्विटी में पैसा लगाते हैं, इसलिए लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं. इन फंड्स की खास बात यह है कि इनमें सिर्फ 3 साल का लॉक-इन पीरियड होता है, जो टैक्स सेविंग वाले अन्य निवेश विकल्पों के मुकाबले सबसे कम है. निवेशक इसमें एकमुश्त रकम या SIP के जरिए भी निवेश कर सकते हैं, जिससे धीरे-धीरे निवेश की आदत बनती है और बाजार के उतार-चढ़ाव का असर भी कम होता है.

टैक्स बचाने के साथ बेहतर रिटर्न का मौका
पिछले कुछ वर्षों में कई ELSS फंड्स ने लंबी अवधि में अच्छा प्रदर्शन किया है. हालांकि रिटर्न पूरी तरह बाजार की स्थिति पर निर्भर करता है, इसलिए इसमें जोखिम भी रहता है. वित्तीय सलाहकार आमतौर पर निवेशकों को सलाह देते हैं कि ELSS में निवेश लंबी अवधि के नजरिए से करना चाहिए. इससे कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है और निवेश का मूल्य समय के साथ बढ़ सकता है.

मार्च में क्यों बढ़ जाता है ELSS में निवेश
वित्त वर्ष खत्म होने से पहले कई लोग टैक्स बचाने के लिए जल्दी-जल्दी निवेश करते हैं. ऐसे में ELSS फंड्स काफी लोकप्रिय विकल्प बन जाते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ टैक्स बचाने के लिए जल्दबाजी में निवेश करने के बजाय सही फंड का चुनाव करना जरूरी है. फंड का पिछला प्रदर्शन, फंड मैनेजर का अनुभव और निवेश की रणनीति जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए.

निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
ELSS फंड्स में निवेश करने से पहले अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय लक्ष्यों को समझना जरूरी है. क्योंकि यह इक्विटी आधारित निवेश है, इसलिए इसमें उतार-चढ़ाव आ सकता है. निवेशक अगर नियमित SIP के जरिए निवेश करें तो लंबे समय में बेहतर परिणाम मिल सकते हैं. साथ ही यह भी जरूरी है कि निवेश को कम से कम तीन साल से ज्यादा समय तक बनाए रखा जाए, ताकि बाजार की संभावित तेजी का फायदा मिल सके और टैक्स बचत के साथ संपत्ति बनाने का लक्ष्य भी पूरा हो सके.

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Rakesh Singh

Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें

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