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गाजीपुर जिले में गंगा नदी के बीच एक विशालकाय सक्शन ड्रेजर मशीन चर्चा का विषय बनी हुई है. यह मशीन नदी की तलहटी से बालू और गाद निकालकर जलमार्ग को गहरा और सुगम बना रही है. पीजी कॉलेज के नेवल एनसीसी कैडेट दीपक सिंह यादव के अनुसार, यह मशीन वैक्यूम की तरह काम करती है और नदी के किनारों पर जमा बालू को दबाव से फेंकती है, जिससे तटबंध मजबूत होते हैं.
गाजीपुर. जिले में इन दिनों गंगा नदी के बीच एक विशालकाय मशीन लोगों के बीच कौतूहल और चर्चा का विषय बनी हुई है. दूर से देखने पर यह किसी बड़े जहाज जैसी नजर आती है, लेकिन असल में यह एक अत्याधुनिक सक्शन ड्रेजर मशीन है. पीजी कॉलेज के नेवल एनसीसी कैडेट दीपक सिंह यादव ने बताया कि इस मशीन का इस्तेमाल गंगा की तलहटी में जमा गाद और बालू को निकालने के लिए किया जा रहा है. उनका कहना है कि इससे नदी की गहराई बढ़ेगी और जलमार्ग को सुगम बनाने में मदद मिलेगी. इन दिनों यह ड्रेजिंग मशीन गाजीपुर के कई प्रमुख घाटों के आसपास काम करती हुई देखी जा रही है. ऐतिहासिक नवापुरा घाट से लेकर महादेवा घाट तक अलग-अलग स्थानों पर मशीन को नदी की तलहटी से गाद निकालते देखा गया है. स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कुछ हफ्तों से यह मशीन अलग-अलग घाटों के पास काम कर रही है, जिससे संकेत मिलता है कि नदी के तटीय क्षेत्र को व्यवस्थित करने के लिए बड़े स्तर पर काम चल रहा है.
कैसे काम करती है ड्रेजिंग मशीन
कैडेट दीपक यादव के अनुसार इस मशीन में करीब डेढ़ फीट व्यास का एक बड़ा पाइप लगा होता है. यह पाइप वैक्यूम की तरह नदी की गहराई से बालू और जमा हुई मिट्टी को खींचता है और फिर दबाव के साथ उसे नदी के किनारों की ओर फेंकता है. इस प्रक्रिया से नदी के बीच का हिस्सा गहरा हो जाता है और पानी का प्रवाह अधिक सुचारु हो जाता है. साथ ही किनारों पर जमा बालू से तटबंधों को भी मजबूती मिलती है.
नाविकों और मछुआरों को होगा फायदा
गंगा में ड्रेजिंग होने से नाविकों और मछुआरों को भी फायदा मिलेगा, नदी की गहराई बढ़ने से नावों और स्टीमर का संचालन पहले से अधिक सुरक्षित हो सकेगा और उनके रेत में फंसने की आशंका कम होगी. मछुआरों के लिए भी यह राहत की बात है, क्योंकि गहरी धारा में नाव चलाना और मछली पकड़ना आसान हो जाएगा.
पर्यटन और विकास को मिल सकता है बढ़ावा
प्रशासन की योजना घाटों के सौंदर्यीकरण और नदी क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने की है. यदि यह काम सफल होता है तो गाजीपुर में पर्यटन की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि घाटों के विकास और जलमार्ग बेहतर होने से आने वाले समय में गाजीपुर में पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें
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