बेहद चमत्कारी है ये पीले फूल वाला पौधा, आयुर्वेद में कई बीमारियों का रामबाण इलाज! पीरियड्स में भी फायदेमंद

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बेहद चमत्कारी है ये पीले फूल वाला पौधा, आयुर्वेद में कई बीमारियों में कारगर

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Kaner Flower Health Benefits: आयुर्वेद के अनुसार, हमारे आसपास ऐसे कई पेड़-पौधे हैं, जिनके जड़ से लेकर फल तक बेहद फायदेमंद होते हैं. आज आपको ऐसे ही एक पौधे के बारे में बताने वाले हैं, जिसका पीला फूल मानो शरीर के लिए वरदान है.

कनेर के फायदे: आज भी हमारे यहां तरह-तरह के पेड़-पौधे, घास-फूस पाए जाते हैं, लेकिन इनके औषधीय गुणों के बारे में ज्यादातर लोगों को जानकारी नहीं होती है. जबकि आयुर्वेद में कई ऐसे पौधों का उपयोग सदियों से विभिन्न बीमारियों के इलाज में किया जाता रहा है. इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण औषधीय पौधा है कनेर. कनेर के पौधे पर पीले रंग के सुंदर फूल खिलते हैं और यह आपको बाग-बगीचों और गांव-शहर में लगभग हर जगह आसानी से मिल जाता है.

शरीर की इन बीमारियों से दिलाता है छुटकारा
आयुर्वेद में कनेर की पत्तियां, छाल और जड़ों का उपयोग कई तरह की बीमारियों के उपचार में किया जाता है. आयुर्वेद के अनुसार, कनेर का पौधा हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद है. ये हमें चोट, मोच, सूजन, हार्ट अटैक, खुजली, चेहरे के मस्से और मासिक धर्म जैसी कई समस्याओं से संरक्षण देता है.

इन समस्याओं से भी दिलाता निजात
बाराबंकी जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉक्टर अमित वर्मा ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि उत्तर भारत में कनेर का पेड़ अधिक पाया जाता है. ये कई प्रकार के होते हैं, लेकिन जो पीले रंग का होता है, इसकी पत्तियां बेहद विषैली होती हैं. बता दें कि इसके फायदे भी बहुत हैं. अगर किसी को खुजली की समस्या है, वहां पर इसकी पत्तियों का लेप बनाकर लगाने से काफी लाभ मिलता है.

महिलाओं के मासिक धर्म में फायदेमंद
इसके अलावा यह हार्ट की बीमारी में फायदेमंद है. साथ ही साथ जिन महिलाओं को मासिक धर्म सही से नहीं आता है, तो इसकी छाल का काढ़ा बनाकर सेवन करने से काफी फायदा होता है. अगर किसी को चोट या मोच जैसी समस्याएं हों, तो इसकी पत्तियों को गर्म करके बांधने से दर्द कम हो जाता है. इसके अलावा किसी के चेहरे पर मस्से या दाग धब्बे हैं, तो वह कनेर की छाल का पेस्ट बनाकर लगाने से इन समस्याओं से छुटकारा दिलाता है.

About the Author

आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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