बसंतकालीन गन्ने की बुवाई कैसे करें | गन्ने की नई किस्में | High yield sugarcane varieties | Agriculture News |

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जलभराव हो या रोगों का डर, गन्ने की ये नई किस्में करेंगी आपकी परेशानी दूर

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Sugarcane Farming Tips: शाहजहांपुर के गन्ना किसानों के लिए बसंत काल में नई उन्नत किस्मों की बुवाई उम्मीद की किरण बनकर आई है. वैज्ञानिक और गन्ना शोध संस्थानों की सलाह पर ‘को.शा. 18231’, ‘को.लख. 14201’ और 16202 जैसी तेजी से बढ़ने वाली और रोग-प्रतिरोधी किस्में अपनाई जा रही हैं. सही चयन और संतुलित प्रबंधन से किसान पारंपरिक किस्मों की तुलना में कम लागत में बेहतर पैदावार और अधिक मुनाफा कमा सकते हैं. ये किस्में न केवल सामान्य मिट्टी में बल्कि जलभराव वाली भूमि में भी सुरक्षित और लाभकारी साबित हो रही हैं.

शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश के गन्ना बेल्ट में बसंत कालीन गन्ने की बुवाई हो रही है. चीनी मिलों और गन्ना शोध संस्थानों ने किसानों को अधिक पैदावार और बीमारियों से सुरक्षा के लिए नई उन्नत किस्मों को अपनाने की सलाह दी है. वर्तमान में ‘को.शा. 18231’ जैसी तेजी से बढ़ने वाली किस्में किसानों की पहली पसंद बन रही हैं. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक किस्मों के बजाय वैज्ञानिक पद्धति और नई अगेती किस्मों (Early Varieties) का चयन कर किसान न केवल लागत कम कर सकते हैं, बल्कि 0238 जैसी लोकप्रिय किस्म के बराबर या उससे अधिक मुनाफा भी कमा सकते हैं.

गन्ना शोध संस्थान के प्रसार अधिकारी डॉ. संजीव कुमार पाठक ने बताया कि किसान इस बसंत काल में गन्ने की नई और रोग-प्रतिरोधी किस्मों पर विशेष ध्यान दें. को.शा. 18231 एक लंबी और अत्यंत तीव्र गति से बढ़ने वाली किस्म है, जिसकी टिलरिंग क्षमता उत्कृष्ट है. इसके अलावा, को.लख. 14201 और 16202 जैसी अगेती किस्में बेहतर प्रबंधन के साथ रिकॉर्ड पैदावार देने में सक्षम हैं. हमारा उद्देश्य किसानों को ऐसी किस्में उपलब्ध कराना है जो न केवल उत्पादन बढ़ाएं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों जैसे जलभराव में भी फसल को सुरक्षित रखें.

बसंत कालीन बुवाई के विशेष पहलू
अगेती किस्मों का सही चयन बसंत ऋतु में बेहतर जमाव और पैदावार के लिए अगेती किस्मों का चयन संजीवनी साबित हो सकता है. को.शा. 18231, 19231 और 17231 जैसी किस्में अपनी तेज ग्रोथ के लिए जानी जाती हैं. लखनऊ संस्थान की विकसित वैरायटी को.लख. 14201 और 16202 भी अगेती किस्मों में शीर्ष पर हैं. अगर किसान वैज्ञानिक विधि और संतुलित खाद का प्रयोग करें, तो ये किस्में पुरानी लोकप्रिय वैरायटी 0238 के समकक्ष परिणाम देने की पूरी क्षमता रखती हैं.
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सामान्य और जलभराव वाली किस्में

गन्ने की खेती में भूमि के चयन का बड़ा महत्व है. सामान्य किस्मों में को.शा. 09232 और 14233 बहुत भरोसेमंद मानी जाती हैं, वहीं को.से. 13452 भी अच्छी पैदावार देने के लिए पहचानी जाती है. जिन क्षेत्रों में जलभराव या पानी अधिक लगने की समस्या है, वहां के लिए को.शा. 13231 एक वरदान है. यह जलमग्न स्थिति में भी शानदार प्रदर्शन करती है. सामान्य श्रेणी में जलभराव के लिए को.शा. 10239 का चुनाव करना किसानों के लिए लाभदायक रहता है.

बेहतर पैदावार के लिए प्रबंधन
बुवाई के समय केवल किस्म का चयन ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका प्रबंधन भी आवश्यक है. डॉ. पाठक के अनुसार, नई किस्मों की टिलरिंग क्षमता का लाभ उठाने के लिए सही दूरी पर बुवाई और समय पर सिंचाई जरूरी है. अगेती किस्मों को यदि उचित फास्फोरस और पोटाश की मात्रा दी जाए, तो चीनी का परता और गन्ने का वजन दोनों में वृद्धि होती है. बसंत काल में तापमान अनुकूल होने के कारण इन किस्मों में रोगों का प्रकोप भी काफी कम देखा गया है.

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Seema Nath

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें

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