आजमगढ़ में 2 करोड़ 87 लाख रुपये की बड़ी ठगी, फर्जी जमीन दिखाकर लोगों को फंसाते, फिर खाली करवा देते अकाउंट

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आजमगढ़: जिले में एक ऐसे शातिर गिरोह का मामला सामने आया है, जो फर्जी सरकारी दस्तावेजों और कूटरचित नक्शों के आधार पर जनपद के कई मासूम लोगों की मेहनत की कमाई को डकार जाता था. यह गिरोह फर्जी नक्शे और राजस्व विभाग के जाली दस्तावेजों के आधार पर लोगों से जमीनों की लेनदेन करने के एवज में ठगी करता था.

रविवार को आजमगढ़ कोतवाली पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में इस कुख्यात गैंगस्टर हिस्ट्रीशीटर और भूमाफिया कृष्ण चंद्र राय को गिरफ्तार कर लिया गया. जांच में सामने आया कि आरोपी अब तक 2 करोड़ 87 लाख रुपए की ठगी कर चुका है.

ऐसे देता था ठगी को अंजाम

आरोपी कृष्ण चंद्र राय का ठगी करने का तरीका भी बेहद शातिर और चालाकी भरा होता था. वह अपनी पत्नी रेणु राय और बेटे संगम राय के साथ मिलकर जिले के व्यापारियों और भोले-भाले लोगों को शिकार बनाता था. यह गैंग लोगों को ऐसी जमीन दिखाते थे, जिनकी पहले से बाउंड्री वॉल तैयार होती थी, ताकि ग्राहकों को जमीन विवाद मुक्त लगे, जिससे वह उसे आसानी से खरीदने के लिए राजी हो सकें.

लोगों को पूरी तरह से विश्वास दिलाने के बाद पैसों की तत्काल आवश्यकता बताकर उनसे लाखों रुपए एडवांस के नाम पर ले लिए जाते थे और फर्जी नक्शे और फर्जी राजस्व अभिलेखों को तैयार कर उन पर कानूनगो और तहसीलदार की फर्जी मोहर और हस्ताक्षर लगाकर ग्राहकों को देते थे. पीड़ित ग्राहकों के द्वारा जब जमीन की रजिस्ट्री के लिए कहा जाता या फिर अपने पैसे वापस मांगे जाते तब उन्हें गैंग के लोगों के द्वारा गालियां दी जाती और झूठे मुकदमों में फसने या जान से मारने की धमकी मिलती थी

इस तरह हुआ मामले का खुलासा

मामले का खुलासा तब हो सका, जब आजमगढ़ के सगड़ी तहसील क्षेत्र के मधुबन गांव के निवासी रुद्रांश राय भी इस ठगी का शिकार हुए. उन्होंने पुलिस में अपनी ठगी की शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि कृष्णानंद राय ने 2023 में उन्हें शहर के अजमतपुर कोडर में 10 बिस्वा जमीन बेचने का झांसा दिया था. 10 लाख रुपए प्रति बिस्वा के हिसाब से यह डील फाइनल हुई थी और बैंक खातों के जरिए उनसे कुल 33 लाख रुपए एडवांस लिए गए थे.

पीड़ितों की आपबीती

पैसा पेमेंट करने के बाद जब महीनों तक जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो पाई, तब पीड़ित के द्वारा खुद छानबीन शुरू की गई. इसके बाद उन्हें यह जानकारी हुई कि दिखाई गई ज्यादातर जमीन बंजर है और कागजों में दर्ज गाटा संख्या उस जमीन से संबंधित ही नहीं है. इसके बाद उन्होंने थाना कोतवाली में इसकी शिकायत दर्ज कराई.

पीड़ित रुद्रांश राय ने बताया कि कृष्ण चंद्र राय अपने गिरोह के अन्य लोगों के साथ इन्हें जमीन दिलाने की पेशकश की, जिसका उनके द्वारा फर्जी दस्तावेज दिखाकर लगभग 34 लाख रुपए अलग-अलग खातों में लिए गए. जमीन की रजिस्ट्री के नाम पर पहले आनाकानी करना शुरू किया और बाद में फर्जी एससी-एसटी के मुकदमे लगावाने की धमकी देने लगे.

जमीन परमिशन के लिए कराया एग्रीमेंट 

वहीं इस मामले में अन्य पीड़ित संजीव यादव ने भी बताया कि कृष्ण चंद्र राय और उनके गैंग के द्वारा उन्हें जमीन दिलाने के नाम पर लगभग 42 लाख रुपए लिए गए. उन्होंने बताया कि जमीन शेड्यूल कास्ट का होने के नाते उसके परमिशन के लिए उनसे एग्रीमेंट कराया गया और बाद में परमिशन मिलने के बाद भी जमीन किसी दूसरे को बेच दी गई. इसके बाद उन्होंने इस मामले की जानकारी देते हुए थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया.

आरोपी के खिलाफ 12 मुकदमे दर्ज

वहीं इस विषय पर जानकारी देते हुए सीओ सिटी शुभम तोदी ने बताया कि थाना कोतवाली के अंतर्गत जनपद के एक दूरदांत भू-माफिया और हिस्ट्री सीटर कृष्ण चंद्र राय के विरुद्ध मामला पंजीकृत किया गया है. उन्होंने बताया कि मूलरूप से यह अभियुक्त जमीनों की खरीद फरोख्त के नाम पर कूट रचित दस्तावेजों का प्रयोग करते हुए लोगों से पैसे ऐंठने का काम करता था. आरोपी के विरुद्ध गैंगस्टर समेत पूर्व में भी 12 मुकदमे दर्ज हैं.

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