[ad_1]
पश्चिम चम्पारण. यदि हम आपसे यह कहें की किचन की सामग्रियों का उपयोग कर त्वचा की दर्जनों समस्याओं को दूर किया जा सकता है, साथ ही चेहरे की प्राकृतिक निखार को फिर से वापस लाया जा सकता है, तो क्या यकीन करेंगे. मानना थोड़ा मुश्किल होगा, लेकिन बताते चलें कि आयुर्वेद ने इसे बिल्कुल सच कहा है. जी हां, हल्दी, केवड़ा, नीम, गुलाब जल, नींबू और ग्लिसरीन इत्यादि कुछ ऐसी वस्तुएं हैं, जिसे आयुर्वेद में त्वचा के लिए बेहद कारगर बताया गया है. आज हम आपको इनके उपयोग की सटीक जानकारी दे रहे हैं.
प्राचीन काल से होता है हल्दी का उपयोग
करीब एक दशक से कॉस्मेटोलॉजिस्ट के रूप में काम कर रहे बेतिया के राजकुमार बताते हैं कि हल्दी में करक्यूमिन नामक एक शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व होता है, जो त्वचा को चमकदार बनाने और दाग-धब्बों को हल्का करने में मदद करता है. यही कारण है कि इसका उपयोग प्राचीन काल से ही त्वचा रोगों के इलाज के लिए किया जाता रहा है.
त्वचा को ठंडक देता है केवड़ा जल
ठीक इसी प्रकार केवड़ा जल भी त्वचा को हाइड्रेट करने के साथ-साथ उसे ठंडक प्रदान करने का काम करता है. इसके एंटी-सेप्टिक गुण त्वचा में छिपे बैक्टीरिया को खत्म करते हैं, जिससे मुंहासे और अन्य संक्रमण की संभावना घटती है.
त्वचा के लिए खास है नीम
कुछ ऐसा ही काम नीम का भी है. नीम अपने एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-वायरल गुणों के लिए जाना जाता है. आयुर्वेदिक पद्धति से इसके उपयोग से दाग, धब्बे, पिंपल इत्यादि चीजों का जड़ से सफाया होता है. इतना ही नहीं, यह त्वचा के अंदरूनी परतों पर पहुंच कर उसमें जमी गंदगी का सफाया भी करता है.
गुलाब जल, ग्लिसरीन और नींबू
गुलाब जल, नींबू और ग्लिसरीन को भी चेहरे की त्वचा के लिए बेहद खास माना जाता है. यह त्वचा में मौजूद ऑयल को बैलेंस कर उसमें बैठी गंदगी का सफाया करता है और खो चुकी कुदरती निखार को वापस लाता है.
ऐसे करें उपयोग
यदि आप हल्दी, केवड़ा जल और नीम के मिश्रण से पेस्ट तैयार करते हैं और उसे त्वचा पर अप्लाई करते हैं, तो पिंपल, रिंकल, झुर्री और दाग–धब्बे जैसी समस्या का खत्मा होगा. ठीक इसी प्रकार गुलाब जल में ग्लिसरीन और नींबू मिलाकर चेहरे की सफाई करने से उसपर बैठी गंदगी का सफाया होता है और त्वचा पर कुदरती निखार वापस आता है. इतना ही नहीं, इससे त्वचा की नमी भी बनी रहती है.
[ad_2]
Source link
