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चंदौली. यूपी बोर्ड परीक्षाओं के अंतिम चरण में पहुंच चुके 10वीं के छात्रों के लिए अब ड्रॉइंग का पेपर बाकी है. इस बीच शिक्षकों ने छात्रों को सलाह दी है कि वे कला विषय को भी उतनी ही गंभीरता से लें, जितनी अन्य विषयों को देते हैं. शिक्षकों का कहना है कि ड्रॉइंग केवल एक विषय नहीं बल्कि जीवन से जुड़ी कला है, जो हर क्षेत्र में काम आती है. शिक्षक बलिराम यादव ने लोकल 18 से बताया कि अभी तक अधिकांश विषयों की परीक्षाएं पूरी हो चुकी हैं और अब अंतिम चरण में ड्रॉइंग का पेपर होना बाकी है. उन्होंने कहा कि कला को लोग अक्सर हल्के में लेते हैं, जबकि वास्तव में कला ही जीवन है और जीवन ही कला है, इसलिए यह एक ऐसा विषय है, जिसे हर बच्चे को सीखना चाहिए.
जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी है कला
आगे उन्होंने कहा कि कला केवल चित्र बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी है. चाहे इंजीनियरिंग का क्षेत्र हो, घर के कामकाज हों या फिर खेती-किसानी का काम, हर जगह रचनात्मकता और कला की जरूरत होती है. कला व्यक्ति की सोच और अभिव्यक्ति को भी मजबूत बनाती है.
इन प्रश्नों की करनी चाहिए अच्छी तैयारी
बलिराम यादव ने बताया कि ड्रॉइंग के पेपर में थ्योरी और एमसीक्यू दोनों प्रकार के प्रश्न आते हैं. देखने में एमसीक्यू प्रश्न आसान लगते हैं, लेकिन बिना गहराई से पढ़े उनका सही उत्तर देना कई बार मुश्किल हो जाता है. उन्होंने कहा कि बच्चों को इन प्रश्नों की अच्छी तैयारी करनी चाहिए और विषय को गहराई से समझना चाहिए.
लगभग 50 अंकों के आते हैं प्रश्न
उन्होंने यह भी बताया कि ड्रॉइंग के थ्योरी पेपर में लिखित भाग भी महत्वपूर्ण होता है. इसमें लगभग 50 अंकों के प्रश्न आते हैं, जिनमें आलेखन और कला से जुड़े विषयों पर विस्तार से लिखना होता है. अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को आलेखन की विशेषताओं को समझना जरूरी है. उन्होंने कहा कि आलेखन में अलंकारिता, सौंदर्य और लयात्मकता जैसी विशेषताओं का ध्यान रखना होता है. इन गुणों को बेहतर बनाने के लिए छात्रों को पेंसिल, ब्रश और ड्रॉइंग की विभिन्न तकनीकों की सही जानकारी होना जरूरी है. जब छात्र इन सभी पहलुओं को समझकर अभ्यास करते हैं, तभी वे एक सुंदर और प्रभावशाली चित्र या आलेखन प्रस्तुत कर पाते हैं, जिससे उन्हें अच्छे अंक मिल सकते हैं.
ड्रॉइंग के पेपर को गंभीरता से छात्र
वहीं, शिक्षक राजीव विश्वकर्मा ने भी छात्रों को ड्रॉइंग के पेपर को गंभीरता से लेने की सलाह दी. उन्होंने लोकल 18 से बताया कि ड्रॉइंग का पेपर कुल 100 अंकों का होता है. इसमें 30 अंक प्रैक्टिकल के होते हैं, 50 अंक ड्रॉइंग बनाने के लिए निर्धारित होते हैं और 20 अंक एमसीक्यू प्रश्नों के होते हैं.
ड्रॉइंग के अंक भी होते हैं महत्वपूर्ण
उन्होंने कहा कि कई बार छात्र यह सोचते हैं कि ड्रॉइंग का महत्व अन्य विषयों से कम होता है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. जिस तरह हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के अंक कुल परिणाम में जुड़ते हैं, उसी तरह ड्रॉइंग के अंक भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं.
करियर का रास्ता खोल सकता है कला
राजीव विश्वकर्मा ने कहा कि ड्रॉइंग एक ऐसा विषय है, जो आगे चलकर छात्रों के लिए करियर का रास्ता भी खोल सकता है. अगर कोई छात्र कला के क्षेत्र में रुचि रखता है, तो वह आगे चलकर बीएफए यानी बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स कर सकता है. इसके बाद वह टीजीटी जैसी परीक्षाएं पास करके सरकारी स्कूलों में शिक्षक भी बन सकता है और सम्मानजनक वेतन के साथ अपना जीवन यापन कर सकता है.
छात्र लगन और मेहनत के साथ करें तैयारी
उन्होंने कहा कि कला एक विशेष और तकनीकी विषय है, इसलिए इसे आसान समझकर नजर अंदाज करना ठीक नहीं है. छात्रों को चाहिए कि वे पूरे मन से इसकी तैयारी करें और अपने कौशल को निखारने का प्रयास करें. वहीं, शिक्षकों ने सभी विद्यार्थियों को आगामी ड्रॉइंग परीक्षा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अगर छात्र लगन और मेहनत के साथ तैयारी करें, तो इस विषय में भी अच्छे अंक हासिल कर सकते हैं और कला के माध्यम से अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं.
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