अच्छा करियर, अच्छी जिंदगी फिर भी बार-बार टूट जाता है रिश्ता? जानिए कैसे घर की 1 दिशा का वास्तु दोष शादी में डालता है रुकावट

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Astro Vastu Marriage Delay: आज के समय में कई परिवारों में एक सवाल बार-बार उठता है अच्छी पढ़ाई, अच्छा करियर और बेहतर जीवन होने के बावजूद शादी क्यों नहीं हो पा रही? ज्योतिष और वास्तु के जानकार मानते हैं कि इसके पीछे केवल किस्मत या ग्रहों का खेल ही नहीं, बल्कि घर की दिशाओं और इंसान की सोच का भी गहरा असर होता है. खासकर एस्ट्रो-वास्तु के विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि घर की उत्तर-पश्चिम दिशा में दोष हो तो रिश्तों में बार-बार अड़चनें आ सकती हैं. लेकिन कहानी सिर्फ यहीं खत्म नहीं होती. कई बार समस्या ग्रहों से ज्यादा हमारी उम्मीदों और वास्तविकता के बीच की दूरी में भी छिपी होती है. यही वजह है कि आजकल ज्योतिषियों के पास ऐसे लोगों की संख्या बढ़ रही है जो 35 या 40 की उम्र पार करने के बाद भी विवाह के समाधान खोज रहे हैं. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी, वास्तु विशेषज्ञ एवं न्यूमेरोलॉजिस्ट हिमाचल सिंह.

एस्ट्रो-वास्तु: शादी के योग में दिशा का महत्व
ज्योतिष और वास्तु शास्त्र को अलग-अलग विज्ञान माना जाता है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार दोनों के बीच गहरा संबंध है. खासतौर पर विवाह के मामलों में घर की दिशा बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.

उत्तर-पश्चिम दिशा का असर
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार घर की उत्तर-पश्चिम दिशा रिश्तों और सामाजिक संबंधों का प्रतिनिधित्व करती है. यदि इस दिशा में वास्तु दोष हो जैसे भारी सामान, अव्यवस्था या गलत निर्माण तो शादी के रिश्तों में बार-बार बाधाएं आ सकती हैं. ऐसे मामलों में अक्सर देखने को मिलता है कि अच्छे रिश्ते आते हैं लेकिन बात आगे नहीं बढ़ती. कई बार परिवारों की मुलाकातें होती हैं, बातचीत भी सकारात्मक रहती है, लेकिन किसी न किसी कारण से रिश्ता टूट जाता है.

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क्यों 35 के बाद शादी मुश्किल लगने लगती है?
आजकल ज्योतिषियों के पास ऐसे कई मामले आते हैं जहां लड़कियों की उम्र 35, 38 या 40 तक पहुंच जाती है और फिर भी विवाह नहीं हो पाता. यही स्थिति कई पुरुषों के साथ भी देखी जा रही है.

बढ़ती अपेक्षाएं बनती हैं बाधा
विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार समस्या कुंडली या ग्रहों से ज्यादा इंसान की उम्मीदों में होती है. उदाहरण के तौर पर यदि कोई व्यक्ति 35 वर्ष की उम्र में भी 25 साल के जीवनसाथी की उम्मीद रखता है, तो यह वास्तविकता से थोड़ा दूर हो सकता है. ज्योतिषी अक्सर सलाह देते हैं कि विवाह के लिए उम्र, परिस्थितियों और जीवन की वास्तविकता को समझना जरूरी है. ज्यादातर मामलों में 35 वर्ष के व्यक्ति के लिए एक-दो साल छोटे या बड़े जीवनसाथी की संभावना अधिक होती है.

जब उपाय तभी काम करते हैं जब इच्छा हो
ज्योतिष और वास्तु के उपायों को लेकर एक बड़ी गलतफहमी भी सामने आती है. कई परिवार उपाय तो करवाते हैं, लेकिन जिनकी शादी करनी होती है उनकी खुद की इच्छा स्पष्ट नहीं होती.

करियर और व्यक्तिगत फैसले
आज की पीढ़ी में कई युवा करियर को प्राथमिकता देते हैं या व्यक्तिगत कारणों से शादी में रुचि नहीं रखते. कुछ लोगों के पिछले रिश्तों के अनुभव भी उन्हें विवाह से दूर कर देते हैं.

ऐसे मामलों में ज्योतिषी साफ कहते हैं कि यदि व्यक्ति स्वयं शादी के लिए तैयार नहीं है, तो कोई भी उपाय असर नहीं दिखा पाएगा. वास्तु सुधार या ग्रह शांति तभी परिणाम देते हैं जब व्यक्ति उसी दिशा में कदम भी उठाए.

बदलती सोच और भविष्य की तस्वीर
समाज में विवाह को लेकर सोच भी तेजी से बदल रही है. कई युवा अब देर से शादी करना या बिल्कुल न करना भी एक विकल्प मानने लगे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह प्रवृत्ति और बढ़ सकती है. अगर यही रुझान जारी रहा तो आने वाले 5 से 10 सालों में विवाह की पारंपरिक उम्र और सामाजिक अपेक्षाएं दोनों बदल सकती हैं.

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