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Animal Care Tips: देश में पशुपालन बड़े पैमाने पर किया जा रहा है. यह ग्रामीण परिवेश के लोगों की जीविकोपार्जन का एक मुख्य स्त्रोत भी माना जाता है. किसानों को गर्मी के मौसम में अच्छा दूध देने वाले पशुओं की अच्छे से देखभाल करनी चाहिए. क्योंकि यही वो समय होता है, जब उनकी इम्यूनिटी सबसे ज्यादा कमजोर होती है. जिससे उनका स्वास्थ्य प्रभावित होता है. इससे गायों के दूध उत्पादन कि क्षमता भी घट जाती है. अगर वह अपने पशुओं की अच्छे से देखभाल नहीं करेंगे तो उनकी आमदनी घट सकती है. (रिपोर्ट: नितेश/बालाघाट)
भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहां पर खेती के साथ-साथ किसान भाई पशुपालन भी करते हैं. ऐसे में किसान भाई पशुओं का हमेशा खास ख्याल रखते हैं, लेकिन मौसम बदलने के साथ ही पशुओं के व्यवहार में बदलाव आ जाता है और उत्पादन में भी गिरावट होती है. ऐसे में एक सवाल आपके मन में भी आता होगा कि पशुओं का ख्याल कैसे रखना चाहिए. इन्हीं सब सवालों को लेकर लोकल 18 ने बालाघाट के जिला पशु चिकित्सालय के वरिष्ठ पशु चिकित्सक घनश्याम परते से बातचीत की, जानिए उन्होंने किसान भाइयों को क्या सलाह दी है.
वरिष्ठ पशु चिकित्सक घनश्याम परते का कहना है कि बीते कुछ दिनों से मौसम अचानक बदल रहा है. ऐसे में किसान भाइयों को अपने पशुओं पर ध्यान देना चाहिए. आमतौर पर इंसान की तबीयत में गड़बड़ होती है, तो वह खुद होकर समस्या बता सकता है. लेकिन पशु ऐसा नहीं कर सकते हैं. ऐसे में किसान भाइयों को उनके लक्षण देख उनका ध्यान रखना चाहिए.
मौसम बदलते ही पशुओं की कई बदलाव शुरू हो जाते हैं. जैसे कि अगर खेत में काम करने वाला पशु है, तो वह काम करने में जल्दी थक जाएगा. वहीं, दुधारू पशु है तो उसका दूध उत्पादन कम होगा. इसके अलावा खाना पहले से कम होगा. इसके अलावा उनके मुंह से झाग भी आ सकती है. पशुओं का गोबर बदबू करने लगता है. अगर इस तरह के लक्षण नजर आते हैं, तो पशुओं की तबीयत पर बदलते मौसम का असर पड़ रहा है.
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वरिष्ठ पशु चिकित्सक घनश्याम परते ने बताया है कि गर्मियों में किस तरह पशुओं का ख्याल रखना चाहिए इस बारे में अहम जानकारी दी है. ताकी पशु का बीमार न पड़े और उत्पादन में कमी न आए. जानिए वह अहम प्वाइंट, जो आपके पशु को स्वस्थ रखने में मदद करें.
अगर आप बड़े स्तर पर पशु पालन कर रहे हैं, तो आपको अपने पशुओं का खास ख्याल रखना चाहिए. ऐसे में गर्मियों से बचाने के लिए ठंडक की व्यवस्था करनी चाहिए. अगर मुमकिन हो तो एसी लगवाएं या फिर कूलर का इस्तेमाल करें. वहीं, छोटे स्तर पर किसान भाई कम से कम पंखा तो लगा ही सकते हैं.
डॉक्टर परते ने बताया कि गर्मियों के मौसम में पशुओं को सुबह के वक्त नहलाना बेहद जरूरी है. इससे वह दिनभर की गर्मी बर्दाश्त कर सकता है. वहीं, गर्मी बढ़ने पर आप दिन में दो बार भी उन्हें नहला सकते हैं. इससे वह बेचैन महसूस नहीं कर सकते हैं.
गर्मी के दिनों में पशुओं के डाइट का खास ख्याल रखना चाहिए. गर्मियों में सूखे चारे के मुकाबले 75 प्रतिशत हरा चारा खिलाया जाना चाहिए. इसमें बरसीम और साइलेज खिला सकते हैं. ऐसे में पशुओं को पानी की कमी नहीं मिलेगी. गर्मियों में खुरपका-मुंहपका जैसी खतरनाक बीमारियां भी होती है. ऐसे में पशुओं में बीमार होने लक्षण नजर आते ही उन्हें डॉक्टर से परामर्श जरूर लें.
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