असम में सत्ता की चाबी किसके हाथ, फिर से खिलेगा ‘कमल’ या कांग्रेस दिखाएगी दम? क्या कहता है ओपिनियन पोल

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असम में सत्ता की चाबी किसके हाथ, फिर से खिलेगा ‘कमल’ या कांग्रेस दिखाएगी दम?

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आईएएनएस-मैटराइज ओपिनियन पोल के आंकड़ों के मुताबिक, असम में एक बार फिर से एनडीए यानी भारतीय जनता पार्टी गठबंधन की वापसी का अनुमान जताया गया है. हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये केवल सर्वेक्षण के अनुमान हैं और अंतिम नतीजे 4 मई को ही स्पष्ट होंगे.

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असम में 9 अप्रैल को एक चरण में वोट डाले जाएंगे. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली. भारत निर्वाचन आयोग ने रविवार को असम समेत चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी. असम की 126 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. जबकि, चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे. चुनाव की घोषणा होने के साथ ही पांचों राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है.

असम विधानसभा चुनाव की तारीख के साथ ही आईएएनएस-मैटराइज का ओपिनियन पोल सामने आया है. इस ओपिनियन पोल में राज्य की जनता से जानने की कोशिश की गई है कि आखिर प्रदेश की सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी?

आईएएनएस-मैटराइज के ओपिनियन पोल के मुताबिक, असम में एक बार फिर से कमल खिलने का अनुमान लगाया गया है, जबकि देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस पर प्रदेश की जनता ने भरोसा नहीं जताया है. इस पोल के मुताबिक, असम में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता पर काबिज हो सकती है.

ओपिनियन पोल के अनुसार, असम की 126 विधानसभा सीटों में से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गठबंधन को 96-98 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं, कांग्रेस गठबंधन को 26 से 28 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है. इसके अलावा अन्य के खाते में 2 से 8 सीटें आ सकती हैं.

वोट शेयर पर नजर डालें तो, आईएएनएस-मैटराइज के ओपिनियन पोल के अनुसार, एनडीए को 43 से 44 प्रतिशत वोट शेयर मिलने का अनुमान है, जबकि कांग्रेस गठबंधन को 39-40 प्रतिशत और अन्य को 18-20 प्रतिशत वोट शेयर मिलने का अनुमान लगाया गया है.

15वीं असम विधानसभा का कार्यकाल 20 मई 2026 को समाप्त हो रहा है, जिससे पहले चुनाव संपन्न कराना अनिवार्य है. असम में कुल 2.5 करोड़ वोट है. इनमें 1.25 करोड़ पुरुष और 1.25 करोड़ महिला मतदाता हैं. वहीं, थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 343 है. अगर फर्स्ट-टाइम वोटर्स (18-19 साल) की बात करें तो उनकी संख्या 5.75 लाख है.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

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