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अमेठी: ईरान और इजरायल युद्ध के बीच दोनों देशों में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. ऐसे में नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है, जिसके बाद प्रशासन भी अलर्ट हो गया है और कंट्रोल रूम बनाकर विदेश और खाड़ी देश में रह रहे लोगों से संपर्क किया जा रहा है और उनकी स्थिति के बारे में प्रशासन अवगत हो रहा है, जिससे आपात स्थिति में उन्हें सीधे मदद पहुंचाई जा सके.
इसके लिए जिला प्रशासन में कंट्रोल रूम भी तैयार किया है, जहां प्रतिदिन नागरिकों की सूचना दर्ज की जा रही है और उसकी जानकारी से परिजनों को भी अवगत कराया जा रहा है. इसके साथ ही प्रत्येक गांव में प्रतिदिन लेखपाल भी जाकर विदेश में काम करने के लिए गए अमेठी के लोगों के परिजनों से सूचना दर्ज कर उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दे रहे हैं.
प्रतिदिन दर्ज की जा रही सूचना
अमेठी के कलेक्ट्रेट परिसर के द्वितीय तल पर स्थित नागरिक सुरक्षा कार्यालय और आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ से कंट्रोल रूम में स्थापित किया गया है, जहां प्रतिदिन अमेठी के लोग जो खाड़ी देशों में रह रहे हैं, उनसे संपर्क किया जा रहा है. इसके बाद उनकी स्थिति पूछकर फिर जिलेभर में सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है, जिससे वहां के लोगों का सीधा संपर्क सात समुंदर पार यहां बैठे उनके परिजनों से हो सके.
आंकड़ों के मुताबिक, अब तक जिले में 1200 से अधिक नागरिक ईरान, इराक, इजरायल, दुबई, सऊदी अरब जैसे देश में काम के सिलसिले में गए हैं, जो वहां पर अलग-अलग इलाकों में फसे हैं, जिससे सीधा संपर्क किया जा रहा है.
कंट्रोल रूम के जरिए निगरानी
जानकारी के मुताबिक, आपदा प्रबंधन विभाग ने संपर्क नंबर जारी किया है. इसके साथ ही कंट्रोल रूम के जरिए कोई भी व्यक्ति, जिसे अपनी जानकारी या फिर किसी भी मदद की जरूरत है और वह विदेश में फंसा है, तो वह जारी नंबर 7830318428 पर अपनी जानकारी साझा कर सकता है. इसके साथ ही यदि उसे किसी प्रकार की मदद चाहिए, तो वह भी प्रशासन को अवगत करा सकता है, जिसके बाद उसे तत्काल सीधा संपर्क कर मदद उपलब्ध कराई जाएगी.
प्रतिदिन कंट्रोल रूम के जरिए दर्ज
आपदा प्रबंधन प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर ऐसे लोगों की सूचनाओं को जुटाया जा रहा है, जिसमें उनका नाम, पता, वह किस देश में, किस हालत में रह रहे हैं, यह सब जानकारी प्रतिदिन कंट्रोल रूम के जरिए दर्ज की जा रही है. आंकड़ों के मुताबिक, उन्होंने बताया कि अब तक करीब 1200 से अधिक लोगों के अलग-अलग देश में रहने की सूचना है.
सभी लोगों से प्रतिदिन संपर्क किया जा रहा है और वहां की स्थिति के बारे में उनसे पूछा जा रहा है. यदि उन्हें मदद की आवश्यकता है, तो उन्हें मदद पहुंचाई जा रही है. उन्होंने कहा कि हम सब यहां से राज्य सरकार को सूचना देते हैं. राज्य सरकार से फिर केंद्र सरकार, फिर उसके बाद मंत्रालय तक सूचना जाती है, जिससें आपात स्थिति में यदि कोई नागरिक जिसे सुरक्षा का अभाव है या फिर उसे किसी मदद की आवश्यकता है, तो वह उसे उपलब्ध हो सके. उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरीके से अलर्ट है और किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है.
रियाद में रह रहे लोगों से बात
वहीं सऊदी अरब के रियाद में रह रहे कुर्बान अली जो अमेठी जिले के मुसाफिरखाना तहसील के रहने वाले हैं, उन्होंने लोकल 18 से फोन पर बातचीत में बताया कि वह 18 महीने पहले यहां काम करने आए थे. यहां के हालात ठीक हैं और वह सुरक्षित हैं, लेकिन डर बना रहता है कि कभी कोई तनावपूर्ण स्थिति ना हो जाए.
इसके लिए उन्होंने प्रशासन से सूचना दर्ज कराई है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यदि उन्हें आवश्यकता पड़े तो उन्हे सुरक्षित उनके देश वापस लाने की व्यवस्था की जाए फिलहाल उन्होंने कहा कि अभी वहां के हालात ठीक है.
किसी प्रकार का खतरा नहीं
वही ईरान में फंसे मोहम्मद मुनीद अहमद के परिजन अयूब खान ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि मेरी यही अपील है कि उनके परिजन सुरक्षित हो और सरकार सभी नागरिकों की सुरक्षा दें. अगर जरूरत पड़े तो उन्हें सुरक्षित वापस लाया जाए, किसी प्रकार का कोई खतरा उन्हें ना हो.
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