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Ghaziabad News: गाजियाबाद जिला प्रशासन मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और युद्ध की घटनाओं को देखते हुए सतर्क हो गया है. ईरान और इजरायल सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में फंसे या काम कर रहे नागरिकों की जानकारी जुटाई जा रही है ताकि किसी आपात स्थिति में उनकी मदद की जा सके. डीएम रविंद्र कुमार ने नागरिकों से अपील की है कि अगर उनके परिचित, परिवार या रिश्तेदार ऐसे क्षेत्रों में हैं तो प्रशासन को तुरंत जानकारी दें. इसके लिए विशेष फॉर्म और हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, जिससे समय रहते सही मदद सुनिश्चित की जा सके.
गाजियाबाद: मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध और सुरक्षा तनाव को देखते हुए गाजियाबाद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. ईरान और इजरायल में जारी संघर्ष की गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने उन लोगों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो इन देशों में रह रहे हैं, काम कर रहे हैं या किसी कारणवश वहां फंसे हुए हैं. जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे अपने परिजनों की जानकारी तत्काल प्रशासन के साथ साझा करें ताकि समय रहते उनकी मदद की जा सके.
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि ईरान और इजरायल के अलावा पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में सुरक्षा हालात चिंताजनक बने हुए हैं. सैन्य गतिविधियां बढ़ने से वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर खतरा पैदा हो गया है. खाड़ी देशों में गाजियाबाद के भी बड़ी संख्या में लोग काम करते हैं. जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि अगर जनपद का कोई भी नागरिक वहां किसी समस्या में है, तो उसका पूरा विवरण प्रशासन के पास उपलब्ध रहे. इससे जरूरत पड़ने पर राज्य और केंद्र सरकार के साथ तालमेल बिठाकर उन्हें सुरक्षित वापस लाना आसान होगा.
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विशेष फॉर्म और हेल्पलाइन नंबर जारी
प्रशासन ने नागरिकों की सुविधा के लिए एक विशेष फॉर्म जारी किया है. इसमें फंसे हुए व्यक्ति का नाम, पता, संपर्क नंबर और वर्तमान लोकेशन जैसी जानकारियां भरनी होंगी. यह डेटा मिलने के बाद इसे सत्यापित कर लखनऊ स्थित राहत कार्यालय को भेजा जाएगा.
इन नंबरों पर दे सकते हैं जानकारी:
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार: 8527240100
आपदा विशेषज्ञ वैभव पाण्डेय: 8127652559
इसके अलावा संबंधित तहसील कार्यालय या उप-जिलाधिकारी (SDM) कार्यालय में भी सूचना दी जा सकती है.
अब तक 10 लोगों की मिली जानकारी
जिलाधिकारी ने बताया कि अब तक प्रशासन को करीब 10 लोगों की जानकारी प्राप्त हो चुकी है, जिन्हें सत्यापन के बाद शासन को भेजा जा रहा है. हाल ही में इन देशों से सुरक्षित लौटे लोगों का ब्यौरा भी एकत्र किया जा रहा है. प्रशासन का प्रयास है कि एक सटीक डेटाबेस तैयार किया जाए ताकि युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों की घर वापसी की प्रक्रिया को तेज किया जा सके.
जनपदवासियों से अपील
प्रशासन ने अपील की है कि अगर आपके पड़ोस, रिश्तेदारी या जान-पहचान में कोई भी व्यक्ति इजरायल, ईरान या आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में फंसा हुआ है, तो तुरंत सूचित करें. सही समय पर मिली जानकारी किसी की जान बचाने और उसे सुरक्षित भारत वापस लाने में सबसे बड़ी भूमिका निभा सकती है.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें
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