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कई बार खरीद कर पिया होगा पानी लेकिन क्या नोटिस की एक बात? छिपा होता है एक राज!
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आपने कई बार पानी की बोतल खरीद कर पी होगी लेकिन क्या आपने इन बॉटल्स में छिपा एक राज नोटिस किया है? अब आप सोच रहे होंगे कि भला पानी की बोतलों में कैसा राज छिपा हो सकता है? आइये आपको बताते हैं…
आखिर क्यों प[पानी की हर बोतल पर बना होता है जिग-जैग पैटर्न (इमेज- फाइल फोटो)
हम रोजाना बाजार से पानी की प्लास्टिक बोतल खरीदते हैं, खोलते हैं और पीते हैं. लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया कि लगभग हर बोतल की बॉडी पर जिग-जैग, लहरदार, उभरी हुई या गड्ढेदार लकीरें क्यों बनी होती हैं? साथ ही नीचे का हिस्सा भी अक्सर सपाट नहीं होता, बल्कि थोड़ा अंदर की ओर धंसा या पैटर्न वाला होता है.
ज्यादातर लोग इसे सिर्फ डिजाइन या सजावट समझते हैं, लेकिन ये एक बड़ा इंजीनियरिंग राज है जो बोतल को मजबूत, सुरक्षित और उपयोग में आसान बनाता है. आखिर इस डिजाइन का कारण क्या होता है? आइये आपको बताते हैं.
पीछे छिपा है ख़ास कारण
बोतलों पर बने ये पैटर्न ‘रिब्स’ या ‘रिइन्फोर्सिंग रिब्स’ कहलाते हैं. PET (पॉलीएथिलीन टेरेफ्थालेट) प्लास्टिक से बनी बोतलें पतली होती हैं ताकि कम मटेरियल लगे और पर्यावरण पर बोझ कम हो. लेकिन पतली दीवार वाली बोतल आसानी से दब सकती है, मुड़ सकती है या फट सकती है– खासकर जब स्टैक की जाती हैं, ट्रांसपोर्ट होती हैं या हाथ में पकड़ी जाती हैं. यहां जिग-जैग या वर्टिकल/स्पाइरल पैटर्न काम आते हैं. ये लकीरें दबाव को बांटती हैं और बोतल को मजबूती प्रदान करती हैं, ठीक वैसे ही जैसे पुल में आर्क स्ट्रक्चर दबाव को फैलाता है. इन्हें ‘स्ट्रेस डिस्पर्सन’ कहा जाता है. बिना इन पैटर्न के अगर बोतल पूरी। तरह स्मूद होती तो ज्यादा मोटी प्लास्टिक लगानी पड़ती, जिससे वजन बढ़ता और लागत ज्यादा होती. रिब्स से प्लास्टिक की मोटाई कम रखी जा सकती है, लेकिन मजबूती बनी रहती है. ये पैटर्न बोतल को इम्पैक्ट रेसिस्टेंट बनाते हैं यानी गिरने पर टूटने का खतरा कम होता है.
है कई फायदे
इसके अलावा दूसरा बड़ा फायदा है ग्रिप या पकड़. गर्मियों में पसीना आने पर या बारिश में हाथ गीले होने पर स्मूद बोतल हाथ से फिसल जाती है. लेकिन ये जिग-जैग लकीरें फिसलन रोकती है. हाथ की उंगलियां इनमें अच्छे से फिट हो जाती हैं, जिससे बोतल सुरक्षित पकड़ी जा सकती है. कई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि ये रिजेस (उभरी लकीरें) गीले हाथों में भी बेहतर ग्रिप देते है. नीचे के हिस्से में भी अक्सर पैटर्न या ‘पेंट’ (अंदर धंसा हिस्सा) होता है. ये बोतल को स्थिर रखता है. अगर बॉटम पूरी तरह फ्लैट होता तो मोल्डिंग के दौरान प्लास्टिक बाहर की ओर उभर सकता था, जिससे बोतल वॉबली (हिलने वाली) हो जाती. इन पैटर्न से बोतल का वजन नीचे केंद्रित होता है और स्टैंडिंग आसान हो जाती है. पानी की बोतलों में कार्बोनेटेड ड्रिंक्स की तरह ज्यादा प्रेशर नहीं होता, इसलिए बॉटम ज्यादा पॉइंटेड नहीं होता, लेकिन फिर भी मजबूती के लिए डिजाइन किया जाता है. ट्रांसपोर्ट और स्टोरेज में भी ये पैटर्न मदद करते हैं. जब बोतलें स्टैक की जाती हैं तो रिब्स दबाव बांटते हैं, जिससे ऊपरी बोतलें नीचे वाली पर ज्यादा वजन नहीं डालतीं और क्रशिंग नहीं होती. ये डिजाइन पैकेजिंग इंडस्ट्री में स्टैंडर्ड है. कुछ लोग सोचते हैं कि ये पैटर्न सिर्फ मार्केटिंग के लिए हैं या बोतल को ज्यादा पानी दिखाने के लिए, लेकिन ऐसा नहीं है. ये पूरी तरह फंक्शनल है.
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