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डॉक्टरों द्वारा ब्रेन-डेड घोषित करने के बाद कुलदीप कुमार शुक्ला अपनी पत्नी विनीता शुक्ला को लेकर बरेली के एक अस्पताल से 24 फरवरी को घर ला रहे थे, तभी एम्बुलेंस एनएच-74 पर बने गड्ढे में जा पड़ी. जिसके कारण एंबुलेंस में मौजूद विनीता शुक्ला को जोर का झटका लगा, जिससे यह चमत्कार हुआ.
पीलीभीत में ब्रेन डेड महिला की गड्ढों के कारण बची जान. (एआई फोटो)
पीलीभीत: वैसे तो सड़कों पर मौजूद गड्ढे लोगों की मौत का कारण बनते हैं. लेकिन एक महिला के लिए सड़क का गड्ढा नया जीवन दे गया. अब आप सोच रहे होंगे की बला गड्ढा कैसे किसी की जान बचा सकता है तो हम आपको बता दें कि बरेली-हरिद्वार एनएच-74 पर मौजूद एक गड्ढा उत्तर प्रदेश की 50 वर्षीय महिला के लिए वरदान साबित हुआ. महिला को मेडिकली ब्रेन-डेड घोषित कर दिया गया था. लेकिन एक झटके में उसको नया जीवन मिल गया.
डॉक्टरों ने घोषित कर दिया था ब्रेन डेड
डॉक्टरों द्वारा ब्रेन-डेड घोषित करने के बाद कुलदीप कुमार शुक्ला अपनी पत्नी विनीता शुक्ला को लेकर बरेली के एक अस्पताल से 24 फरवरी को घर ला रहे थे, तभी एम्बुलेंस एनएच-74 पर बने गड्ढे में जा पड़ी. जिसके कारण एंबुलेंस में मौजूद विनीता शुक्ला को जोर का झटका लगा, जिससे यह चमत्कार हुआ. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक विनीता के पति ने बताया कि उन्होंने अपने परिवार को पत्नी के अंतिम संस्कार की तैयारी करने को कहा था. वह सांस नहीं ले रही थीं. केवल दिल की धड़कन धीरे-धीरे चल रही थी. लेकिन जैसे ही एम्बुलेंस हाफिजगंज पहुंची, वह एक बड़े गड्ढे से टकरा गई और एंबुलेंस तेजी से आगे बढ़ गई.
लौट आई पत्नी की सांसें
इसके अलावा पति कुलदीप ने कहा कि अगला क्षण किसी चमत्कार से कम नहीं था. उन्होंने कहा कि झटका लगने के बाद उनकी पत्नी ने फिर सामान्य रूप से सांस लेना शुरू कर दिया और तुरंत अपने परिवार को अंतिम संस्कार की सभी तैयारियों को रोकने के लिए कहा. इसके बाद कुलदीप विनीता को पीलीभीत के न्यूरोसिटी अस्पताल ले गए. वहां इलाज के बाद सोमवार को विनीता घर लौट आईं. उनके पति कुलदीप ने बताया कि उनकी पत्नी ने मौत को मात दे दी है. उन्होंने आगे कहा कि उनकी पत्नी अब न सिर्फ होश में हैं, बल्कि हमसे बात भी कर रही हैं.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें
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