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Success Story: मेरठ की प्राची पंवार ने कठिन परिश्रम और लगातार प्रयास के दम पर UPSC परीक्षा में 59वीं रैंक हासिल कर परिवार और शहर का नाम रोशन किया है. शुरुआती तीन प्रयासों में असफलता मिलने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और चौथे प्रयास में सफलता पाई. उन्होंने प्रतिदिन 10–12 घंटे पढ़ाई कर सेल्फ स्टडी पर फोकस रखा. प्राची ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार के सहयोग को दिया और युवाओं को सलाह दी कि असफलताओं से घबराए बिना नियमित अभ्यास करते रहें.
मेरठ: प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में कई बार विपरीत परिस्थितियों आती है, लेकिन यह उसे व्यक्ति के ऊपर निर्भर है कि वह किस तरह से विपरीत परिस्थितियों के बीच भी अपनी राह चुनते हुए परचम लहरा सकें. कुछ इसी तरह का नजारा मेरठ के मेडिकल कॉलेज परिसरद में भी देखने को मिला. जहां की रहने वाली प्राची पंवार ने यूपीएससी में 59 वीं रैंक लाकर माता-पिता का नाम गर्व के साथ रोशन किया है. ऐसे में लोकल-18 की टीम द्वारा भी प्राची पंवार से खास बातचीत.
चौथे अटेम्प्ट में हासिल की सफलता
लोकल-18 की टीम से खास बातचीत करते हुए यूपीएससी में 59 वीं रैंक लाने वाली प्राची पंवार ने बताया कि उनकी यूपीएससी की राह आसान नहीं थी. सर्वप्रथम उन्होंने बिना तैयारी के ही जब यूपीएससी एग्जाम दिया था. उनका प्री एग्जाम क्लियर नहीं हो पाया था. इसके बाद उन्होंने तैयारी करते हुए सेकंड टर्म का एग्जाम दिया. उसमें भी उनका प्री क्लियर नहीं हो पाया था. जिससे उनको मायूसी हाथ लगी. लेकिन माता-पिता के समझाने के बाद उन्होंने तीसरा अटेम्प्ट दिया. जिसमें कि वह इंटरव्यू तक पहुंच पाई थी. लेकिन जब फाइनल लिस्ट जारी हुई तो उसमें उनका नाम नहीं था. लेकिन उनके मन में यह विश्वास था कि जब थर्ड अटेम्प्ट में इंटरव्यू तक पहुंच गई. तो आगे जरूर सफलता मिलेगी. उनका यही विश्वास उनके जीवन के लिए काफी महत्वपूर्ण हो गया. उन्होंने अपने चौथे अटेम्प्ट में सभी एग्जाम को क्लियर करते हुए 59वीं रैक हासिल की है.
निरंतर रखे प्रैक्टिस पर ध्यान
उन्होंने बताया की शुरुआती दौर में उन्होंने दिल्ली से तैयारी करने के लिए ऑप्शन चुनना था. जिसमें की दिल्ली में रहकर तैयारी भी की थी. लेकिन वहां का वातावरण उनके अनुकूल नहीं था. इसलिए उन्होंने सेल्फ स्टडी करते हुए अपनी तैयारी पर फोकस रखा. इसलिए वह प्रतिदिन 10 से 12 घंटे अध्ययन कर रहती थी. साथ ही महत्वपूर्ण विषय के साथ में लिखित परीक्षा की भी प्रैक्टिस करती रहती थी. उन्होंने बताया कि जब उन्होंने चौथा अटेम्प्ट में मुख्य परीक्षा को पास कर लिया था. उनका चौथा दिन इंटरव्यू होना था, ऐसे में ज्यादा प्रिपरेशन तो वह नहीं कर पाई थी. लेकिन पिछली बार के अनुभव के आधार पर उन्होंने इंटरव्यू दिया. जिसमें उन्होंने अबकी बार सफलता मिली है.
परिवार के सपोर्ट से मिली सफलता
वह बताती है कि उनकी सफलता में उनके परिवार का पूरा सपोर्ट है. उनके पिता राकेश पंवार लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में ही बतौर क्लर्क कार्य करते हैं. उनका भाई पढ़ाई कर रहा है एवं उनकी माता हाउसवाइफ है. ऐसे में मध्यम परिवार से ताल्लुक रखते हुए उन्होंने अपने सपने को पूरा करने के लिए कठिन परिश्रम किया. जिसमें परिवार का सपोर्ट मिला. उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी पहली च्वाइस में आईएफएस ऑप्शन रखा था. ऐसे मैंने पूरी उम्मीद है कि यही मिलेगा. जिसके माध्यम से विदेश से संबंधित जो कार्य है उनका पूरा कर पाएंगी. उन्होंने बताया कि जो अपने खानदान में पहली अफसर बिटिया बनने जा रही है..
असफलताओं से ना घबराएं
उन्होंने युवाओं को टिप्स देते हुए कहा कि जो भी युवा यूपीएससी से संबंधित तैयारी करना चाहते हैं. ऐसे सभी युवा असफलताओं से कभी भी ना घबरायें. प्रतिदिन अपने अध्ययन करने के लिए एक शेड्यूल तैयार कर लें. सबसे पहले प्री एग्जाम की अच्छे से तैयारी करने के साथ ही मुख्य परीक्षा में लिखने की प्रैक्टिस ज्यादा से ज्यादा डालें. इसके लिए प्रतिदिन प्रैक्टिस पेपर को सॉल्व करते हुए लिखते रहे. बताते चलें कि अगर आप सभी भी इन बातों का विशेष ध्यान रखेंगे. तो निश्चित तौर पर अपने सपने को पूरा कर सकते हैं.
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पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें
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