नोएडा एयरपोर्ट के लिए दिल्‍ली से आई खुशखबरी, आखिरकार रास्‍ते से हट गए तमाम रोड़े, जल्‍द टेकऑफ होंगी फ्लाइट्स

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नोएडा एयरपोर्ट के लिए दिल्‍ली से आई खुशखबरी, आखिरकार रास्‍ते से हटे तमाम रोड़े

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दिल्‍ली से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए अच्‍छी खबर आई है. आखिरकार नोएडा एयरपोर्ट से फ्लाइट ऑपरेशन को लेकर मौजूद सभी रोड़े हट गए हैं. डीजीसीए ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपेार्अ एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर दिया है. जेवर में बन रहा यह एयरपोर्ट एनसीआ और पश्चिमी यूपी के लिए बड़ा एविएशन हब बनने जा रहा है.

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Noida International Airport News: नोएडा इंटरनेशल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से फ्लाइट उड़ने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अच्‍छी खबर है. जी हां, लंबी कवायद के बाद दिल्‍ली से वह खुशखबरी आ गई है, जिसका इंतजार लंबे समय हो रहा था. इस खुशखबरी के साथ नोएडा इंटरनेशनल से फ्लाइट ऑपरेशन के रास्‍ते बिछे रोड़े भी हट गए हैं. दरअसल, डायरेक्‍टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर दिया है. इस लाइसेंस के मिलने के बाद एयरपोर्ट के फ्लाइट ऑपरेशन की दिशा में एक अहम कदम पूरा हो गया है.

डीजीसीए ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को पब्लिक यूज कैटेगरी में लाइसेंस दिया है. इसका मतलब है कि यहां हर मौसम में 24 घंटे फ्लाइट का ऑपरेशन किया जा सकेगा. एयरपोर्ट पर 10/28 ओरिएंटेशन वाला 3900 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे बनाया गया है. इसके साथ ही यहां इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) और एरोनॉटिकल ग्राउंड लाइटिंग (एजीएल) जैसी आधुनिक सुविधाएं भी मुहैया कराई गई हैं, जिससे खराब मौसम में भी सुरक्षित लैंडिंग संभव होगी. एयरपोर्ट पर 24 कोड C और 2 कोड D/F विमान खड़े करने की पार्किंग व्यवस्था की गई है.

नोएडा एयरपोर्ट की जुड़ी है ये कुछ खास बातें

  1. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL) ने तैयार किया है जो ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी है.
  2. इस एयरपोर्ट को उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार के साथ पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत किया गया है, जिसका कंसेशन पीरियड 1 अक्टूबर 2021 को 40 साल के लिए शुरू हुआ.
  3. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एआरएफएफ कैटेगरी 9 सुविधाओं से लैस है, जो बोइंग 777-300ER जैसे वाइड-बॉडी एयरक्राफ्ट को हैंडल करने में सक्षम है.
  4. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मल्टी-मॉडल कार्गो हब के साथ चार फेज में डेवलप किया जा रहा है. पहले फेज में, पैसेंजर टर्मिनल के साथ एक रनवे तैयार किया गया है.
  5. इस टर्मिनल की कैपेसिटी सालाना लगभग 12 मिलियन पैसेंजर को हैंडल करने की होगी. सभी फेज़ पूरे होने पर एयरपोर्ट हर साल 70 मिलियन पैसेंजर को हैंडल करने में सक्षम होगा.
  6. 70 मिलियन की कैपेसिटी के साथ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट नेशनल कैपिटल रीजन और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ा एविएशन हब बनकर उभरेगा.
  7. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का डेवलपमेंट मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन के एक मजबूत एविएशन इकोसिस्टम बनाने के बड़े विजन का हिस्सा है.
  8. पिछले दस सालों में भारत का सिविल एविएशन सेक्टर में तेजी से बढ़ोत्‍तरी दर्ज की गई है. ऑपरेशनल एयरपोर्ट की संख्या जहां 2014 में 74 थी, वही अब यह बढ़कर 164 हो गई है.
  9. इस उपलब्धि के साथ ही भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा डोमेस्टिक एविएशन मार्केट बन गया है.

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का डेवलपमेंट नेशनल कैपिटल रीजन और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एविएशन कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. यह एयरपोर्ट वर्ल्ड-क्लास एयरपोर्ट रीजनल इकोनॉमिक ग्रोथ, टूरिज्म और इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देगा. साथ ही, स्विस एफिशिएंसी को इंडियन हॉस्पिटैलिटी के साथ मिलाकर एक आसान पैसेंजर एक्सपीरियंस देगा. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस रीजन के मौजूदा एयरपोर्ट पर कंजेशन को कम करने में भी मदद करेगा. – राममोहन नायडू किंजरापु, सिविल एविएशन मिनिस्टर

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Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें

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