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How To Teach Kids Value Of Money : आज के दौर में जहां एक क्लिक पर खिलौने और गैजेट्स घर आ जाते हैं, वहां बच्चों को ‘पैसे की कीमत’ समझाना किसी चुनौती से कम नहीं है. अक्सर माता-पिता बच्चों की हर जिद पूरी कर देते हैं, जिससे उन्हें यह अहसास नहीं हो पाता कि पैसा मेहनत से आता है. मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि वित्तीय साक्षरता (Financial Literacy) की नींव बचपन में ही रख दी जानी चाहिए. अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा फिजूलखर्ची न करे और भविष्य के लिए जिम्मेदार बने, तो ये 5 स्मार्ट तरीके आपके बहुत काम आएंगे.
1. पिगी बैंक: बचत का पहला सबक
बचत की शुरुआत हमेशा घर के गुल्लक या पिगी बैंक से होनी चाहिए. जब बच्चा छोटा हो, तो उसे एक पारदर्शी (Transparent) डिब्बा दें. पारदर्शी डिब्बा इसलिए, ताकि वह अपनी आंखों से पैसों को बढ़ता हुआ देख सके. उसे समझाएं कि हर बार मिलने वाले पॉकेट मनी या उपहार के पैसों में से एक हिस्सा इस गुल्लक में डालना है. यह छोटी सी शुरुआत उसे ‘धैर्य’ (Patience) सिखाती है.
2. ‘जरूरत’ और ‘चाहत’ के बीच का फर्क
बच्चों को अक्सर लगता है कि जो उन्हें पसंद आया, वह उनकी जरूरत है. उन्हें यह समझाना जरूरी है कि ‘Need’ (जरूरत जैसे- स्कूल बैग, किताबें) और ‘Want’ (चाहत जैसे- नया वीडियो गेम या एक्स्ट्रा खिलौना) के बीच क्या अंतर है. अगली बार जब वे शॉपिंग पर किसी चीज की फरमाइश करें, तो उनसे पूछें, “क्या आपको इसकी सच में जरूरत है, या आप इसे सिर्फ इसलिए चाहते हैं क्योंकि यह सुंदर दिख रहा है?” यह सवाल उन्हें सोचने पर मजबूर करेगा.
3. कमाने का मौका दें
पैसा मेहनत से आता है, यह सिखाने के लिए उन्हें घर के छोटे-छोटे कामों के बदले कुछ ‘रिवॉर्ड’ दें. ध्यान रहे, रोजमर्रा के काम जैसे अपना बिस्तर ठीक करना या पढ़ाई करना इसके दायरे में नहीं आना चाहिए. लेकिन कुछ अतिरिक्त काम, जैसे पौधों को पानी देना या पुरानी रद्दी साफ करने में मदद करने के लिए उन्हें कुछ पैसे दें. इससे उन्हें समझ आएगा कि पैसे ‘पेड़ पर नहीं उगते’, बल्कि उन्हें कमाना पड़ता है.
4. बजट बनाना सिखाएं
जब बच्चा थोड़ा बड़ा हो जाए, तो उसे घर के बजट की चर्चा में शामिल करें. अगर आप सुपरमार्केट जा रहे हैं, तो उसे एक फिक्स्ड बजट दें और कहें कि इसी बजट में घर की कुछ चीजें और उसकी पसंद का सामान मैनेज करना है. जब वह खुद दाम की तुलना (Price Comparison) करेगा, तो उसे समझ आएगा कि सही चुनाव कैसे किया जाता है. इससे उनमें निर्णय लेने की क्षमता भी बढ़ती है.
5. बैंकिंग और इन्वेस्टमेंट से परिचय
जैसे-जैसे बच्चे किशोर (Teenagers) होने लगें, उन्हें बैंक ले जाएं. उनका अपना बैंक अकाउंट खुलवाएं. आजकल कई ऐसे ऐप्स और खाते हैं जो खासतौर पर बच्चों के लिए हैं. उन्हें इन्वेस्टमेंट (जैसे म्यूचुअल फंड या एफडी) के बारे में बुनियादी जानकारी दें. उन्हें दिखाएं कि कैसे समय के साथ पैसा बढ़ता है. यह उनके भविष्य के लिए एक मजबूत आर्थिक आधार तैयार करेगा.
पैसा कमाना एक स्किल है, लेकिन उसे संभालना एक संस्कार. यदि हम बचपन से ही बच्चों को वित्तीय प्रबंधन सिखाते हैं, तो वे न केवल भविष्य में आर्थिक रूप से सुरक्षित रहेंगे, बल्कि उनमें जिम्मेदारी और संतोष की भावना भी विकसित होगी.
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