पिता से सीखे सुर, भाई संग मिलकर रच दिया इतिहास, बॉलीवुड से फीफा तक गूंजा सलीम मर्चेंट का जादू

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बचपन में पिता को कीबोर्ड बजाते देख सलीम मर्चेंट का सफर शुरू हुआ था. आज बॉलीवुड से लेकर इंटरनेशनल स्टेज तक उनका नाम गूंजता है . अपने भाई सुलेमान के साथ मिलकर हिंदी म्यूजिक इंडस्ट्री को ऐसा साउंड दिया, जिसमें सूफियाना एहसास भी है और मॉडर्न बीट्स की चमक भी. फिल्मों के सुपरहिट गानों से लेकर बड़े इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स तक, सलीम का करियर लगातार नए ऊंचाईयों के शिखर को छूता रहा है.

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भाई संग हिट है संगीतकार-गायक की जोड़ी

नई दिल्ली. सलीम मर्चेंट. वो नाम, जिसने बॉलीवुड को कई यादगार रोमांटिक और सूफी गाने दिए. ‘इश्क वाला लव’, ‘शुक्रन अल्लाह’ और ‘जिगर दा टुकड़ा’ जैसे गानों से लोगों के दिलों में जगह बनाने वाले सलीम आज हिंदी म्यूजिक इंडस्ट्री का बड़ा नाम हैं.

3 मार्च को मुंबई में जन्मे सलीम को बचपन से ही घर में संगीत का माहौल मिला. उनके पिता खुद संगीतकार और कीबोर्ड प्लेयर थे. सलीम अक्सर उन्हें गाते और कीबोर्ड बजाते देखते थे. वही उनके पहले गुरु और सबसे बड़ी प्रेरणा बने. एक इंटरव्यू में सलीम ने कहा था कि उन्होंने हमेशा अपने पिता के नक्शेकदम पर चलने की कोशिश की है और संगीत उनके जीवन में बहुत जल्दी आ गया था.

भाई सुलेमान संग मिलकर सलीम बनाई पहचान

सलीम ने सिर्फ भारतीय शास्त्रीय संगीत ही नहीं सीखा, बल्कि पश्चिमी शास्त्रीय संगीत की भी पढ़ाई की. उन्होंने सिंथेसाइज़र बजाना सीखा और अलग-अलग संगीत शैलियों को समझा. यही वजह है कि उनके गानों में पॉप, सूफी, कव्वाली और मॉडर्न बीट्स का खूबसूरत मेल सुनाई देता है.अपने भाई सुलेमान के साथ मिलकर सलीम ने म्यूजिक इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाई.

कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों के लिए दिया संगीत

सलीम-सुलेमान की जोड़ी ने ‘रब ने बना दी जोड़ी’ और ‘फैशन’ जैसी फिल्मों के लिए संगीत दिया. इतना ही नहीं, उन्होंने 2010 फीफा विश्व कप का एंथम भी कंपोज किया. दोनों भाइयों ने इंटरनेशनल लेवल पर भी काम किया और लेडी गागा के गाने ‘बॉर्न दिस वे’ और ‘जुडास’ का रीमिक्स तैयार किया. फिल्मों में हिट गाने देने के अलावा सलीम टीवी पर भी नजर आए. उन्होंने ‘इंडियन आइडल’ में जज की भूमिका निभाई. गायक होने के साथ-साथ वह एक बेहतरीन कंपोजर भी हैं. ‘लव ब्रेकअप जिंदगी’ का ‘रब राखा’, ‘फैशन’ का ‘मरजावां’, ‘मौला ले’, ‘ले मेरी जान’ और ‘ओ रे पिया’ जैसे गानों में उनका संगीत खास तौर पर पसंद किया गया.

सलीम मर्चेंट की खासियत यही है कि वह हर दौर के साथ खुद को ढाल लेते हैं. पारंपरिक सुरों से लेकर इंटरनेशनल स्टाइल तक, उन्होंने हर जगह अपनी अलग पहचान बनाई है.

About the Author

Munish Kumar

न्यूज 18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार का डिजिटल मीडिया में 9 सालों का अनुभव है. एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग, लेखन, फिल्म रिव्यू और इंटरव्यू में विशेषज्ञता है. मुनीष ने जामिया मिल्लिया इ…और पढ़ें

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