बचपन से कर रहीं चित्रकारी; कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी हैं फैन, ‘अम्मा’ की कहानी

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Chhatarpur News: अम्मा ने लोकल 18 से कहा, ‘उज्जैन सिंहस्थ के बाद मेरी पहचान बढ़ती चली गई. पहले मैं उज्जैन तक ही सीमित थी लेकिन इसके बाद पूरा राज्य विजिट किया. अब मैं पूरे देशभर में चित्रकारी के स्टॉल लगाती हूं. राज्य या केंद्र सरकार के जो भी कार्यक्रम होते हैं, वहां मुझे बुलाया जाता है.’

छतरपुर. आज हम आपको मध्य प्रदेश की एक ऐसी महिला की कहानी बताने जा रहे हैं, जो बचपन से चित्रकारी करती आई हैं. इनकी चित्रकारी देख पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी तारीफ कर चुके हैं. श्यामा देवी (अम्मा) की चित्रकारी देख पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें घर दे दिया था. साथ ही अपने बेटे की शादी में भी उन्हें चित्रकारी के लिए बुलाया था. अकेले शिवराज ही नहीं बल्कि एमपी के सभी बड़े नेता अम्मा से परिचित हैं. उज्जैन की रहने वालीं श्यामा देवी ने लोकल 18 से बातचीत में कहा, ‘मैं बचपन से ही चित्रकारी कर रही हूं. पढ़ाई-लिखाई ज्यादा नहीं की लेकिन चित्रकारी में मन लग गया था. आगे इसी को रोजी-रोटी बनाया और आज इसी कला के चलते उनकी पहचान बड़े-बड़े नेताओं में हैं.’

उन्होंने कहा, ‘साल 2016 में जब उज्जैन में सिंहस्थ लगा था, तो मेले में चित्रकारी करने का कलेक्टर साहब ने मुझे ठेका दिया था. हालांकि इतने बड़े काम को करने के लिए मैंने लेबर भी लगाए थे क्योंकि अकेले इतनी बड़ी जिम्मेदारी संभव नहीं थी. जब तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सिंहस्थ आए, तो उन्होंने पूरी चित्रकारी देखी, तो वह बहुत खुश हुए. उन्होंने मेरी जानकारी ली और खुद मिलने आ गए. उन्होंने हमारी खूबसूरत चित्रकारी की जमकर तारीफ की और हालचाल पूछे. जब उन्हें मेरी घर की आर्थिक स्थिति पता चली, तो उन्होंने मुझे एक घर देने का ऐलान कर दिया. मुझे घर मिला भी.’

उज्जैन सिंहस्थ के बाद बढ़ी पहचान
अम्मा ने आगे कहा, ‘उज्जैन सिंहस्थ के बाद मेरी पहचान बढ़ती ही चली गई. मैं पहले उज्जैन तक ही सीमित थी लेकिन इसके बाद पूरा एमपी विजिट किया. अब मैं पूरे देशभर में अपनी चित्रकारी के स्टॉल लगाती हूं. राज्य सरकार या केंद्र सरकार के जो भी कार्यक्रम होते हैं, वहां मुझे बुलाया जाता है.’

शादी में बनाया मांडना
अम्मा ने कहा, ‘मुझे शिवराज सिंह चौहान से लेकर वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन भैया तक जानते हैं. मोहन यादव तो हमारे गांव के ही हैं. शिवराज सिंह चौहान तो मुझे अपने बेटे की शादी में चित्रकारी करने के लिए भी बुला चुके हैं. मैं शादी में गई थी. वहां मैंने मांडना बनाया और गणेश भगवान के साथ तमाम देवी-देवताओं के चित्र उकेरे.’

बच्चों को सिखाती हैं चित्रकारी
उन्होंने कहा, ‘मैं दीवारों पर, कपड़ों पर, कागज पर, सब पर चित्रकारी करती हूं. हम मेलों में दुकान लगाते हैं. साथ ही घर से थोक माल मार्केट में बेचते हैं. मैं चित्रकारी बच्चों को भी सिखाती हूं. मेरे बचपन के एक हुनर ने मेरी पूरी जिंदगी बदल दी. मुझे पैसा भी मिला और नाम भी, ये मैंने कभी सोचा नहीं था लेकिन आज मेरी सूरत देखकर ही बड़े-बड़े नेता लोग मुझे पहचान जाते हैं.’

About the Author

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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