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फसल के अच्छा पैदावार के लिए 17 पोषक तत्वों की जरूरत होती है. मक्के को भी इन्हीं पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है. 17 में तीन वायुमंडल से मिलता है. कार्बन, हाइड्रोजन व ऑक्सीजन आसानी से मिल जाता है. वहीं, 14 पोषक तत्व की आवश्यकता होती है. ऐसे में किसान सबसे जरुरी नाइट्रोजन, फॉस्फोरस व पोटाश है. इसका छिड़काव जरूर करें.
मिर्जापुर: मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में बड़े पैमाने पर मक्के की खेती होती है. सीखड़ ब्लॉक मक्के का हब बन गया है. मक्के की खेती करने वाले किसानों की हल्की-सी भूल से पैदावार प्रभावित हो जाती है और महज 8 से 15 कुंतल प्रति बीघा उत्पादन होता है. कुछ आसान टिप्स अपनाकर किसान न सिर्फ 20 से 24 कुंतल तक पैदावार ले सकते हैं, बल्कि अपनी आमदनी भी बढ़ा सकते हैं. मिर्जापुर में कृषि एक्सपर्ट और खेती में प्रयोग करने वाले योगेंद्र कुमार सिंह ने इसके लिए कुछ अहम सुझाव दिए हैं. उन्होंने बताया कि घर पर तैयार किए गए घोल या रासायनिक विधि से पोषक तत्वों और कीटनाशकों का छिड़काव कर पैदावार बढ़ाई जा सकती है.
फसल की अच्छी पैदावार के लिए 17 पोषक तत्वों की जरूरत
कृषि एक्सपर्ट योगेंद्र सिंह ने लोकल 18 से बताया कि किसी भी फसल की अच्छी पैदावार के लिए 17 पोषक तत्वों की जरूरत होती है. मक्के की फसल को भी इन्हीं पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है. इनमें से तीन पोषक तत्व वायुमंडल से मिल जाते हैं कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन. वहीं, बाकी 14 पोषक तत्व खेत से उपलब्ध कराए जाते हैं. इनमें सबसे जरूरी नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश हैं, जिनका प्रयोग किसान जरूर करें. दूसरे चरण में कैल्शियम, मैग्नीशियम और सल्फर भी पैदावार बढ़ाने के लिए आवश्यक होते हैं. अंत में सूक्ष्म पोषक तत्व जैसे बोरॉन, मैंगनीज, कॉपर और जिंक की भी विशेष आवश्यकता होती है.
नमक की तरह आवश्यक हैं पोषक तत्व
योगेंद्र सिंह ने बताया कि अक्सर किसान खेतों में सूक्ष्म पोषक तत्व नहीं देते हैं, जिससे पैदावार प्रभावित होती है. किसान केवल नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश देकर ज्यादा उत्पादन की उम्मीद करते हैं. हालांकि, जब तक सभी पोषक तत्व पौधों को नहीं मिलेंगे, तब तक अच्छी पैदावार संभव नहीं है. इनमें से यदि एक भी पोषक तत्व की कमी होगी तो उसका असर पौधों पर दिखाई देगा. जैसे नमक के बिना भोजन का स्वाद अधूरा रहता है, वैसे ही सूक्ष्म पोषक तत्वों के बिना अधिक पैदावार की उम्मीद करना मुश्किल है. यदि किसान सभी पोषक तत्वों का सही उपयोग करें तो 20 से 24 कुंतल प्रति बीघा तक पैदावार ले सकते हैं.
ये कीट करता है प्रभावित
योगेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मक्के की खेती के बाद अधिक पैदावार के लिए ये आसान टिप्स है. ज्यादातर मक्के की खेती में ज्यादातर सुंडी कीट का प्रकोप होता है. यह पत्तियों को खा जाती है. इसकी शिकायत ज्यादा मिलती है. इसके लिए किटनाशक दवा को बनाते हैं और छिड़काव करते हैं. इसके लिए नीला क्रिस्टल और बुझे हुए चुने का घोल ज्यादा कारगर है. इसके साथ ही रासायनिक में कात्यायनी ईएमए 5 का भी छिड़काव कर सकते हैं. यह सबसे प्रभावी तरीका है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें
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