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20 Summer Vegetables: मार्च का महीना आते ही मौसम धीरे-धीरे करवट लेने लगता है. सुबह की हल्की ठंडक और दोपहर की बढ़ती गर्मी यह संकेत देती है कि अब गर्मियों की तैयारी का समय आ गया है. ऐसे में जिन लोगों को किचन गार्डन या टेरेस गार्डनिंग का शौक है, उनके लिए यह महीना बेहद खास माना जाता है. अगर सही समय पर सही सब्जियां लगाई जाएं, तो आने वाले दो-तीन महीनों में घर पर ही ताज़ी सब्जियों की भरपूर फसल मिल सकती है. खास बात यह है कि इनमें से कई सब्जियां गमलों या ग्रो बैग में भी आसानी से उगाई जा सकती हैं. चाहे आपकी छत हो, बालकनी हो या छोटा सा आंगन थोड़ी सी मेहनत और सही जानकारी से आप अपनी रसोई के लिए हरी-भरी सब्जियां खुद उगा सकते हैं.
मार्च में क्यों खास है सब्जियां लगाने का समय
मार्च के दौरान भारत के अधिकांश हिस्सों में तापमान 25 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है. यह मौसम कई गर्मी-पसंद सब्जियों के अंकुरण और शुरुआती विकास के लिए आदर्श माना जाता है. दिन की अच्छी धूप पौधों को तेजी से बढ़ने में मदद करती है, जबकि रात की हल्की ठंडक उन्हें संतुलित विकास देती है. यही कारण है कि कई अनुभवी गार्डनर्स इस समय को “समर वेजिटेबल सीजन की शुरुआत” मानते हैं.
घर पर उगाई जा सकने वाली प्रमुख सब्जियां
भिंडी और बैंगन
भिंडी गर्मियों की सबसे आसान और लोकप्रिय सब्जियों में से एक है. इसके बीज सीधे गमले या ग्रो बैग में लगाए जा सकते हैं. लगभग 45 से 50 दिनों के भीतर पौधे फल देने लगते हैं. अगर 10-15 पौधे लगाए जाएं तो एक छोटे परिवार के लिए पर्याप्त भिंडी मिल सकती है.
बैंगन भी गर्मी को पसंद करने वाली सब्जी है. इसके लिए पहले छोटे पौधे तैयार किए जाते हैं और फिर बड़े गमले में ट्रांसप्लांट किया जाता है. करीब दो महीने में पौधे फूल और फल देने लगते हैं.
मिर्च और टमाटर
मिर्च के पौधे भी मार्च में लगाए जा सकते हैं. इनके बीज से पौधे बनने में करीब 30 दिन लगते हैं और फिर इन्हें बड़े गमलों में लगाया जाता है. एक बार फल आना शुरू हो जाए तो कई महीनों तक मिर्च मिलती रहती है. टमाटर लगाने से पहले अपने इलाके के तापमान का ध्यान रखना जरूरी है. अगर गर्मी 35 डिग्री से ज्यादा रहती है, तो टमाटर की पैदावार कम हो सकती है.
बेल वाली सब्जियां जो मार्च में लगानी चाहिए
खीरा, लौकी और करेला
गर्मियों में सलाद की प्लेट खीरे के बिना अधूरी लगती है. अच्छी धूप और सहारा मिलने पर इसकी बेल तेजी से फैलती है और करीब 50-60 दिन में फल देना शुरू कर देती है. लौकी और करेला भी बेल वाली सब्जियां हैं जिन्हें छत या बगीचे में आसानी से उगाया जा सकता है. इनके लिए थोड़ा बड़ा ग्रो बैग और बेल को फैलाने के लिए जाली या नेट की जरूरत होती है.
कद्दू और तुरई
कद्दू की बेल काफी फैलती है, इसलिए इसे बड़े कंटेनर या जमीन में लगाना बेहतर रहता है. सही देखभाल के साथ एक-दो पौधों से ही अच्छी मात्रा में कद्दू मिल सकते हैं. तुरई (गिलकी) भी गर्मियों में खूब उगने वाली सब्जी है और करीब दो महीने में तैयार हो जाती है.
हरी पत्तेदार सब्जियां भी उगा सकते हैं
पालक और धनिया
अक्सर माना जाता है कि पालक और धनिया सिर्फ सर्दियों में उगते हैं, लेकिन सही देखभाल के साथ इन्हें गर्मियों की शुरुआत में भी लगाया जा सकता है. पालक के बीज चौड़े और कम गहरे गमले में लगाए जाते हैं और करीब 50-60 दिनों में पत्तियां काटने के लिए तैयार हो जाती हैं. धनिया का अंकुरण थोड़ा धीमा होता है, लेकिन एक बार पौधे बढ़ने लगें तो लगातार ताज़ी पत्तियां मिलती रहती हैं.
पुदीना और लाल भाजी
पुदीना गर्मियों में बहुत तेजी से फैलता है. इसे कटिंग या बीज दोनों तरीकों से उगाया जा सकता है. एक बार जम जाने पर यह कई महीनों तक ताज़ी पत्तियां देता रहता है. लाल भाजी और चोलाई जैसी पत्तेदार सब्जियां भी पौष्टिक होती हैं और कम जगह में आसानी से उगाई जा सकती हैं.
अच्छी फसल के लिए मिट्टी कैसे तैयार करें
गर्मियों में मिट्टी जल्दी सूख जाती है, इसलिए ऐसी पोटिंग मिक्स तैयार करना जरूरी है जो नमी बनाए रख सके.
एक संतुलित मिश्रण के लिए लगभग
-30% कोकोपीट
-30% गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट
-30% बगीचे की मिट्टी
-10% जैविक खाद (जैसे नीम खली या बोनमील)
यह मिश्रण पौधों को जरूरी पोषण देने के साथ-साथ मिट्टी में नमी भी बनाए रखता है.
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