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दीपिका पादुकोण ने हाल में 8 घंटे काम की बहस को उठाया. इस बहस में अनन्या पांडे, विद्या बालन, रणबीर कपूर और कई सेलेब्स ने दीपिका को सपोर्ट किया. अब करीना कपूर खान ने इंडस्ट्री में मां बन रहीं एक्ट्रेसेज के लिए काम के घंटों को लेकर चल रही बहस के को लेकर दीपिका पादुकोण का सपोर्टि किया है.
फिल्म इंडस्ट्री में वर्किंग आवर को लेकर बहस तब शुरू हुई जब दीपिका पादुतकोण ने अपने प्रोफेशनल कमिटमेंट्स और मां बनने के बीच बैलेंस बनाने के लिए 8 घंटे के वर्क शेड्यूल को चुना. 8 घंटे की डिमांड के चलते दीपिका को कथित तौर पर ‘स्पिरिट’ और ‘कल्कि 2’ से हाथ धोना पड़ा. अब करीना कपूर खान ने 8 घंटे की शिफ्ट को लेकर बात की और दीपिका को सपोर्ट किया. (फाइल फोटो)
करीना कपूर खान ने द हॉलीवुड रिपोर्टर को दिए इंटरव्यू में दीपिका पादुकोण की 8 घंटे की शिफ्ट की मांग का समर्थन किया. उन्होंने कहा, “एक महिला के तौर पर, अगर आप अपने बच्चों को समय देना चाहती हैं, तो आपको कहने की आज़ादी होनी चाहिए कि ‘यह मैं चाहती हूं. मैं सिर्फ इतने घंटे ही काम कर सकती हूं’.” (फाइल फोटो)
हालांकि, करीना कपूर खान ने यह भी कहा कि ये शर्तें फिल्म शुरू होने से पहले ही बता दी जानी चाहिए. करीना से पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को संभालने की दुविधा के बारे में भी पूछा गया. उन्होंने ‘द बकिंघम मर्डर्स’ की शूटिंग के समय को याद करते हुए कहा, “उसके लिए मुझे 35 दिन लंदन में रहना पड़ा. तो मैंने तय किया कि मैं शूटिंग ऐसे करूंगी कि बीच में दिवाली थी, तो हमनें प्लानिंग उसी हिसाब से की. मुझे लगता है कि सब कुछ बहुत अच्छे से प्लान होना चाहिए और शुरुआत से ही सब कुछ साफ होना चाहिए.” (फाइल फोटो)
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करीना कपूर खान ने सैफ अली खान की तारीफ की कि वह बच्चों के साथ समय बिताने वाले पिता हैं और उस समय समझदारी दिखाते हैं. करीना ने कहा, “मेकर भी समझदार थे और मैं भी खुशकिस्मत हूं कि जब मैं फिल्म कर रही हूं, सैफ बच्चों के साथ हैं. शादी में पार्टनर और समझदारी जरूरी है क्योंकि दोनों काम करेंगे तो बच्चों को अकेला नहीं छोड़ सकते. यह समझदारी है.” (फाइल फोटो)
करीना कपूर से पहले अनन्या पांडे दीपिका पादुकोण को सपोर्ट किया. उन्होंने कहा जब ‘गहराइयां’ में दीपिका के साथ काम किया, तब वह प्रेग्नेंट नहीं थीं. अनन्या ने कहा,”वह(दीपिका) काम कर रही थीं, वर्कशॉप्स में आ रही थीं, कोई शिकायत नहीं, कोई मांग नहीं, और उसी तरह. अब वह मां हैं और उन्हें अपने बच्चे के साथ पहले दो साल में समय बिताने की जरूरत है…”(फाइल फोटो)
विद्या बालन ने भी काम के घंटे और मां बनने के बाद फिल्म शेड्यूल को लेकर बढ़ती बहस पर प्रतिक्रिया दी थी. द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया से बात करते हुए विद्या बालन ने कहा, “यह चर्चा है कि माताओं को कम घंटे या फ्लेक्सिबल आवर में काम करने का विकल्प मिलना चाहिए, है ना? और मुझे लगता है कि यह सही है. हर इंडस्ट्री ऐसे प्रैक्टिस अपना रही है ताकि हम नई माताओं या बच्चों के शुरुआती सालों में महिलाओं को खो न दें, तो मुझे लगता है कि महिलाओं के लिए लचीले काम के घंटे बहुत जरूरी हैं.” (फाइल फोटो)
बता दें कि बॉलीवुड में वर्क-लाइफ बैलेंस की बहस तब शुरू हुई जब संदीप रेड्डी वांगा ने पिछले साल प्रभास स्टारर ‘स्पिरिट’ से दीपिका पादुकोण को हटा दिया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दीपिका की मांगों में आठ घंटे की वर्कडे, ज्यादा सैलरी और फिल्म के मुनाफे में हिस्सा शामिल था, जो निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा को पसंद नहीं आया. दीपिका अपने काम और निजी जीवन में संतुलन बनाने के लिए काम के घंटे कम करना चाहती हैं. (फाइल फोटो)
दीपिका पादुकोण ने CNBC-TV18 से खास बातचीत में बॉलीवुड में काम की शर्तों और वेतन समानता पर चल रही बहस पर कहा था,”मैंने यह कई स्तरों पर किया है; यह मेरे लिए नया नहीं है. मुझे लगता है, वेतन की बात हो या कुछ और, मुझे जो भी मिला, मैंने उसका सामना किया. मुझे नहीं पता इसे क्या कहूं, लेकिन मैं हमेशा अपनी लड़ाई चुपचाप लड़ती हूं. और किसी अजीब वजह से, कभी-कभी ये बातें सार्वजनिक हो जाती हैं, जो मेरा तरीका नहीं है और न ही मुझे ऐसे सिखाया गया है. लेकिन हां, अपनी लड़ाई चुपचाप और सम्मानजनक तरीके से लड़ना ही मेरा तरीका है.” (फाइल फोटो)
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