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Shamli News: यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा 2025 में कांधला के व्यापारी अजय जैन की बेटी आस्था जैन ने नौवीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है. तीसरे प्रयास में मिली सफलता के बाद परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है.
आस्था जैन.
शामली: शामली जिले के कांधला कस्बे में एक साधारण किराना दुकान आज चर्चा का केंद्र बन गई है, वजह है दुकानदार अजय जैन की बेटी आस्था जैन, जिसने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में ऑल इंडिया 9वीं रैंक हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया. जैसे ही परिणाम घोषित हुआ, अजय जैन की दुकान पर बधाई देने वालों की भीड़ लग गई. बेटी की इस बड़ी सफलता से पिता की आंखें खुशी से नम हो गईं.
तीसरे प्रयास में पूरा हुआ IAS बनने का सपना
आस्था जैन ने अपने तीसरे प्रयास में यह शानदार सफलता हासिल की है. इससे पहले भी वह दो बार UPSC परीक्षा में सफल हो चुकी थीं. पहले प्रयास में उन्हें 131वीं रैंक और दूसरे प्रयास में 186वीं रैंक मिली थी, जिसके आधार पर उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में हुआ था. हालांकि, उनका सपना IAS अधिकारी बनने का था. इसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और तीसरे प्रयास में ऑल इंडिया 9वीं रैंक हासिल कर अपना सपना साकार कर लिया.
IPS ट्रेनिंग के साथ जारी रखी तैयारी
वर्तमान में आस्था जैन हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में IPS की ट्रेनिंग कर रही हैं. ट्रेनिंग के व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई और तैयारी जारी रखी. आस्था ने सेल्फ स्टडी के साथ-साथ कुछ समय दिल्ली में कोचिंग भी ली. उनकी इस निरंतर मेहनत और दृढ़ संकल्प का ही परिणाम है कि उन्होंने लगातार तीन बार यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल की.
बचपन से ही था प्रशासनिक सेवा का सपना
आस्था की मां ममता जैन बताती हैं कि उनकी बेटी शुरू से ही पढ़ाई में बेहद होनहार रही है. उसने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कांधला के एक स्थानीय स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई शामली के स्कॉटिस स्कूल से पूरी की. वर्ष 2019 में इंटरमीडिएट परीक्षा में आस्था ने 500 में से 496 अंक हासिल किए थे और पूरे प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त किया था. तभी से उसने अपने माता-पिता से कहा था कि वह आगे चलकर IAS अधिकारी बनेगी.
साधारण परिवार से निकलकर हासिल की बड़ी सफलता
आस्था के पिता अजय जैन की कस्बे में किराना की दुकान है और उसी से परिवार का पालन-पोषण होता है. सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने हमेशा आस्था की पढ़ाई को प्राथमिकता दी. परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है. एक बहन गुरुग्राम में एक कंपनी में मैनेजर है, दूसरी बहन पुणे में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है, जबकि भाई दिल्ली में पढ़ाई कर रहा है.
आस्था जैन की सफलता ने साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और लगन के दम पर बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं. फोन पर बातचीत में आस्था ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के सहयोग और विश्वास को दिया. उनकी उपलब्धि से न सिर्फ शामली बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी गर्व और प्रेरणा का माहौल है.
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Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें
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