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Aligarh News: अगर आप शेरवानी पहनने के शौकीन हैं तो अलीगढ़ की मेहंदी हसन टेलर दुकान आपके लिए खास है। 1944 में शुरू हुई इस दुकान ने अपने उत्कृष्ट कारीगरी से राष्ट्रपति भवन तक अपनी शेरवानी पहुँचाई है. यहाँ रॉयल, वेडिंग, जोधपुरी, इंडो-वेस्टर्न और पाकिस्तानी शेरवानी मिलती हैं। दुकानदार अख्तर मेहंदी बताते हैं कि शेरवानी बॉडी फिट और हर संरचना के हिसाब से बनाई जाती है। अब तक 10 राष्ट्रपति और कई फिल्मी सितारे यहाँ शेरवानी सिलवा चुके हैं. विदेशों से भी ऑर्डर आते हैं.
अलीगढ़. अगर आप भी शेरवानी पहनने का शोक रखते हैं तो यह खबर आपके काम की है. उत्तर प्रदेश का जनपद अलीगढ़ ताला और तालीम के लिए दुनिया भर में मशहूर है लेकिन शायद बहुत कम लोग जानते हैं कि अलीगढ़ शेरवानी के लिए भी जाना जाता है. जी हां अलीगढ़ की शेरवानी ने राष्ट्रपति भवन में तक जगह बना ली है. इसी अलीगढ़ की शेरवानी को पूर्व राष्ट्रपति डॉ जाकिर हुसैन से लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तक पहन चुके हैं.
1944 में शुरू हुई मेहंदी हसन टेलर की दुकान
अलीगढ़ शहर के तस्वीर महल चौराहे पर स्थित मेहंदी हसन टेलर की दुकान की शेरवानी के भारत के कई राष्ट्रपति, कई फिल्मी सितारों से लेकर राजनेताओं तक हो चुके हैं मुरीद. यहां रॉयल ट्रेडिशनल एथेनिक शेरवानी, वेडिंग शेरवानी, जोधपुरी शेरवानी, इंडो वेस्टर्न शेरवानी,पाकिस्तानी शेरवानी जैसी कई प्रकार की शेरवानी मिलती है. 1944 में शुरू हुई मेहंदी हसन टेलर की दुकान अपनी बेहतरीन कारीगरी के ज़रिये अब अपनी एक अलग पहचान बन चुकी है. यही कारण है कि अमेरिका, न्यूजीलैंड व सऊदी अरब आदि देशों से शेरवानी बनवाने के लिए यहाँ आर्डर आते हैं. साथ ही अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से जुड़े अधिकांश लोग यही शेरवानी सिलवाने आते हैं.
राष्ट्रपति और सितारों की पसंदीदा शेरवानी की दुकान
दुकान मालिक अख्तर मेहंदी ने जानकारी देते हुए बताया कि हमारी यह दुकान शेरवानी के लिए स्पेशल तौर पर मशहूर है. हमारे यहां की शेरवानी की खूबी और खासियत यह है कि हम जो शेरवानी बनाते हैं. वह बॉडी फिट बनाते हैं जिस प्रकार बॉडी का स्ट्रक्चर होता है. हम उस हिसाब से शेरवानी के शेप को देते हैं. यह फन किसी और के पास नहीं है लोग इसी वजह से हमारे पास आते हैं अब तक हमारे यहां 10 प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया की शेरवानी सिल चुकी है. उन्होंने कहा कि चार हमारे वालिद साहब ने बनाई थी. जिसमे डॉ जाकिर हुसैन, नीलम संजीवा रेड्डी, फखरुद्दीन अली अहमद जैसे नाम शामिल हैं. उसके बाद हमने 6 प्रेसिडेंट की बनाई जिसमे रामनाथ कोविंद, प्रणब मुखर्जी, हामिद अंसारी, एपीजे अबुल कलाम साहब और शंकर दयाल शर्मा जी शामिल है.
81 साल पुरानी है दुकान
अख्तर मेहंदी ने बताया कि साल 1944 में हमारे पिताजी मेहंदी हसन ने ब्रिटिश शासन काल में इस दुकान की शुरुआत की थी. जिसको अब तकरीबन 81 साल हो चुके हैं. हमारे यहां की शेरवानी लोगों को इसलिए भी ज्यादा पसंद आती है क्योंकि हमारे यहां अच्छे मटेरियल यूज़ करने के अलावा हर बॉडी स्ट्रक्चर के हिसाब से खूबसूरत डिजाइन शेरवानी को दिया जाता है जो लोगों पर अच्छा लगता है. हमारे यहां मिनिमम 3500 रूपए की शेरवानी सिल जाती है. इसके अलावा शादियों के सीजन में हमारे यहां शेरवानी के साथ के नागरा जूते साथ मे ही दिए जाते हैं. हमारे यहां ऑफ सीजन में 5 से 6 शेरवानी प्रतिदिन सिल जाती हैं.
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पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें
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