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Gardening Tips And Tricks : किचन वेस्ट से जैविक खाद बनाकर पौधों की देखभाल करें. फलों और सब्जियों के छिलकों को सुखाकर गोबर और पानी मिलाएं. 4-5 दिनों बाद तैयार खाद पौधों में डालें. इससे पौधे स्वस्थ और तेजी से बढ़ते हैं. अक्सर पोषण की कमी के कारण हमारे शौक से लगाए गए पौधे मुरझाने लगते हैं. ऐसे में बाजार की महंगी खाद पर पैसा खर्च करने के बजाय अगर आप चाहें तो अपने ही किचन के कचरे को पौधों के लिए उपयोगी बना सकते हैं.
पाली. आप भी अपने घर के आंगन में या फिर बालकनी में सब्जियां और फल उगाने का शौक रखते हैं. हम सभी इस विश्वास के साथ बागवानी करते हैं कि बाजार की मिलावट और रसायनों से बच सकेंगे. अपनों की सेहत के लिए यह एक बेहतरीन कदम है, मगर इन पौधों की सिर्फ रोपाई करना ही काफी नहीं होता. इनकी सही देखभाल करना भी बेहद जरूरी है. अक्सर पोषण की कमी के कारण हमारे शौक से लगाए गए पौधे मुरझाने लगते हैं. ऐसे में बाजार की महंगी खाद पर पैसा खर्च करने के बजाय अगर आप चाहें तो अपने ही किचन के कचरे को पौधों के लिए उपयोगी बना सकते हैं. आपके घर से निकलने वाले फलों और सब्जियों के छिलके आपके बगीचे के लिए काला सोना साबित हो सकते हैं.
सबसे पहले फलों और सब्जियों के छिलकों को एक बाल्टी में 4 से 5 दिनों तक इकट्ठा करें. जब पर्याप्त मात्रा में छिलके जमा हो जाएं तो इन्हें तेज धूप में अच्छी तरह सुखा लें. इसके बाद सूखे हुए छिलकों को एक बाल्टी में डालें और उसमें थोड़ा गोबर तथा पानी मिलाकर एक घोल तैयार करें. इस मिश्रण को किसी ठंडी जगह पर 4 से 5 दिनों के लिए ढककर छोड़ दें. कुछ दिनों बाद यह एक बेहतरीन जैविक खाद के रूप में तैयार हो जाता है. इस खाद को हफ्ते में एक बार पौधों में डालने से उनकी वृद्धि तेजी से होने लगती है और पौधे अधिक स्वस्थ दिखाई देते हैं.
मिट्टी और पत्तों से तैयार करें कंपोस्ट
अगर आप ज्यादा मात्रा में खाद तैयार करना चाहते हैं तो एक बड़ा खाली गमला लें. सबसे पहले गमले में नीचे 2 से 3 इंच मिट्टी की परत बिछाएं. इसके ऊपर बारीक कटे हुए छिलकों की एक परत डालें और फिर सूखे पत्तों से उसे ढक दें. इसके बाद ऊपर से फिर थोड़ी मिट्टी डालें और हल्का पानी छिड़क दें. इस प्रक्रिया को इसी क्रम में दोहराया जा सकता है. करीब 30 से 40 दिनों के भीतर यह पूरी सामग्री गलकर बेहतरीन कंपोस्ट में बदल जाती है. इसके अलावा एक आसान तरीका तरल खाद बनाने का भी है. इसके लिए छिलकों को एक जार में भरकर उसमें पानी डाल दें और ढक्कन बंद कर दें. दो से तीन दिनों बाद इस पानी को छान लें. यह पोषक तत्वों से भरपूर तरल खाद पौधों की जड़ों में डाली जा सकती है.
किचन वेस्ट से पौधों को मिलती है नई जिंदगी
किचन वेस्ट का इस तरह उपयोग करना न केवल घर के कचरे को कम करने में मदद करता है बल्कि बगीचे के पौधों को भी प्राकृतिक पोषण देता है. इससे पौधों की वृद्धि बेहतर होती है और मिट्टी की गुणवत्ता भी सुधरती है. बिना किसी अतिरिक्त खर्च के यह तरीका आपके बगीचे को पूरी तरह ऑर्गेनिक बनाने में मदद करता है. इसलिए आज से ही फलों और सब्जियों के छिलकों को फेंकने के बजाय उनका सही उपयोग करें और अपने पौधों को नई जिंदगी दें.
About the Author
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
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