Success Story: मजदूर से मालिक बने छपरा के विनय, गांव में ही खड़ा कर दिया ये उद्योग, आज है लाखों में कमाई

Date:

[ad_1]

छपरा : बिहार में छपरा के युवा अब दूसरे राज्य में जाकर फैक्ट्री में काम करना पसंद नहीं कर रहे हैं. अपने ही जिला और गांव में उद्योग खोलकर कमाई करने के साथ-साथ दूसरे युवाओं को भी रोजगार देने का काम कर रहे हैं. आज हम जिले के जलालपुर प्रखंड अंतर्गत धराण बाजार निवासी विनय प्रसाद की कहानी बताने जा रहे हैं. जिन्होंने दूसरे के पास मजदूरी करते-करते फाइबर से कई सजावट का मेटेरियल तैयार करना कई वर्षों में सीख लिया.

विनय प्रसाद ने बताया कि उसके बाद घर पर मिट्टी की मूर्ति निर्माण कर बेचना शुरू किया. कुछ कमाई हुआ तो फाइबर का सजावट का सामान तैयार कर बेचने लगे, जिसमें कमाई बढ़ने लगी और कारोबार भी धीरे-धीरे बढ़ता गया. अभी इनके पास आधा दर्जन से अधिक लोग फाइबर के समान तैयार करने में सहयोग करते हैं. जो पहले बेरोजगार हुआ करते थे. यानी की लोगों को अब रोजगार भी देने लगे हैं. जो पहले एक मजदूर बनकर दूसरे के लिए काम करते थे. वह अब अपना उद्योग खोलकर खुद मालिक बन गए हैं.

जानें कैसे होता है तैयार, किस चीज में आता है काम

विनय प्रसाद पार्टी विवाह या किसी कार्यक्रम में सजावट के लिए लगाए जाने वाले फाइबर के स्टेज, मूर्ति, कठपुतली, मारो इत्यादि का सामान फाइबर में तैयार करते हैं. यहां से फाइबर का सामान खरीद कर लोग अपने विवाह भवन, जयमाला स्टेज, घर के सजावट के लिए ले जाते हैं, जिसको लगाने से उस जगह की सुंदरता बढ़ जाती है.

जानें कहां-कहां होता है बिक्री

छपरा में तैयार होने वाले फाइबर का प्रोडक्ट पूरे बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा सहित कई राज्यों में बिक्री होती है. एक समय था. जब हरियाणा से लोग फाइबर सजावट सामान खरीद कर लाते थे, लेकिन अब यहां से हरियाणा और कई राज्य में फाइबर का सजावट का सामान बेचने के लिए जा रहा है.

3 साल में सीखा था फाइबर सजावट का सामान बनाना

विनय प्रसाद ने लोकल 18 से बताया कि हम लोग 3 साल से फाइबर का सजावट सामान तैयार करके बेच रहे हैं. फाइबर का सामान बनाने के लिए वह मजदूरी करते थे. दूसरे के पास कई वर्षों तक फाइबर का सामान बनाते रहा, जहां पूरा काम सीख लेने के बाद भी उनके पास पूंजी नहीं थी कि अपना उद्योग खोलकर अच्छी कमाई कर सकें. उसके बाद वह और उनके भाई घर पर मिट्टी की मूर्ति दुर्गा पूजा, सरस्वती पूजा, लक्ष्मी पूजा में बनाकर बेचने का काम शुरू किया. जिसमें कुछ कमाई होने लगी.

विनय ने बताया कि उसके बाद फाइबर का सजावट कम बजट में बनाकर बेचने का कार्य शुरू कर दिया. जहां बिक्री लगातार बढ़ती गई. इसके साथ ही उनका भी कारोबार भी बढ़ गया. अब बड़े पैमाने पर फाइबर का सजावट सामान तैयार होता है. जिसकी बिक्री पूरे बिहार उत्तर प्रदेश, झारखंड सहित कई राज्यों में होती है. कई लोगों को आज उनके पास रोजगार भी मिला है. भविष्य में इस कारोबार को और बड़ा करने पर विचार कर रहे हैं. जिसमें अधिक से अधिक लोगों को रोजगार देने का भी लक्ष्य रखे हुए हैं.

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related