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एमआरएफ सेंटर में गीले कचरे को प्रोसेस कर जैविक खाद तैयार की जाती है, जिसे बाद में उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाता है.वहीं प्लास्टिक, बोतलें और अन्य सूखे कचरे को अलग कर सुरक्षित रूप से संग्रहित किया जाता है और समय-समय पर उसकी नीलामी की जाती है. इस प्रक्रिया से नगर पंचायत को अतिरिक्त आय प्राप्त होती है.
चित्रकूट: जिले के मानिकपुर पाठा क्षेत्र को कूड़ा मुक्त बनाने की दिशा में अब एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. स्वच्छता को आय से जोड़ने की इस पहल के तहत नगर पंचायत मानिकपुर ने एक ऐसी व्यवस्था शुरू की है, जिससे न केवल नगर की सफाई सुनिश्चित होगी बल्कि कचरे से कमाई कर विकास कार्यों को भी गति दी जाएगी,इस पहल के तहत मानिकपुर के ऐलाहा बढ़ैया में मैटेरियल रिकवरी सेंटर (एमआरएफ) प्लांट स्थापित किया गया है, जो अब नगर की स्वच्छता व्यवस्था का केंद्र बिंदु बनता जा रहा है.
कचरे का होता है प्रबंधन
बता दे कि यह प्लांट नगर से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए तैयार किया गया है. यहां घरेलू कचरे से लेकर प्लास्टिक, बोतलें और अन्य ठोस अपशिष्टों को अलग-अलग श्रेणियों में इकट्ठा किया जाता है,नगर पंचायत द्वारा इसके लिए पांच ई-रिक्शा भी संचालित किए जा रहे हैं, जो प्रतिदिन डोर-टू-डोर जाकर कचरा संग्रहण करते हैं. इससे न केवल लोगों को घर से बाहर कचरा फेंकने की जरूरत नहीं पड़ती बल्कि पूरे नगर में सफाई व्यवस्था भी बेहतर होती जा रही है.
इस एमआरएफ सेंटर में गीले कचरे को प्रोसेस कर जैविक खाद तैयार की जाती है, जिसे बाद में उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाता है.वहीं प्लास्टिक, बोतलें और अन्य सूखे कचरे को अलग कर सुरक्षित रूप से संग्रहित किया जाता है और समय-समय पर उसकी नीलामी की जाती है. इस प्रक्रिया से नगर पंचायत को अतिरिक्त आय प्राप्त होती है,इस आय को नगर के विकास कार्यों में लगाया जा रहा है.
एमआरएफ सेंटर के माध्यम से होता है कचरा निस्तारण
वही नगर पंचायत मानिकपुर के अधिशासी अधिकारी भारत सिंह ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि इस एमआरएफ सेंटर के माध्यम से कचरे का निस्तारण अब व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पहले जहां कचरा इधर-उधर फेंक दिया जाता था और उससे गंदगी फैलती थी, वहीं अब उसी कचरे से खाद बन रही है और प्लास्टिक जैसे अपशिष्ट आय का जरिया बन गए हैं. उन्होंने यह भी बताया कि यह पहल स्वच्छता के साथ-साथ आर्थिक मजबूती का मॉडल बनकर सामने आ रही है. नगर में गंदगी कम हो रही है, बीमारियों का खतरा घट रहा है और नगर पंचायत को विकास के लिए अतिरिक्त संसाधन भी मिल रहे हैं.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें
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